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देश के कई हिस्सों में मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, अगले 7 दिन भारी बारिश का अलर्ट
Digital Desk
IMD ने दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की, कई राज्यों में तेज हवाओं और आंधी का भी अनुमान
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में अपनी रफ्तार और बढ़ा दी है। मानसून ने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के कुछ और इलाकों में आगे बढ़त दर्ज की है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून और तेजी से आगे बढ़ सकता है, जिससे कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक 6 जून को मानसून ने पूरे गोवा, कर्नाटक के बड़े हिस्से, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों तथा तमिलनाडु के अधिकांश इलाकों को कवर कर लिया। साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ी है। विभाग का अनुमान है कि अगले दो से पांच दिनों के भीतर तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के अन्य क्षेत्रों में भी मानसून आगे बढ़ सकता है। इस बीच दक्षिण भारत के कई राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में अगले सात दिनों तक कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक और केरल में लगातार वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा का अनुमान है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत में ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। बिहार और ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण यह स्थिति बनी हुई है। मध्य भारत भी मौसम के असर से अछूता नहीं है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। शुक्रवार को मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवा दर्ज की गई थी। भोपाल, सीहोर, सतना और सागर समेत कई जिलों में हवा की गति सामान्य से अधिक रिकॉर्ड की गई।
उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश की गतिविधियां सीमित हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले दिनों में तापमान बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 8 जून से 11 जून के बीच दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में लू चलने की संभावना जताई है। पश्चिमी राजस्थान में भी गर्मी का असर तेज हो सकता है। इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में कई ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत को प्रभावित कर रहा है। यही कारण है कि कई राज्यों में अलग-अलग तरह की मौसम गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में जहां बारिश का दबदबा है, वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में गर्मी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
मछुआरों के लिए भी विशेष चेतावनी जारी की गई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कई हिस्सों में समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 11 जून तक कई समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सलाह दी है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। भारी बारिश वाले इलाकों में स्थानीय बाढ़, जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। वहीं तेज आंधी और तूफानी हवाओं से पेड़ों, बिजली लाइनों और फसलों को नुकसान पहुंचने का भी खतरा है। लोगों को मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
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देश के कई हिस्सों में मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, अगले 7 दिन भारी बारिश का अलर्ट
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नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में अपनी रफ्तार और बढ़ा दी है। मानसून ने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के कुछ और इलाकों में आगे बढ़त दर्ज की है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून और तेजी से आगे बढ़ सकता है, जिससे कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक 6 जून को मानसून ने पूरे गोवा, कर्नाटक के बड़े हिस्से, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों तथा तमिलनाडु के अधिकांश इलाकों को कवर कर लिया। साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ी है। विभाग का अनुमान है कि अगले दो से पांच दिनों के भीतर तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के अन्य क्षेत्रों में भी मानसून आगे बढ़ सकता है। इस बीच दक्षिण भारत के कई राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में अगले सात दिनों तक कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक और केरल में लगातार वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा का अनुमान है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत में ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। बिहार और ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण यह स्थिति बनी हुई है। मध्य भारत भी मौसम के असर से अछूता नहीं है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। शुक्रवार को मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवा दर्ज की गई थी। भोपाल, सीहोर, सतना और सागर समेत कई जिलों में हवा की गति सामान्य से अधिक रिकॉर्ड की गई।
उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश की गतिविधियां सीमित हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले दिनों में तापमान बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 8 जून से 11 जून के बीच दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में लू चलने की संभावना जताई है। पश्चिमी राजस्थान में भी गर्मी का असर तेज हो सकता है। इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में कई ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत को प्रभावित कर रहा है। यही कारण है कि कई राज्यों में अलग-अलग तरह की मौसम गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में जहां बारिश का दबदबा है, वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में गर्मी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
मछुआरों के लिए भी विशेष चेतावनी जारी की गई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कई हिस्सों में समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 11 जून तक कई समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सलाह दी है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। भारी बारिश वाले इलाकों में स्थानीय बाढ़, जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। वहीं तेज आंधी और तूफानी हवाओं से पेड़ों, बिजली लाइनों और फसलों को नुकसान पहुंचने का भी खतरा है। लोगों को मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
