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बेजुबान पक्षियों और राहगीरों का आसरा बना एमसीयू, हिन्दी परिवार ने लगाए सकोरे और निःशुल्क प्याऊ
Bhopal, MP
कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने की पहल की सराहना
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के हिन्दी परिवार ने ग्रीष्मकालीन सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी मानवता और पर्यावरण संरक्षण का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। हिन्दी परिवार के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर राहगीरों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था करते हुए मिट्टी के घड़े स्थापित किए, वहीं परिसर के विभिन्न स्थानों पर बेजुबान पक्षियों के लिए पानी से भरे सकोरे लगाए।
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इस सराहनीय पहल का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने किया। उन्होंने हिन्दी परिवार के संस्थापक ओमकार अवस्थी और उनकी टीम की इस संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करते हैं। हिन्दी परिवार की टीम के प्रयासों से यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे भीषण गर्मी के दौरान राहगीरों और पक्षियों को राहत मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने हिन्दी परिवार की इस सामाजिक एवं मानवीय पहल की सराहना करते हुए टीम को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर हिन्दी परिवार के सदस्य तुषार खत्री, निखिल चतुर्वेदी, हर्ष पांडे, अन्वेय रघुवंशी, मुस्कान शर्मा, सुंदरम सिंह, तनुश्री गुप्ता, वैष्णवी तिवारी, मुस्कान कुमारी, अनंत वशिष्ठ, ज्योति शुक्ला, विकास गुप्ता सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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Bhopal, MP
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के हिन्दी परिवार ने ग्रीष्मकालीन सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी मानवता और पर्यावरण संरक्षण का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। हिन्दी परिवार के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर राहगीरों के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था करते हुए मिट्टी के घड़े स्थापित किए, वहीं परिसर के विभिन्न स्थानों पर बेजुबान पक्षियों के लिए पानी से भरे सकोरे लगाए।
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इस सराहनीय पहल का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने किया। उन्होंने हिन्दी परिवार के संस्थापक ओमकार अवस्थी और उनकी टीम की इस संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करते हैं। हिन्दी परिवार की टीम के प्रयासों से यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे भीषण गर्मी के दौरान राहगीरों और पक्षियों को राहत मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने हिन्दी परिवार की इस सामाजिक एवं मानवीय पहल की सराहना करते हुए टीम को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर हिन्दी परिवार के सदस्य तुषार खत्री, निखिल चतुर्वेदी, हर्ष पांडे, अन्वेय रघुवंशी, मुस्कान शर्मा, सुंदरम सिंह, तनुश्री गुप्ता, वैष्णवी तिवारी, मुस्कान कुमारी, अनंत वशिष्ठ, ज्योति शुक्ला, विकास गुप्ता सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

