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आज का पंचांग: 29 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर महासंयोग, जानें पवित्र स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और राहुकाल
राशिफल
विक्रम संवत 2083 के ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि, मूल नक्षत्र और शिव योग का विशेष प्रभाव, सोमवार को चंद्र पूजन से बरसेगी कृपा
आज के पंचांग की विशेष बात यह है कि आज आकाशमंडल में 'शुक्ल योग' के साथ-साथ 'शिव योग' और 'ब्रह्म योग' का सुंदर प्रभाव बना हुआ है। चंद्रमा आज देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाली धनु राशि में संचार करेंगे, जबकि नक्षत्रों में मूल नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। आइए विस्तार से जानते हैं आज 29 जून 2026 के पंचांग के सभी प्रमुख अंग, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, शुभ मुहूर्त, दिन का चौघड़िया और राहुकाल की सटीक समय सारणी।
29 जून 2026 के मुख्य पंचांग घटक (Core Panchang Components)
| पंचांग अंग | विवरण |
| विक्रम संवत | 2083 (संवत्सर का नाम: सिद्धार्थि / रौद्र) |
| शक संवत | 1948 (पराभव) |
| अयन | उत्तरायण |
| ऋतु | ग्रीष्म ऋतु / वर्षा ऋतु प्रवेश |
| मास और पक्ष | ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष |
| तिथि | पूर्णिमा तिथि (30 जून की प्रातः 05:26 बजे तक, इसके बाद आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा) |
| नक्षत्र | मूल नक्षत्र (रात्रि 04:03 बजे तक, तदुपरांत पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र) |
| योग | शुक्ल योग (दोपहर 02:25 बजे तक, इसके बाद ब्रह्म योग) |
| करण | विष्टि / भद्रा करण (दोपहर 04:16 बजे तक, इसके बाद बव करण) |
| दिन/वार | सोमवार (भगवान शिव और चंद्र देव की आराधना का दिन) |
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय (Sun & Moon Timings)
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सूर्योदय: प्रातः 05:26 बजे
-
सूर्यास्त: सायं 07:22 बजे
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चन्द्रोदय: सायं 07:11 बजे
-
चन्द्रास्त: अगले दिन प्रातः 05:19 बजे
-
चन्द्र राशि: चंद्रमा आज दिन-रात धनु राशि में संचरण करेंगे।
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सूर्य राशि व नक्षत्र: सूर्य देव मिथुन राशि और आर्द्रा नक्षत्र में स्थित हैं।
आज के विशेष और शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा के दिन किए गए धार्मिक अनुष्ठान और नए कार्यों की शुरुआत जीवन में समृद्धि लाती है। आज के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
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अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक। इस समय में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत की जा सकती है।
-
अमृत काल: रात्रि 08:52 बजे से रात्रि 10:39 बजे तक (चंद्र पूजन और मंत्र साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ)।
-
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:24 बजे से दोपहर 03:06 बजे तक।
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ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:50 बजे से 04:38 बजे तक (पवित्र स्नान और ध्यान के लिए उत्तम)।
आज का अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings)
पंचांग के नियमों के अनुसार, अशुभ समय या राहुकाल के दौरान मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए:
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राहुकाल: प्रातः 07:10 बजे से प्रातः 08:55 बजे तक। इस डेढ़ घंटे की अवधि में नए व्यापार, धन के लेन-देन या यात्रा की शुरुआत न करें।
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भद्रा काल का साया: आज ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भद्रा का साया भी रहेगा। भद्रा काल प्रातःकाल से शुरू होकर दोपहर 04:16 बजे तक रहेगा। हालांकि, यह स्वर्ग/पाताल की भद्रा होने के कारण पृथ्वी पर इसका कोई खास कुप्रभाव नहीं होगा, फिर भी दोपहर 04:16 बजे के बाद स्नान-दान और सत्यनारायण कथा करना अति उत्तम रहेगा।
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दिशाशूल: सोमवार के दिन पूर्व दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि आज पूर्व दिशा में यात्रा करना बेहद जरूरी हो, तो घर से निकलने से पहले दर्पण देखकर या थोड़ा सा दलिया/दूध ग्रहण करके निकलें।
दिन का शुभ चौघड़िया (Day Choghadiya Timings)
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अमृत चौघड़िया: प्रातः 05:26 बजे से प्रातः 07:11 बजे तक।
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शुभ चौघड़िया: प्रातः 08:55 बजे से सुबह 10:40 बजे तक।
-
लाभ चौघड़िया: दोपहर 03:54 बजे से सायं 05:38 बजे तक।
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अमृत चौघड़िया (सायंकाल): सायं 05:38 बजे से सायं 07:23 बजे तक।
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आज का पंचांग: 29 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर महासंयोग, जानें पवित्र स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और राहुकाल
राशिफल
आज के पंचांग की विशेष बात यह है कि आज आकाशमंडल में 'शुक्ल योग' के साथ-साथ 'शिव योग' और 'ब्रह्म योग' का सुंदर प्रभाव बना हुआ है। चंद्रमा आज देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाली धनु राशि में संचार करेंगे, जबकि नक्षत्रों में मूल नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। आइए विस्तार से जानते हैं आज 29 जून 2026 के पंचांग के सभी प्रमुख अंग, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, शुभ मुहूर्त, दिन का चौघड़िया और राहुकाल की सटीक समय सारणी।
29 जून 2026 के मुख्य पंचांग घटक (Core Panchang Components)
| पंचांग अंग | विवरण |
| विक्रम संवत | 2083 (संवत्सर का नाम: सिद्धार्थि / रौद्र) |
| शक संवत | 1948 (पराभव) |
| अयन | उत्तरायण |
| ऋतु | ग्रीष्म ऋतु / वर्षा ऋतु प्रवेश |
| मास और पक्ष | ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष |
| तिथि | पूर्णिमा तिथि (30 जून की प्रातः 05:26 बजे तक, इसके बाद आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा) |
| नक्षत्र | मूल नक्षत्र (रात्रि 04:03 बजे तक, तदुपरांत पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र) |
| योग | शुक्ल योग (दोपहर 02:25 बजे तक, इसके बाद ब्रह्म योग) |
| करण | विष्टि / भद्रा करण (दोपहर 04:16 बजे तक, इसके बाद बव करण) |
| दिन/वार | सोमवार (भगवान शिव और चंद्र देव की आराधना का दिन) |
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय (Sun & Moon Timings)
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सूर्योदय: प्रातः 05:26 बजे
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सूर्यास्त: सायं 07:22 बजे
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चन्द्रोदय: सायं 07:11 बजे
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चन्द्रास्त: अगले दिन प्रातः 05:19 बजे
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चन्द्र राशि: चंद्रमा आज दिन-रात धनु राशि में संचरण करेंगे।
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सूर्य राशि व नक्षत्र: सूर्य देव मिथुन राशि और आर्द्रा नक्षत्र में स्थित हैं।
आज के विशेष और शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा के दिन किए गए धार्मिक अनुष्ठान और नए कार्यों की शुरुआत जीवन में समृद्धि लाती है। आज के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
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अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक। इस समय में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत की जा सकती है।
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अमृत काल: रात्रि 08:52 बजे से रात्रि 10:39 बजे तक (चंद्र पूजन और मंत्र साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ)।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:24 बजे से दोपहर 03:06 बजे तक।
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ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:50 बजे से 04:38 बजे तक (पवित्र स्नान और ध्यान के लिए उत्तम)।
आज का अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings)
पंचांग के नियमों के अनुसार, अशुभ समय या राहुकाल के दौरान मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए:
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राहुकाल: प्रातः 07:10 बजे से प्रातः 08:55 बजे तक। इस डेढ़ घंटे की अवधि में नए व्यापार, धन के लेन-देन या यात्रा की शुरुआत न करें।
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भद्रा काल का साया: आज ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भद्रा का साया भी रहेगा। भद्रा काल प्रातःकाल से शुरू होकर दोपहर 04:16 बजे तक रहेगा। हालांकि, यह स्वर्ग/पाताल की भद्रा होने के कारण पृथ्वी पर इसका कोई खास कुप्रभाव नहीं होगा, फिर भी दोपहर 04:16 बजे के बाद स्नान-दान और सत्यनारायण कथा करना अति उत्तम रहेगा।
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दिशाशूल: सोमवार के दिन पूर्व दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि आज पूर्व दिशा में यात्रा करना बेहद जरूरी हो, तो घर से निकलने से पहले दर्पण देखकर या थोड़ा सा दलिया/दूध ग्रहण करके निकलें।
दिन का शुभ चौघड़िया (Day Choghadiya Timings)
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अमृत चौघड़िया: प्रातः 05:26 बजे से प्रातः 07:11 बजे तक।
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शुभ चौघड़िया: प्रातः 08:55 बजे से सुबह 10:40 बजे तक।
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लाभ चौघड़िया: दोपहर 03:54 बजे से सायं 05:38 बजे तक।
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अमृत चौघड़िया (सायंकाल): सायं 05:38 बजे से सायं 07:23 बजे तक।
