- Hindi News
- बिजनेस
- चांदी की कीमतों में तेज उछाल, तीन दिन में ₹34 हजार की छलांग; सोना भी रिकॉर्ड स्तर पर
चांदी की कीमतों में तेज उछाल, तीन दिन में ₹34 हजार की छलांग; सोना भी रिकॉर्ड स्तर पर
बिजनेस न्यूज
दिल्ली समेत देशभर में कीमती धातुओं के दाम नई ऊंचाई पर, निवेशकों की सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती रुचि
देश में सोने और चांदी की कीमतों ने बुधवार को एक बार फिर नया रिकॉर्ड बना लिया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेज बढ़त दर्ज की गई है। बुधवार को एक किलो चांदी ₹14,145 महंगी होकर ₹2,77,175 के स्तर पर पहुंच गई। बीते तीन दिनों में चांदी की कीमतों में कुल मिलाकर ₹34 हजार से अधिक की तेजी आ चुकी है।
सोने के दाम भी ऐतिहासिक ऊंचाई पर बने हुए हैं। 24 कैरेट सोने का भाव बुधवार को ₹1,868 की बढ़त के साथ ₹1,42,152 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है। इससे पहले मंगलवार को सोना ₹1,40,482 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।
कहां और क्यों बढ़े दाम
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी ने कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने से सोने की होल्डिंग कॉस्ट घटी है, जिससे निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है। वहीं चांदी की औद्योगिक मांग ने इसके दामों को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है।
शहरों में रेट अलग क्यों
IBJA द्वारा जारी किए गए सोने और चांदी के भाव में 3% जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी वजह से दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में खुदरा कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। IBJA के रेट का उपयोग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने और बैंकों द्वारा गोल्ड लोन की गणना के लिए किया जाता है।
पिछले साल का प्रदर्शन
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को असाधारण रिटर्न दिया है। 2025 के दौरान सोने की कीमतों में करीब ₹57,033 यानी लगभग 75% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं चांदी के दामों में ₹1,44,403 की छलांग लगी, जो लगभग 167% की बढ़त को दर्शाता है।
तेजी के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव, रूस-यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुस्ती के संकेतों ने सोने को एक बार फिर सुरक्षित निवेश का विकल्प बना दिया है। इसके अलावा चीन सहित कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं, जिससे मांग बढ़ी है।
चांदी के मामले में सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से आ रही मजबूत औद्योगिक मांग अहम भूमिका निभा रही है। अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर भी कंपनियां चांदी का स्टॉक बढ़ा रही हैं, जिससे सप्लाई पर दबाव बना है।
आगे क्या
बाजार जानकारों का कहना है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी बनी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल को समझकर ही निवेश का फैसला लें।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
