छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी, 22-23 जुलाई को 8 ट्रेनें रद्द

छत्तीसगढ़

On

भाटापारा-हथबंध के बीच तीसरी लाइन पर ऑटो सिग्नलिंग का होगा काम, रायपुर-बिलासपुर-कोरबा और गेवरा रोड रूट की मेमू-पैसेंजर सेवाएं रहेंगी प्रभावित

छत्तीसगढ़ में ट्रेन से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को 22 और 23 जुलाई को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा महत्वपूर्ण काम किया जाना है। इसके चलते बिलासपुर, रायपुर, कोरबा और गेवरा रोड के बीच चलने वाली 8 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में रद्द किया गया है। इन ट्रेनों पर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को अब दूसरे विकल्प तलाशने होंगे।

रेलवे की ओर से भाटापारा और हथबंध रेलवे स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन से जुड़े सेक्शन में काम किया जाना है। यहां ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम को कमीशन करने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग यानी एनआई कार्य प्रस्तावित है। रेलवे ट्रैक और सिग्नलिंग से जुड़ा यह काम ट्रेन संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। काम के दौरान ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही बनाए रखने के लिए कुछ सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया गया है।

सबसे ज्यादा असर 22 जुलाई को दिखाई देगा। इस दिन रायपुर से बिलासपुर, बिलासपुर से गेवरा रोड, कोरबा से रायपुर और दूसरे लोकल रूट पर चलने वाली सात ट्रेनें नहीं चलेंगी। 23 जुलाई को भी एक मेमू पैसेंजर सेवा रद्द रहेगी। इसके अलावा झारसुगुड़ा और गोंदिया के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन के रूट को भी सीमित किया गया है। यह ट्रेन निर्धारित पूरे मार्ग के बजाय बिलासपुर तक ही संचालित होगी।

लोकल मेमू और पैसेंजर ट्रेनों के रद्द होने का सीधा असर दैनिक यात्रियों पर पड़ सकता है। रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, कोरबा और गेवरा रोड के बीच बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार, पढ़ाई और दूसरे जरूरी कामों के लिए रोज ट्रेन से सफर करते हैं। कम किराए और नियमित संचालन के कारण इन रूटों पर मेमू ट्रेनें यात्रियों की पहली पसंद रहती हैं। एक साथ कई सेवाएं रद्द होने से दूसरी ट्रेनों और सड़क परिवहन पर यात्री दबाव बढ़ सकता है।

रेलवे के मुताबिक भाटापारा-हथबंध सेक्शन में तीसरी लाइन के साथ ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम को शुरू करने की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसके लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य जरूरी होता है। इस दौरान सिग्नल, ट्रैक और रेलवे संचालन से जुड़े सिस्टम को नई व्यवस्था के साथ जोड़ा जाता है। तकनीकी काम के कारण उस सेक्शन में सामान्य रेल परिचालन प्रभावित हो सकता है, इसलिए रेलवे ने पहले से ट्रेनों को रद्द और नियंत्रित करने का निर्णय लिया है।

तीसरी रेल लाइन का काम इस पूरे रेल मार्ग की क्षमता बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बिलासपुर-रायपुर रेल कॉरिडोर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस सेक्शन से यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी संख्या में मालगाड़ियां भी गुजरती हैं। ज्यादा ट्रेनों के संचालन के कारण कई बार एक ट्रेन को पास कराने के लिए दूसरी ट्रेन को रोकना पड़ता है। अतिरिक्त लाइन मिलने से भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

ऑटो सिग्नलिंग व्यवस्था भी रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सामान्य सिग्नलिंग व्यवस्था की तुलना में इसके जरिए एक ही रेल सेक्शन पर ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे ट्रैक की उपलब्ध क्षमता का बेहतर इस्तेमाल होता है। भाटापारा और हथबंध के बीच नई व्यवस्था शुरू करने के लिए ही रेलवे को निर्धारित समय तक तकनीकी ब्लॉक लेना पड़ रहा है।

22 जुलाई को सबसे पहले प्रभावित होने वाली ट्रेनों में गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर शामिल है। यह ट्रेन उस दिन अपने निर्धारित रूट पर नहीं चलेगी। रायपुर से बिलासपुर के बीच छोटे और मध्यम स्टेशनों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह महत्वपूर्ण लोकल सेवा है। इसके रद्द होने से सुबह और दिन के समय यात्रा करने वालों को दूसरी ट्रेनों के समय के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ सकती है।

इसी दिन गाड़ी संख्या 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर भी रद्द रहेगी। यह ट्रेन बिलासपुर से कोरबा क्षेत्र और गेवरा रोड की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी है। औद्योगिक और कोयला क्षेत्र होने के कारण इस रूट पर कर्मचारियों और स्थानीय यात्रियों की आवाजाही लगातार रहती है। ट्रेन नहीं चलने से बिलासपुर से कोरबा और गेवरा रोड की ओर जाने वाले लोगों को दूसरे रेल या सड़क विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

गेवरा रोड से वापस बिलासपुर आने वाली गाड़ी संख्या 68733 मेमू पैसेंजर को भी 22 जुलाई के लिए रद्द किया गया है। इस सेवा का इस्तेमाल कोरबा और आसपास के इलाकों से बिलासपुर आने वाले दैनिक यात्री करते हैं। दोनों दिशाओं की मेमू सेवाएं प्रभावित होने से इस रूट पर दिनभर यात्रा की उपलब्धता कम हो सकती है। यात्रियों को निकलने से पहले दूसरी ट्रेनों का समय देखना जरूरी होगा।

बिलासपुर से रायपुर के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 68719 मेमू पैसेंजर भी 22 जुलाई को नहीं चलेगी। राजधानी रायपुर और बिलासपुर के बीच रोज बड़ी संख्या में यात्री आवाजाही करते हैं। दोनों शहरों के बीच नौकरी, सरकारी काम, शिक्षा और व्यापार के कारण यात्री दबाव सामान्य दिनों में भी अधिक रहता है। मेमू सेवा रद्द होने से अन्य एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की स्थिति बन सकती है।

कोरबा और रायपुर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी ट्रेन रद्द होने का असर पड़ेगा। गाड़ी संख्या 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर को 22 जुलाई के लिए कैंसिल किया गया है। यह ट्रेन कोरबा से राजधानी की ओर आने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सेवा है। रास्ते में पड़ने वाले छोटे स्टेशनों के यात्रियों के पास लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के मुकाबले सीमित विकल्प रहते हैं, इसलिए पैसेंजर सेवा रद्द होने से उनकी परेशानी ज्यादा हो सकती है।

इसी ट्रेन की विपरीत दिशा में चलने वाली गाड़ी संख्या 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर भी 22 जुलाई को रद्द रहेगी। रायपुर से बिलासपुर होते हुए कोरबा की तरफ जाने वाले यात्रियों को इसका विकल्प तलाशना होगा। खासकर उन यात्रियों पर ज्यादा असर पड़ेगा जो छोटे स्टेशनों तक यात्रा करते हैं, क्योंकि सभी एक्सप्रेस ट्रेनें वहां नहीं रुकतीं। रेलवे की ओर से यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी जाती है।

रायपुर से गेवरा रोड जाने वाली गाड़ी संख्या 68746 मेमू पैसेंजर को भी 22 जुलाई को रद्द रखा गया है। इस ट्रेन के जरिए रायपुर और बिलासपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में यात्री कोरबा तथा गेवरा रोड तक पहुंचते हैं। गेवरा रोड देश के बड़े कोयला उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है और यहां काम करने वाले कर्मचारियों की रेल पर निर्भरता काफी अधिक है। सेवा रद्द होने से कामकाजी यात्रियों को भी अपनी यात्रा व्यवस्था में बदलाव करना पड़ सकता है।

23 जुलाई को भी रेल परिचालन पूरी तरह सामान्य नहीं होगा। इस दिन गाड़ी संख्या 68745 कोरबा-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी। यानी तकनीकी कार्य का असर अगले दिन भी यात्रियों पर दिखाई देगा। कोरबा से बिलासपुर होते हुए रायपुर आने वाले यात्रियों को इस ट्रेन की जगह दूसरी उपलब्ध सेवाओं का सहारा लेना होगा। नियमित यात्रियों को अपने समय और कनेक्टिंग यात्रा को ध्यान में रखते हुए पहले से योजना बनानी पड़ सकती है।

इन आठ ट्रेनों के अलावा झारसुगुड़ा-गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू का संचालन भी प्रभावित रहेगा। 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68862/68861 अपने पूरे निर्धारित रूट पर नहीं चलेगी। रेलवे की व्यवस्था के अनुसार ट्रेन को बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त किया जाएगा और वापसी में इसका संचालन भी बिलासपुर से शुरू होगा। इस वजह से बिलासपुर से आगे गोंदिया तक इसका नियमित परिचालन उस दिन उपलब्ध नहीं रहेगा।

झारसुगुड़ा से आने वाले यात्री इस मेमू से बिलासपुर तक पहुंच सकेंगे, लेकिन आगे गोंदिया की दिशा में इसी ट्रेन से यात्रा नहीं कर पाएंगे। इसी तरह गोंदिया की ओर से निर्धारित सेवा का बिलासपुर तक का हिस्सा प्रभावित रहेगा। बिलासपुर-गोंदिया-बिलासपुर सेक्शन में ट्रेन का संचालन रद्द रखा गया है। इस मार्ग के बीच पड़ने वाले स्टेशनों से यात्रा करने वाले लोगों को दूसरी उपलब्ध ट्रेनों की जानकारी लेकर सफर करना होगा।

ट्रेनों के कैंसिल होने से रायपुर और बिलासपुर के बीच यात्रा करने वालों की मुश्किलें ज्यादा बढ़ सकती हैं। यह प्रदेश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है। दोनों शहरों के बीच रोज हजारों लोग रेल से आते-जाते हैं। लोकल ट्रेनें रद्द होने की स्थिति में यात्रियों का दबाव एक्सप्रेस ट्रेनों, बसों और निजी वाहनों पर बढ़ सकता है। भाटापारा जैसे प्रमुख स्टेशन से यात्रा करने वाले लोगों को भी इसका असर झेलना पड़ेगा।

कोरबा और गेवरा रोड रूट पर भी स्थिति ऐसी ही रह सकती है। यह क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों और कोयला खदानों के कारण महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में कर्मचारी और स्थानीय लोग बिलासपुर तथा रायपुर आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का किराया कम होने के कारण रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए ये सेवाएं ज्यादा सुविधाजनक होती हैं। लगातार सेवाएं रद्द होने पर उन्हें सड़क मार्ग से सफर करना महंगा पड़ सकता है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का कहना है कि रेल नेटवर्क में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़े काम लगातार किए जा रहे हैं। तीसरी और चौथी लाइन, स्टेशन यार्ड, सिग्नलिंग और ट्रैक से जुड़े कामों के दौरान कई बार ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव करना पड़ता है। रेलवे का दावा है कि काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की क्षमता, समयबद्धता और संचालन व्यवस्था में सुधार होगा। फिलहाल निर्माण और तकनीकी काम के कारण यात्रियों को कुछ समय के लिए असुविधा उठानी पड़ रही है।

भाटापारा-हथबंध के बीच तीसरी लाइन शुरू होने के बाद इस रेल सेक्शन में ट्रैफिक संभालने की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। रायपुर-बिलासपुर रूट यात्री और माल परिवहन दोनों के लिहाज से बेहद व्यस्त है। बिलासपुर रेलवे जोन देश में माल ढुलाई के प्रमुख जोन में शामिल है। कोयला और दूसरे औद्योगिक माल की बड़ी मात्रा इसी नेटवर्क से गुजरती है। ऐसे में अतिरिक्त लाइन मिलने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा।

रेलवे के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य तकनीकी रूप से काफी महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। नई लाइन को मौजूदा ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम से जोड़ने के दौरान सुरक्षा से जुड़े कई परीक्षण किए जाते हैं। सिग्नल, पॉइंट और ट्रैक सर्किट के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के बाद ही नए सिस्टम को नियमित संचालन के लिए खोला जाता है। इसी कारण काम के दौरान उस सेक्शन में ट्रेनों की संख्या सीमित करनी पड़ती है या कुछ सेवाओं को पूरी तरह रद्द किया जाता है।

22 जुलाई को यात्रा की योजना बना चुके यात्रियों के लिए ट्रेन की स्थिति पहले जांचना जरूरी होगा। खासकर रायपुर-बिलासपुर, बिलासपुर-गेवरा रोड, कोरबा-रायपुर और रायपुर-गेवरा रोड के बीच सफर करने वालों पर बदलाव का सीधा असर पड़ेगा। जिन यात्रियों ने आगे किसी दूसरी ट्रेन से कनेक्टिंग यात्रा की योजना बनाई है, उन्हें अतिरिक्त समय लेकर निकलना पड़ सकता है। अचानक स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन रद्द मिलने से परेशानी ज्यादा हो सकती है।

23 जुलाई को कोरबा-रायपुर मेमू रद्द रहने के कारण इस रूट के यात्रियों को भी वैकल्पिक ट्रेन का समय देखना होगा। बाकी सेवाओं का संचालन तकनीकी कार्य और रेलवे की परिचालन स्थिति के अनुसार किया जाएगा। यात्रियों को स्टेशन सूचना प्रणाली और रेलवे की आधिकारिक ट्रेन इंक्वायरी सेवा से अपडेट लेने की जरूरत होगी। खासकर लोकल और दैनिक यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख और ट्रेन नंबर ध्यान से जांचना होगा।

रद्द होने वाली ट्रेनें

  1. 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू – 22 जुलाई
  2. 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू – 22 जुलाई
  3. 68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू – 22 जुलाई
  4. 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू – 22 जुलाई
  5. 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर – 22 जुलाई
  6. 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर – 22 जुलाई
  7. 68746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू – 22 जुलाई
  8. 68745 कोरबा-रायपुर मेमू – 23 जुलाई

बदले रूट वाली ट्रेन: 22 जुलाई को 68862/68861 झारसुगुड़ा-गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू बिलासपुर में समाप्त होकर वहीं से वापस चलेगी। बिलासपुर-गोंदिया-बिलासपुर के बीच इसकी सेवा रद्द रहेगी।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
21 Jul 2026 By Priyanka

छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी, 22-23 जुलाई को 8 ट्रेनें रद्द

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में ट्रेन से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को 22 और 23 जुलाई को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा महत्वपूर्ण काम किया जाना है। इसके चलते बिलासपुर, रायपुर, कोरबा और गेवरा रोड के बीच चलने वाली 8 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में रद्द किया गया है। इन ट्रेनों पर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को अब दूसरे विकल्प तलाशने होंगे।

रेलवे की ओर से भाटापारा और हथबंध रेलवे स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन से जुड़े सेक्शन में काम किया जाना है। यहां ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम को कमीशन करने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग यानी एनआई कार्य प्रस्तावित है। रेलवे ट्रैक और सिग्नलिंग से जुड़ा यह काम ट्रेन संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। काम के दौरान ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही बनाए रखने के लिए कुछ सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया गया है।

सबसे ज्यादा असर 22 जुलाई को दिखाई देगा। इस दिन रायपुर से बिलासपुर, बिलासपुर से गेवरा रोड, कोरबा से रायपुर और दूसरे लोकल रूट पर चलने वाली सात ट्रेनें नहीं चलेंगी। 23 जुलाई को भी एक मेमू पैसेंजर सेवा रद्द रहेगी। इसके अलावा झारसुगुड़ा और गोंदिया के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन के रूट को भी सीमित किया गया है। यह ट्रेन निर्धारित पूरे मार्ग के बजाय बिलासपुर तक ही संचालित होगी।

लोकल मेमू और पैसेंजर ट्रेनों के रद्द होने का सीधा असर दैनिक यात्रियों पर पड़ सकता है। रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, कोरबा और गेवरा रोड के बीच बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार, पढ़ाई और दूसरे जरूरी कामों के लिए रोज ट्रेन से सफर करते हैं। कम किराए और नियमित संचालन के कारण इन रूटों पर मेमू ट्रेनें यात्रियों की पहली पसंद रहती हैं। एक साथ कई सेवाएं रद्द होने से दूसरी ट्रेनों और सड़क परिवहन पर यात्री दबाव बढ़ सकता है।

रेलवे के मुताबिक भाटापारा-हथबंध सेक्शन में तीसरी लाइन के साथ ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम को शुरू करने की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसके लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य जरूरी होता है। इस दौरान सिग्नल, ट्रैक और रेलवे संचालन से जुड़े सिस्टम को नई व्यवस्था के साथ जोड़ा जाता है। तकनीकी काम के कारण उस सेक्शन में सामान्य रेल परिचालन प्रभावित हो सकता है, इसलिए रेलवे ने पहले से ट्रेनों को रद्द और नियंत्रित करने का निर्णय लिया है।

तीसरी रेल लाइन का काम इस पूरे रेल मार्ग की क्षमता बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बिलासपुर-रायपुर रेल कॉरिडोर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस सेक्शन से यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी संख्या में मालगाड़ियां भी गुजरती हैं। ज्यादा ट्रेनों के संचालन के कारण कई बार एक ट्रेन को पास कराने के लिए दूसरी ट्रेन को रोकना पड़ता है। अतिरिक्त लाइन मिलने से भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

ऑटो सिग्नलिंग व्यवस्था भी रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सामान्य सिग्नलिंग व्यवस्था की तुलना में इसके जरिए एक ही रेल सेक्शन पर ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे ट्रैक की उपलब्ध क्षमता का बेहतर इस्तेमाल होता है। भाटापारा और हथबंध के बीच नई व्यवस्था शुरू करने के लिए ही रेलवे को निर्धारित समय तक तकनीकी ब्लॉक लेना पड़ रहा है।

22 जुलाई को सबसे पहले प्रभावित होने वाली ट्रेनों में गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर शामिल है। यह ट्रेन उस दिन अपने निर्धारित रूट पर नहीं चलेगी। रायपुर से बिलासपुर के बीच छोटे और मध्यम स्टेशनों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह महत्वपूर्ण लोकल सेवा है। इसके रद्द होने से सुबह और दिन के समय यात्रा करने वालों को दूसरी ट्रेनों के समय के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ सकती है।

इसी दिन गाड़ी संख्या 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर भी रद्द रहेगी। यह ट्रेन बिलासपुर से कोरबा क्षेत्र और गेवरा रोड की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी है। औद्योगिक और कोयला क्षेत्र होने के कारण इस रूट पर कर्मचारियों और स्थानीय यात्रियों की आवाजाही लगातार रहती है। ट्रेन नहीं चलने से बिलासपुर से कोरबा और गेवरा रोड की ओर जाने वाले लोगों को दूसरे रेल या सड़क विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

गेवरा रोड से वापस बिलासपुर आने वाली गाड़ी संख्या 68733 मेमू पैसेंजर को भी 22 जुलाई के लिए रद्द किया गया है। इस सेवा का इस्तेमाल कोरबा और आसपास के इलाकों से बिलासपुर आने वाले दैनिक यात्री करते हैं। दोनों दिशाओं की मेमू सेवाएं प्रभावित होने से इस रूट पर दिनभर यात्रा की उपलब्धता कम हो सकती है। यात्रियों को निकलने से पहले दूसरी ट्रेनों का समय देखना जरूरी होगा।

बिलासपुर से रायपुर के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 68719 मेमू पैसेंजर भी 22 जुलाई को नहीं चलेगी। राजधानी रायपुर और बिलासपुर के बीच रोज बड़ी संख्या में यात्री आवाजाही करते हैं। दोनों शहरों के बीच नौकरी, सरकारी काम, शिक्षा और व्यापार के कारण यात्री दबाव सामान्य दिनों में भी अधिक रहता है। मेमू सेवा रद्द होने से अन्य एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की स्थिति बन सकती है।

कोरबा और रायपुर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी ट्रेन रद्द होने का असर पड़ेगा। गाड़ी संख्या 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर को 22 जुलाई के लिए कैंसिल किया गया है। यह ट्रेन कोरबा से राजधानी की ओर आने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सेवा है। रास्ते में पड़ने वाले छोटे स्टेशनों के यात्रियों के पास लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के मुकाबले सीमित विकल्प रहते हैं, इसलिए पैसेंजर सेवा रद्द होने से उनकी परेशानी ज्यादा हो सकती है।

इसी ट्रेन की विपरीत दिशा में चलने वाली गाड़ी संख्या 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर भी 22 जुलाई को रद्द रहेगी। रायपुर से बिलासपुर होते हुए कोरबा की तरफ जाने वाले यात्रियों को इसका विकल्प तलाशना होगा। खासकर उन यात्रियों पर ज्यादा असर पड़ेगा जो छोटे स्टेशनों तक यात्रा करते हैं, क्योंकि सभी एक्सप्रेस ट्रेनें वहां नहीं रुकतीं। रेलवे की ओर से यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी जाती है।

रायपुर से गेवरा रोड जाने वाली गाड़ी संख्या 68746 मेमू पैसेंजर को भी 22 जुलाई को रद्द रखा गया है। इस ट्रेन के जरिए रायपुर और बिलासपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में यात्री कोरबा तथा गेवरा रोड तक पहुंचते हैं। गेवरा रोड देश के बड़े कोयला उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है और यहां काम करने वाले कर्मचारियों की रेल पर निर्भरता काफी अधिक है। सेवा रद्द होने से कामकाजी यात्रियों को भी अपनी यात्रा व्यवस्था में बदलाव करना पड़ सकता है।

23 जुलाई को भी रेल परिचालन पूरी तरह सामान्य नहीं होगा। इस दिन गाड़ी संख्या 68745 कोरबा-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी। यानी तकनीकी कार्य का असर अगले दिन भी यात्रियों पर दिखाई देगा। कोरबा से बिलासपुर होते हुए रायपुर आने वाले यात्रियों को इस ट्रेन की जगह दूसरी उपलब्ध सेवाओं का सहारा लेना होगा। नियमित यात्रियों को अपने समय और कनेक्टिंग यात्रा को ध्यान में रखते हुए पहले से योजना बनानी पड़ सकती है।

इन आठ ट्रेनों के अलावा झारसुगुड़ा-गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू का संचालन भी प्रभावित रहेगा। 22 जुलाई को गाड़ी संख्या 68862/68861 अपने पूरे निर्धारित रूट पर नहीं चलेगी। रेलवे की व्यवस्था के अनुसार ट्रेन को बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त किया जाएगा और वापसी में इसका संचालन भी बिलासपुर से शुरू होगा। इस वजह से बिलासपुर से आगे गोंदिया तक इसका नियमित परिचालन उस दिन उपलब्ध नहीं रहेगा।

झारसुगुड़ा से आने वाले यात्री इस मेमू से बिलासपुर तक पहुंच सकेंगे, लेकिन आगे गोंदिया की दिशा में इसी ट्रेन से यात्रा नहीं कर पाएंगे। इसी तरह गोंदिया की ओर से निर्धारित सेवा का बिलासपुर तक का हिस्सा प्रभावित रहेगा। बिलासपुर-गोंदिया-बिलासपुर सेक्शन में ट्रेन का संचालन रद्द रखा गया है। इस मार्ग के बीच पड़ने वाले स्टेशनों से यात्रा करने वाले लोगों को दूसरी उपलब्ध ट्रेनों की जानकारी लेकर सफर करना होगा।

ट्रेनों के कैंसिल होने से रायपुर और बिलासपुर के बीच यात्रा करने वालों की मुश्किलें ज्यादा बढ़ सकती हैं। यह प्रदेश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है। दोनों शहरों के बीच रोज हजारों लोग रेल से आते-जाते हैं। लोकल ट्रेनें रद्द होने की स्थिति में यात्रियों का दबाव एक्सप्रेस ट्रेनों, बसों और निजी वाहनों पर बढ़ सकता है। भाटापारा जैसे प्रमुख स्टेशन से यात्रा करने वाले लोगों को भी इसका असर झेलना पड़ेगा।

कोरबा और गेवरा रोड रूट पर भी स्थिति ऐसी ही रह सकती है। यह क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों और कोयला खदानों के कारण महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में कर्मचारी और स्थानीय लोग बिलासपुर तथा रायपुर आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का किराया कम होने के कारण रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए ये सेवाएं ज्यादा सुविधाजनक होती हैं। लगातार सेवाएं रद्द होने पर उन्हें सड़क मार्ग से सफर करना महंगा पड़ सकता है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का कहना है कि रेल नेटवर्क में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़े काम लगातार किए जा रहे हैं। तीसरी और चौथी लाइन, स्टेशन यार्ड, सिग्नलिंग और ट्रैक से जुड़े कामों के दौरान कई बार ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव करना पड़ता है। रेलवे का दावा है कि काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की क्षमता, समयबद्धता और संचालन व्यवस्था में सुधार होगा। फिलहाल निर्माण और तकनीकी काम के कारण यात्रियों को कुछ समय के लिए असुविधा उठानी पड़ रही है।

भाटापारा-हथबंध के बीच तीसरी लाइन शुरू होने के बाद इस रेल सेक्शन में ट्रैफिक संभालने की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। रायपुर-बिलासपुर रूट यात्री और माल परिवहन दोनों के लिहाज से बेहद व्यस्त है। बिलासपुर रेलवे जोन देश में माल ढुलाई के प्रमुख जोन में शामिल है। कोयला और दूसरे औद्योगिक माल की बड़ी मात्रा इसी नेटवर्क से गुजरती है। ऐसे में अतिरिक्त लाइन मिलने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा।

रेलवे के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य तकनीकी रूप से काफी महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। नई लाइन को मौजूदा ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम से जोड़ने के दौरान सुरक्षा से जुड़े कई परीक्षण किए जाते हैं। सिग्नल, पॉइंट और ट्रैक सर्किट के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के बाद ही नए सिस्टम को नियमित संचालन के लिए खोला जाता है। इसी कारण काम के दौरान उस सेक्शन में ट्रेनों की संख्या सीमित करनी पड़ती है या कुछ सेवाओं को पूरी तरह रद्द किया जाता है।

22 जुलाई को यात्रा की योजना बना चुके यात्रियों के लिए ट्रेन की स्थिति पहले जांचना जरूरी होगा। खासकर रायपुर-बिलासपुर, बिलासपुर-गेवरा रोड, कोरबा-रायपुर और रायपुर-गेवरा रोड के बीच सफर करने वालों पर बदलाव का सीधा असर पड़ेगा। जिन यात्रियों ने आगे किसी दूसरी ट्रेन से कनेक्टिंग यात्रा की योजना बनाई है, उन्हें अतिरिक्त समय लेकर निकलना पड़ सकता है। अचानक स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन रद्द मिलने से परेशानी ज्यादा हो सकती है।

23 जुलाई को कोरबा-रायपुर मेमू रद्द रहने के कारण इस रूट के यात्रियों को भी वैकल्पिक ट्रेन का समय देखना होगा। बाकी सेवाओं का संचालन तकनीकी कार्य और रेलवे की परिचालन स्थिति के अनुसार किया जाएगा। यात्रियों को स्टेशन सूचना प्रणाली और रेलवे की आधिकारिक ट्रेन इंक्वायरी सेवा से अपडेट लेने की जरूरत होगी। खासकर लोकल और दैनिक यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख और ट्रेन नंबर ध्यान से जांचना होगा।

रद्द होने वाली ट्रेनें

  1. 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू – 22 जुलाई
  2. 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू – 22 जुलाई
  3. 68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू – 22 जुलाई
  4. 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू – 22 जुलाई
  5. 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर – 22 जुलाई
  6. 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर – 22 जुलाई
  7. 68746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू – 22 जुलाई
  8. 68745 कोरबा-रायपुर मेमू – 23 जुलाई

बदले रूट वाली ट्रेन: 22 जुलाई को 68862/68861 झारसुगुड़ा-गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू बिलासपुर में समाप्त होकर वहीं से वापस चलेगी। बिलासपुर-गोंदिया-बिलासपुर के बीच इसकी सेवा रद्द रहेगी।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/problems-of-railway-passengers-will-increase-in-chhattisgarh-8-trains/article-59371

खबरें और भी हैं

FCRA संशोधन विधेयक, 2026: राष्ट्रीय हित और पारदर्शिता के बीच संतुलन
कौन होगा दतिया विधानसभा उपचुनाव में जनता की पहली पसंद?
Select one option below:

टाप न्यूज

FCRA संशोधन विधेयक, 2026: राष्ट्रीय हित और पारदर्शिता के बीच संतुलन

हर संप्रभु लोकतंत्र के सामने एक समान संस्थागत चुनौती होती है विदेशी वित्तपोषण को किस प्रकार विनियमित किया जाए ताकि...
देश विदेश 
FCRA संशोधन विधेयक, 2026: राष्ट्रीय हित और पारदर्शिता के बीच संतुलन

मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास, अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार

शादी, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों के लिए समान व्यवस्था का प्रस्ताव; सीएम मोहन यादव ने बताया...
टॉप न्यूज़  मध्य प्रदेश 
मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास, अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार

अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़ा, पहली तिमाही में ₹1,149 करोड़ पहुंचा

अप्रैल-जून में कंपनी का रेवेन्यू 42.4% बढ़कर ₹9,711 करोड़; ट्रांसमिशन, स्मार्ट मीटरिंग और एनर्जी सॉल्यूशंस कारोबार में मजबूत बढ़त
बिजनेस 
अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़ा, पहली तिमाही में ₹1,149 करोड़ पहुंचा

सस्ते कपड़ों की असली कीमत कौन चुकाए? Fast Fashion ब्रांड्स पर ‘वेस्ट टैक्स’ लगाने की बढ़ी बहस

कुछ बार पहनकर फेंके जाने वाले कपड़ों से बढ़ रहा टेक्सटाइल कचरा; सवाल- सफाई और रिसाइक्लिंग का खर्च ग्राहक उठाए,...
ओपीनियन 
सस्ते कपड़ों की असली कीमत कौन चुकाए? Fast Fashion ब्रांड्स पर ‘वेस्ट टैक्स’ लगाने की बढ़ी बहस

बिजनेस

अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़ा, पहली तिमाही में ₹1,149 करोड़ पहुंचा अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़ा, पहली तिमाही में ₹1,149 करोड़ पहुंचा
अप्रैल-जून में कंपनी का रेवेन्यू 42.4% बढ़कर ₹9,711 करोड़; ट्रांसमिशन, स्मार्ट मीटरिंग और एनर्जी सॉल्यूशंस कारोबार में मजबूत बढ़त
शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी पर वैश्विक तनाव का असर; कच्चे तेल और बिटकॉइन पर भी नजर
सरकार का बड़ा बयान: E20 पेट्रोल से इंजन पर असर नहीं, LTCG टैक्स में राहत का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं
सर्राफा बाजार में फिर चमका सोना-चांदी, गोल्ड ₹1.42 लाख के करीब; चांदी ₹2.19 लाख प्रति किलो
महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाई भारत की चिंता, ब्रेंट $90 के पार; महंगाई से रुपए तक दिख सकता है असर
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.