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चिली में जंगल की भीषण आग ने मचाई तबाही: 19 की मौत, 50 हजार से ज्यादा लोग बेघर
अंतराष्ट्रीय न्यूज
तेज हवाओं और गर्म मौसम से बेकाबू हुई आग, कई शहरों में आपातकाल और कर्फ्यू लागू
दक्षिण अमेरिकी देश चिली में जंगलों में लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई है। आग की चपेट में आकर अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 हजार से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने कई प्रभावित इलाकों में आपातकाल घोषित कर दिया है और सेना को राहत एवं सुरक्षा कार्यों में लगाया गया है।
यह आग राजधानी सैंटियागो से करीब 500 किलोमीटर दक्षिण में स्थित न्युब्ले और बायोबियो क्षेत्रों में फैली हुई है। तेज हवाओं और अत्यधिक तापमान के कारण पिछले दो दिनों से आग लगातार फैलती जा रही है। कई कस्बों और रिहायशी इलाकों में घर, वाहन और पूरी की पूरी बस्तियां जलकर नष्ट हो गई हैं। आग लगने के कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का समय नहीं मिला। कई परिवार केवल पहनने के कपड़ों में घर छोड़कर भागे। कुछ इलाकों में लोगों ने जान बचाने के लिए समुद्र तटों का रुख किया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ मिनट की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती थी।
सबसे अधिक प्रभावित पोर्ट सिटी लिरक्वेन में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। करीब 20 हजार की आबादी वाले इस शहर में आग ने बड़ी संख्या में घरों को अपनी चपेट में ले लिया। रात के समय भी हालात काबू में नहीं आ सके, जिसके चलते सेना को सड़कों पर गश्त करनी पड़ी। कर्फ्यू के बावजूद कई लोग मलबा हटाने और आग बुझाने में जुटे रहे।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, करीब 4 हजार दमकलकर्मी आग बुझाने के अभियान में लगे हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि पेंको और लिरक्वेन से सबसे अधिक निकासी कराई गई है, जहां की कुल आबादी लगभग 60 हजार है।
राष्ट्रपति ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात की समीक्षा की और कहा कि सरकार सभी संसाधनों के साथ राहत कार्यों में जुटी है। रात के समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्फ्यू लगाया गया है, ताकि राहत और बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेज हवाएं, लंबे समय से जारी सूखा और बढ़ता तापमान आग को और भड़का रहे हैं। हाल के वर्षों में चिली बार-बार जंगल की आग जैसी आपदाओं का सामना कर रहा है, जिसे जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्थिति अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है और मौसम की चुनौती राहत कार्यों में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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