ओडिया संगीत जगत को बड़ा झटका: मशहूर संगीतकार अभिजीत मजूमदार का निधन

बालीवुड न्यूज़

On

कार्डिएक अरेस्ट से गई जान, तीन दशकों में 700 से अधिक गीतों से रचा संगीत इतिहास

ओडिया संगीत और सिनेमा जगत के प्रतिष्ठित संगीतकार एवं गायक अभिजीत मजूमदार का रविवार को निधन हो गया। कार्डिएक अरेस्ट के बाद उन्होंने भुवनेश्वर स्थित एम्स (AIIMS) में अंतिम सांस ली। वे 54 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से ओडिशा की सांस्कृतिक दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, रविवार सुबह करीब 7:43 बजे मजूमदार को अचानक कार्डिएक अरेस्ट आया। चिकित्सकों ने तत्काल सीपीआर और अन्य जीवनरक्षक प्रयास शुरू किए, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो सका। सुबह 9:02 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वे लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और बीते कई महीनों से अस्पताल में इलाजरत थे।

अभिजीत मजूमदार को 4 सितंबर 2025 को हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉयड डिसऑर्डर और लिवर से जुड़ी जटिलताओं के चलते AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत नाजुक होने के कारण उन्हें लंबे समय तक आईसीयू में रखा गया। इलाज के दौरान स्थिति में कुछ सुधार के बाद उन्हें नवंबर में सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया था, लेकिन 23 जनवरी को अचानक तेज बुखार और संक्रमण ने उनकी हालत फिर बिगाड़ दी। इसके बाद उन्हें सेप्टिक शॉक आ गया, जिससे वे उबर नहीं सके।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर कटक ले जाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक समेत कई राजनीतिक और सांस्कृतिक हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने उन्हें ओडिया संगीत की आत्मा और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया।

11 सितंबर 1971 को कटक में जन्मे अभिजीत मजूमदार ने संगीत की दुनिया में तीन दशकों से अधिक समय तक सक्रिय योगदान दिया। उन्होंने अपने करियर में 700 से ज्यादा गीतों की रचना की, जो आज भी ओडिया समाज में लोकप्रिय हैं। संगीत में आने से पहले वे एक कॉलेज में लेक्चरर थे, लेकिन संगीत के प्रति जुनून ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र से कला की दुनिया की ओर मोड़ दिया।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1991 में संबलपुरी संगीत से की। उनका पहला एल्बम बेहद लोकप्रिय हुआ और यहीं से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2000 के आसपास ओडिया फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। लव स्टोरी, सिस्टर श्रीदेवी, मिस्टर मजनू, श्रीमान सूरदास जैसी फिल्मों के संगीत ने उन्हें ऑलीवुड का भरोसेमंद नाम बना दिया।

टीवी कार्यक्रमों के जरिए भी उन्होंने संगीत को आम लोगों तक पहुंचाया। उनके योगदान के लिए उन्हें 2011 में ओडिशा राज्य फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

खबरें और भी हैं

भारत आज न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा टी-20 खेलकर हासिल कर सकता है लगातार पांचवीं सीरीज जीत

टाप न्यूज

भारत आज न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा टी-20 खेलकर हासिल कर सकता है लगातार पांचवीं सीरीज जीत

गुवाहाटी में हाई स्कोरिंग मुकाबले की संभावना, अक्षर पटेल और बुमराह की वापसी पर नजर
स्पोर्ट्स 
भारत आज न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा टी-20 खेलकर हासिल कर सकता है लगातार पांचवीं सीरीज जीत

पर्थ स्कॉर्चर्स ने छठी बार BBL खिताब जीता: सिडनी सिक्सर्स को 6 विकेट से हराया

मार्श की 44 रन की पारी और रिचर्डसन के 3 विकेट से तय हुआ खिताबी मुकाबला
स्पोर्ट्स 
पर्थ स्कॉर्चर्स ने छठी बार BBL खिताब जीता: सिडनी सिक्सर्स को 6 विकेट से हराया

भोपाल में हिस्ट्रीशीटर पर बेरहमी हमला: सब्बल-हथौड़े से हाथ-पैर तोड़े गए, कार में तोड़फोड़

बदमाशों ने बिना नंबर की गाड़ियों से रोका रास्ता, हमला कर फरार हुए
मध्य प्रदेश  भोपाल 
भोपाल में हिस्ट्रीशीटर पर बेरहमी हमला: सब्बल-हथौड़े से हाथ-पैर तोड़े गए, कार में तोड़फोड़

“मन की बात”: बंदियों के लिए आशा, विश्वास और आत्मबल जगाने वाला राष्ट्रीय अभियान – राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल ने बंदियों से किया आत्म-परिवर्तन और नव-निर्माण का आह्वान, केन्द्रीय जेल भोपाल में कार्यक्रम का आयोजन
मध्य प्रदेश  टॉप न्यूज़  भोपाल 
“मन की बात”: बंदियों के लिए आशा, विश्वास और आत्मबल जगाने वाला राष्ट्रीय अभियान – राज्यपाल श्री पटेल

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.