- Hindi News
- स्पोर्ट्स
- भारत विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर, ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से हराया
भारत विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर, ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
हरमनप्रीत कौर की तूफानी फिफ्टी भी नहीं बचा सकी टीम, एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर की शतकीय साझेदारी से ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में
भारत का टी-20 वर्ल्ड कप अभियान आखिरकार समाप्त हो गया। लॉर्ड्स में खेले गए ग्रुप-ए के करो या मरो मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम को छह विकेट से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 170 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट खोकर 19 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस हार के साथ भारतीय टीम ग्रुप-ए में तीसरे स्थान पर रही, जबकि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। भारत के लिए यह मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं था। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए टीम को हर हाल में जीत चाहिए थी। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी पारी खेलते हुए 27 गेंदों में 56 रन बनाए और अंतिम ओवर में लगातार तीन छक्के लगाकर टीम का स्कोर 170 रन तक पहुंचाया। हालांकि उनकी यह विस्फोटक पारी भी भारत को जीत नहीं दिला सकी। ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव के बावजूद शानदार बल्लेबाजी की और मुकाबला अपने नाम कर लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत काफी अच्छी रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 66 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। शेफाली ने 26 गेंदों में 34 रन बनाए, जबकि स्मृति ने 37 गेंदों पर 38 रन की उपयोगी पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर शुरुआत से दबाव बनाए रखा।
सलामी जोड़ी के आउट होने के बाद जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़कर भारत को बड़े स्कोर की ओर बढ़ाया। हरमनप्रीत शुरुआत से ही आक्रामक नजर आईं। उन्होंने केवल 27 गेंदों में 56 रन बनाए, जिसमें छह चौके और तीन शानदार छक्के शामिल रहे। पारी के आखिरी ओवर में उन्होंने सोफी मोलिन्यू की लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के जड़कर भारतीय समर्थकों में जीत की उम्मीद जगा दी। निर्धारित 20 ओवर में भारत ने 170 रन बनाए, जिसे चुनौतीपूर्ण स्कोर माना जा रहा था। 171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में शानदार प्रदर्शन किया। रेणुका सिंह ने दूसरे ही गेंद पर जॉर्जिया वोल को एलबीडब्ल्यू आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद एन श्री चरणी ने फीबी लिचफील्ड का विकेट लिया, जबकि दीप्ति शर्मा ने अनुभवी बेथ मूनी को पवेलियन भेज दिया। ऑस्ट्रेलिया का स्कोर जब 68 रन पर तीन विकेट था, तब ऐसा लग रहा था कि भारत मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना चुका है।
लेकिन इसके बाद एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और चौथे विकेट के लिए 57 गेंदों में 100 रन की शानदार साझेदारी कर डाली। एलिस पेरी ने 38 गेंदों में 56 रन की शानदार पारी खेली, जबकि एश्ले गार्डनर ने 29 गेंदों पर नाबाद 53 रन बनाए। गार्डनर ने अपनी पारी में तीन चौके और तीन छक्के लगाए। दोनों की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने भारतीय गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। ऑस्ट्रेलिया ने 19वें ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर मुकाबला छह विकेट से जीत लिया। भारतीय टीम की हार की सबसे बड़ी वजह मध्य ओवरों में विकेट नहीं निकाल पाना रही। शुरुआती सफलता के बाद गेंदबाज पेरी और गार्डनर की साझेदारी तोड़ने में असफल रहे। इसके अलावा डेथ ओवरों में भी गेंदबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, जिसका फायदा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने उठाया। बल्लेबाजी में भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन गेंदबाजी में वही धार दिखाई नहीं दी, जिसकी जरूरत ऐसे बड़े मुकाबलों में होती है। इस हार के साथ भारत का टी-20 वर्ल्ड कप अभियान समाप्त हो गया। टीम ने पांच मैचों में तीन जीत और दो हार के साथ छह अंक हासिल किए, लेकिन यह सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं रहे। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने सभी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि दक्षिण अफ्रीका आठ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
भारत विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर, ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
भारत का टी-20 वर्ल्ड कप अभियान आखिरकार समाप्त हो गया। लॉर्ड्स में खेले गए ग्रुप-ए के करो या मरो मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम को छह विकेट से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 170 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट खोकर 19 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस हार के साथ भारतीय टीम ग्रुप-ए में तीसरे स्थान पर रही, जबकि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। भारत के लिए यह मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं था। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए टीम को हर हाल में जीत चाहिए थी। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी पारी खेलते हुए 27 गेंदों में 56 रन बनाए और अंतिम ओवर में लगातार तीन छक्के लगाकर टीम का स्कोर 170 रन तक पहुंचाया। हालांकि उनकी यह विस्फोटक पारी भी भारत को जीत नहीं दिला सकी। ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव के बावजूद शानदार बल्लेबाजी की और मुकाबला अपने नाम कर लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत काफी अच्छी रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 66 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। शेफाली ने 26 गेंदों में 34 रन बनाए, जबकि स्मृति ने 37 गेंदों पर 38 रन की उपयोगी पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर शुरुआत से दबाव बनाए रखा।
सलामी जोड़ी के आउट होने के बाद जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़कर भारत को बड़े स्कोर की ओर बढ़ाया। हरमनप्रीत शुरुआत से ही आक्रामक नजर आईं। उन्होंने केवल 27 गेंदों में 56 रन बनाए, जिसमें छह चौके और तीन शानदार छक्के शामिल रहे। पारी के आखिरी ओवर में उन्होंने सोफी मोलिन्यू की लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के जड़कर भारतीय समर्थकों में जीत की उम्मीद जगा दी। निर्धारित 20 ओवर में भारत ने 170 रन बनाए, जिसे चुनौतीपूर्ण स्कोर माना जा रहा था। 171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में शानदार प्रदर्शन किया। रेणुका सिंह ने दूसरे ही गेंद पर जॉर्जिया वोल को एलबीडब्ल्यू आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद एन श्री चरणी ने फीबी लिचफील्ड का विकेट लिया, जबकि दीप्ति शर्मा ने अनुभवी बेथ मूनी को पवेलियन भेज दिया। ऑस्ट्रेलिया का स्कोर जब 68 रन पर तीन विकेट था, तब ऐसा लग रहा था कि भारत मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना चुका है।
लेकिन इसके बाद एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और चौथे विकेट के लिए 57 गेंदों में 100 रन की शानदार साझेदारी कर डाली। एलिस पेरी ने 38 गेंदों में 56 रन की शानदार पारी खेली, जबकि एश्ले गार्डनर ने 29 गेंदों पर नाबाद 53 रन बनाए। गार्डनर ने अपनी पारी में तीन चौके और तीन छक्के लगाए। दोनों की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने भारतीय गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। ऑस्ट्रेलिया ने 19वें ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर मुकाबला छह विकेट से जीत लिया। भारतीय टीम की हार की सबसे बड़ी वजह मध्य ओवरों में विकेट नहीं निकाल पाना रही। शुरुआती सफलता के बाद गेंदबाज पेरी और गार्डनर की साझेदारी तोड़ने में असफल रहे। इसके अलावा डेथ ओवरों में भी गेंदबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, जिसका फायदा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने उठाया। बल्लेबाजी में भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन गेंदबाजी में वही धार दिखाई नहीं दी, जिसकी जरूरत ऐसे बड़े मुकाबलों में होती है। इस हार के साथ भारत का टी-20 वर्ल्ड कप अभियान समाप्त हो गया। टीम ने पांच मैचों में तीन जीत और दो हार के साथ छह अंक हासिल किए, लेकिन यह सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं रहे। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने सभी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि दक्षिण अफ्रीका आठ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
