- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- CJP आंदोलन के बीच राहुल, प्रियंका और अखिलेश हिरासत में, जंतर-मंतर पर फिर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी
CJP आंदोलन के बीच राहुल, प्रियंका और अखिलेश हिरासत में, जंतर-मंतर पर फिर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी
Digital Desk
दिल्ली में CJP आंदोलन के दौरान विपक्षी नेताओं को प्रधानमंत्री आवास के पास पुलिस ने हिरासत में लिया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहा, जबकि सोनम वांगचुक को हाईकोर्ट की अनुमति के बाद मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद इसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिला। मंगलवार देर रात तक भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए। राजधानी भोपाल में राजभवन के सामने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता धरने पर बैठे रहे। देर रात पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को पुलिस वाहनों से अन्य स्थानों पर ले जाया गया। वहीं विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठे रहे। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखी।
भोपाल में शाम से ही कांग्रेस कार्यकर्ता राजभवन के सामने जुटने लगे थे। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रही है और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश के हर जिले और ब्लॉक स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। देर रात पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से निर्धारित नियमों का पालन करने और धरना समाप्त करने की अपील की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को वहां से हटाया। प्रशासन की ओर से कहा गया कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है और उसी के अनुरूप कदम उठाए गए।
उधर मध्य प्रदेश विधानसभा में भी दिनभर राजनीतिक हलचल बनी रही। कार्यवाही समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया, जबकि संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बातचीत के लिए पहुंचे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य बनी रही। विधानसभा परिसर में पूरे समय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और अधिकारियों ने घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।
राजधानी के अलावा रतलाम, जबलपुर, खंडवा, हरदा, शाजापुर, टीकमगढ़ और अन्य जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए। कई स्थानों पर जिला मुख्यालय, कलेक्ट्रेट, तहसील कार्यालय और अन्य सरकारी परिसरों के बाहर धरना दिया गया। कुछ जगहों पर नारेबाजी हुई तो कुछ स्थानों पर ज्ञापन भी सौंपे गए। प्रशासन ने सभी जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश स्थानों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए और कहीं भी कानून-व्यवस्था की बड़ी समस्या सामने नहीं आई।
यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली में हुए घटनाक्रम के बाद शुरू हुआ, जहां विपक्षी नेताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन करने का प्रयास किया था। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था। इसी के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए यह आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की ओर से लगातार यह कहा गया कि सभी को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन कानून और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना भी आवश्यक है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
CJP आंदोलन के बीच राहुल, प्रियंका और अखिलेश हिरासत में, जंतर-मंतर पर फिर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी
Digital Desk
दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद इसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिला। मंगलवार देर रात तक भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए। राजधानी भोपाल में राजभवन के सामने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता धरने पर बैठे रहे। देर रात पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को पुलिस वाहनों से अन्य स्थानों पर ले जाया गया। वहीं विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठे रहे। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखी।
भोपाल में शाम से ही कांग्रेस कार्यकर्ता राजभवन के सामने जुटने लगे थे। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रही है और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश के हर जिले और ब्लॉक स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। देर रात पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से निर्धारित नियमों का पालन करने और धरना समाप्त करने की अपील की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को वहां से हटाया। प्रशासन की ओर से कहा गया कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है और उसी के अनुरूप कदम उठाए गए।
उधर मध्य प्रदेश विधानसभा में भी दिनभर राजनीतिक हलचल बनी रही। कार्यवाही समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया, जबकि संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बातचीत के लिए पहुंचे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य बनी रही। विधानसभा परिसर में पूरे समय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और अधिकारियों ने घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।
राजधानी के अलावा रतलाम, जबलपुर, खंडवा, हरदा, शाजापुर, टीकमगढ़ और अन्य जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए। कई स्थानों पर जिला मुख्यालय, कलेक्ट्रेट, तहसील कार्यालय और अन्य सरकारी परिसरों के बाहर धरना दिया गया। कुछ जगहों पर नारेबाजी हुई तो कुछ स्थानों पर ज्ञापन भी सौंपे गए। प्रशासन ने सभी जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश स्थानों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए और कहीं भी कानून-व्यवस्था की बड़ी समस्या सामने नहीं आई।
यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली में हुए घटनाक्रम के बाद शुरू हुआ, जहां विपक्षी नेताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन करने का प्रयास किया था। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था। इसी के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए यह आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की ओर से लगातार यह कहा गया कि सभी को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन कानून और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना भी आवश्यक है।
खबरें और भी हैं
Thank you for voting! Results will be shown after the poll ends.
Thank you for voting! Results will be shown after the poll ends.
