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अटल प्रोग्रेस-वे से चंबल अंचल को नई रफ्तार, विकास और कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल (म.प्र.)
दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ हाईवे से जुड़ेगा चंबल क्षेत्र, उद्योग, पर्यटन और कृषि को मिलेगा प्रोत्साहन
मध्यप्रदेश के चंबल क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति देने के उद्देश्य से प्रस्तावित अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क अवसंरचना किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ होती है और अटल प्रोग्रेस-वे से मुरैना, श्योपुर और भिंड जिलों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़कर क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकेगी।
आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इस मार्ग के माध्यम से चंबल क्षेत्र राजस्थान के दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे और उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ हाईवे से सीधे जुड़ेगा। इससे कोटा, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, आगरा और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंच आसान होगी और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक निवेश, व्यापार-व्यवसाय और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी। उन्होंने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और संवेदनशील बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों और स्थानीय निवासियों की सहमति और संतुष्टि के साथ ही कार्यवाही की जाए।
बैठक में अटल प्रोग्रेस-वे के दो प्रस्तावित विकल्पों का तुलनात्मक प्रस्तुतीकरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तकनीकी, पर्यावरणीय और सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सबसे उपयुक्त विकल्प को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना समयबद्ध और लागत प्रभावी ढंग से पूरी हो सके।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक और महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। उन्होंने पेंच राष्ट्रीय उद्यान, कान्हा टाइगर रिजर्व, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पन्ना राष्ट्रीय उद्यान को जोड़ने वाले 625 किलोमीटर लंबे मार्ग को ‘टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने की मंशा के अनुरूप है।
उन्होंने कहा कि टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर से प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ेंगे। बेहतर सड़क नेटवर्क से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे होटल, परिवहन और स्थानीय व्यवसायों को लाभ पहुंचेगा।
बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्ययोजना से अवगत कराया।
विशेषज्ञों का मानना है कि अटल प्रोग्रेस-वे और टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं चंबल अंचल की वर्षों पुरानी कनेक्टिविटी की समस्या को दूर करेंगी और क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगी।
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