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जबलपुर में ट्रेन हादसा: यात्री की सिर और धड़ अलग होने से मौत, बेटी के दर्शन के लिए जा रहे थे
जबलपुर (म.प्र.)
मैहर स्थित माता शारदा के दर्शन के लिए सोहागपुर से नरसिंहपुर जा रहे 55 वर्षीय सुशील दुबे की ट्रेन से कटने से मौत, पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
जबलपुर में सोमवार को एक दर्दनाक ट्रेन हादसे में 55 वर्षीय सुशील दुबे की मौत हो गई। गोसलपुर रेलवे स्टेशन के पास उनका सिर और धड़ अलग-अलग हालत में रेलवे ट्रैक पर मिला। सुशील दुबे अपनी बेटी के हाल ही में हुए तबादले की खुशी में मैहर स्थित माता शारदा के दर्शन करने जा रहे थे।
पुलिस ने बताया कि सुशील दुबे नर्मदापुरम जिले की माखन नगर तहसील के बिकोरी पंवासा गांव के निवासी थे। हालांकि हादसे के तीन दिन तक उनकी पहचान नहीं हो सकी, जिसके बाद जीआरपी ने शव को अस्थायी रूप से दफन कर दिया था। पहचान होने के बाद पुलिस ने दफनाए गए शव को पुनः निकालकर परिजनों को सौंपा।
पुलिस ने शव के पास से सोहागपुर से नरसिंहपुर तक की रेलवे टिकट भी बरामद की। जीआरपी प्रभारी संजीवनी राजपूत ने बताया कि फोटो के जरिए पहचान कराने की कोशिश की गई, लेकिन दो-तीन दिनों तक शव की पुष्टि नहीं हो सकी। नियमानुसार पोस्टमॉर्टम के बाद शव को मेडिकल कॉलेज में सुरक्षित रखा गया था और बाद में दफनाया गया।
परिवार के अनुसार, सुशील दुबे अपनी बेटी से मिलने सोहागपुर से ट्रेन द्वारा निकले थे। उनकी बेटी नरसिंहपुर पोस्ट ऑफिस में पदस्थ थी, जिसका हाल ही में बाबई में तबादला हुआ था। दुबे इस खुशी में कि वह अपनी बेटी से मिलेंगे, मैहर के माता शारदा मंदिर दर्शन के लिए भी जाने वाले थे।
घटना के कारणों पर शुरुआती अनुमान लगाया गया है कि सुशील दुबे ट्रेन के गेट के पास खड़े थे या झपकी लगने के कारण संतुलन खो बैठें। इस वजह से वह ट्रैक पर गिर गए और गंभीर चोटों का शिकार हुए।
पुलिस ने हादसे के बारे में कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना है और फिलहाल कोई साजिश या बाहरी हस्तक्षेप की संभावना नहीं जताई जा रही है। रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल पर पुनर्विचार करने की बात कही है, ताकि ऐसे हादसे भविष्य में रोके जा सकें।
परिजनों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सुशील दुबे अपनी बेटी से मिलने के लिए बेहद उत्साहित थे और उनकी यह आकस्मिक मौत पूरे परिवार के लिए गहरा सदमा है।
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जबलपुर (म.प्र.)
जबलपुर में सोमवार को एक दर्दनाक ट्रेन हादसे में 55 वर्षीय सुशील दुबे की मौत हो गई। गोसलपुर रेलवे स्टेशन के पास उनका सिर और धड़ अलग-अलग हालत में रेलवे ट्रैक पर मिला। सुशील दुबे अपनी बेटी के हाल ही में हुए तबादले की खुशी में मैहर स्थित माता शारदा के दर्शन करने जा रहे थे।
पुलिस ने बताया कि सुशील दुबे नर्मदापुरम जिले की माखन नगर तहसील के बिकोरी पंवासा गांव के निवासी थे। हालांकि हादसे के तीन दिन तक उनकी पहचान नहीं हो सकी, जिसके बाद जीआरपी ने शव को अस्थायी रूप से दफन कर दिया था। पहचान होने के बाद पुलिस ने दफनाए गए शव को पुनः निकालकर परिजनों को सौंपा।
पुलिस ने शव के पास से सोहागपुर से नरसिंहपुर तक की रेलवे टिकट भी बरामद की। जीआरपी प्रभारी संजीवनी राजपूत ने बताया कि फोटो के जरिए पहचान कराने की कोशिश की गई, लेकिन दो-तीन दिनों तक शव की पुष्टि नहीं हो सकी। नियमानुसार पोस्टमॉर्टम के बाद शव को मेडिकल कॉलेज में सुरक्षित रखा गया था और बाद में दफनाया गया।
परिवार के अनुसार, सुशील दुबे अपनी बेटी से मिलने सोहागपुर से ट्रेन द्वारा निकले थे। उनकी बेटी नरसिंहपुर पोस्ट ऑफिस में पदस्थ थी, जिसका हाल ही में बाबई में तबादला हुआ था। दुबे इस खुशी में कि वह अपनी बेटी से मिलेंगे, मैहर के माता शारदा मंदिर दर्शन के लिए भी जाने वाले थे।
घटना के कारणों पर शुरुआती अनुमान लगाया गया है कि सुशील दुबे ट्रेन के गेट के पास खड़े थे या झपकी लगने के कारण संतुलन खो बैठें। इस वजह से वह ट्रैक पर गिर गए और गंभीर चोटों का शिकार हुए।
पुलिस ने हादसे के बारे में कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना है और फिलहाल कोई साजिश या बाहरी हस्तक्षेप की संभावना नहीं जताई जा रही है। रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल पर पुनर्विचार करने की बात कही है, ताकि ऐसे हादसे भविष्य में रोके जा सकें।
परिजनों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सुशील दुबे अपनी बेटी से मिलने के लिए बेहद उत्साहित थे और उनकी यह आकस्मिक मौत पूरे परिवार के लिए गहरा सदमा है।
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