- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- भोपाल
- कलियासोत डैम में दर्दनाक हादसा, 17 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत
कलियासोत डैम में दर्दनाक हादसा, 17 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत
भोपाल,(म.प्र.)
दोस्तों के साथ फोटो खिंचवाने गया था नाबालिग, प्रतिबंधित क्षेत्र में फिसला पैर, दो घंटे बाद मिला शव
राजधानी भोपाल के चूनाभट्टी थाना क्षेत्र स्थित कलियासोत डैम में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें 17 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब किशोर अपने तीन दोस्तों के साथ घूमने और फोटो खिंचवाने के लिए डैम पहुंचा था। बताया जा रहा है कि सभी दोस्त प्रतिबंधित क्षेत्र में पानी के अंदर उतरकर फोटो ले रहे थे, तभी अचानक यह हादसा हो गया और पूरा माहौल मातम में बदल गया। मृतक की पहचान जाटखेड़ी (मिसरोद) निवासी अंगद दांडे (17) पुत्र संतोष दांडे के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अंगद रविवार को अपने दोस्तों के साथ कलियासोत डैम घूमने गया था। सभी लोग पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर ढलान वाले हिस्से में पानी में उतरकर तस्वीरें ले रहे थे। शुरुआती हिस्से में पानी घुटनों तक था, लेकिन कुछ ही कदम आगे बढ़ने पर गहराई अचानक बढ़ गई। इसी दौरान अंगद का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। बताया गया कि उसे और उसके साथ मौजूद किसी भी दोस्त को तैरना नहीं आता था, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद दोस्तों ने शोर मचाया, लेकिन आसपास तत्काल कोई मदद नहीं मिल सकी। घबराए हुए दोस्तों ने दौड़कर पास स्थित पुलिस चौकी को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत गोताखोरों की टीम को मौके पर बुलाया। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने किशोर का शव डैम से बाहर निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल गमगीन हो गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वह क्षेत्र पहले से ही प्रतिबंधित घोषित है। वहां मगरमच्छों की मौजूदगी और गहरे पानी को लेकर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसके साथ ही सुरक्षा के लिए फेंसिंग और स्टॉपर भी लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी कर अंदर चले जाते हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और फोटो शूट के चक्कर में युवा अक्सर जोखिम भरे स्थानों पर पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह के हादसे बढ़ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कलियासोत डैम में पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन फिर भी लोग चेतावनी को गंभीरता से नहीं लेते। पुलिस ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें और खासकर बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले न जाने दें। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद जब लोग खुद नियम तोड़ते हैं, तो हादसों को रोकना मुश्किल हो जाता है। इसी बीच शहर में एक और दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र के धोली खदान के पास पानी से भरे गड्ढे में डूबने से तीन वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी, तभी वह अनजाने में तीन से चार फीट गहरे पानी के गड्ढे में गिर गई। काफी देर तक जब वह दिखाई नहीं दी तो परिजनों ने तलाश शुरू की और उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले पानी के स्रोतों और निर्माण स्थलों के आसपास सुरक्षा घेराबंदी न होने से छोटे बच्चे और युवा आसानी से हादसों का शिकार हो जाते हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामुदायिक जागरूकता बेहद जरूरी है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
कलियासोत डैम में दर्दनाक हादसा, 17 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत
भोपाल,(म.प्र.)
राजधानी भोपाल के चूनाभट्टी थाना क्षेत्र स्थित कलियासोत डैम में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें 17 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब किशोर अपने तीन दोस्तों के साथ घूमने और फोटो खिंचवाने के लिए डैम पहुंचा था। बताया जा रहा है कि सभी दोस्त प्रतिबंधित क्षेत्र में पानी के अंदर उतरकर फोटो ले रहे थे, तभी अचानक यह हादसा हो गया और पूरा माहौल मातम में बदल गया। मृतक की पहचान जाटखेड़ी (मिसरोद) निवासी अंगद दांडे (17) पुत्र संतोष दांडे के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अंगद रविवार को अपने दोस्तों के साथ कलियासोत डैम घूमने गया था। सभी लोग पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर ढलान वाले हिस्से में पानी में उतरकर तस्वीरें ले रहे थे। शुरुआती हिस्से में पानी घुटनों तक था, लेकिन कुछ ही कदम आगे बढ़ने पर गहराई अचानक बढ़ गई। इसी दौरान अंगद का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। बताया गया कि उसे और उसके साथ मौजूद किसी भी दोस्त को तैरना नहीं आता था, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद दोस्तों ने शोर मचाया, लेकिन आसपास तत्काल कोई मदद नहीं मिल सकी। घबराए हुए दोस्तों ने दौड़कर पास स्थित पुलिस चौकी को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत गोताखोरों की टीम को मौके पर बुलाया। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने किशोर का शव डैम से बाहर निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल गमगीन हो गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वह क्षेत्र पहले से ही प्रतिबंधित घोषित है। वहां मगरमच्छों की मौजूदगी और गहरे पानी को लेकर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसके साथ ही सुरक्षा के लिए फेंसिंग और स्टॉपर भी लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी कर अंदर चले जाते हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और फोटो शूट के चक्कर में युवा अक्सर जोखिम भरे स्थानों पर पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह के हादसे बढ़ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कलियासोत डैम में पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन फिर भी लोग चेतावनी को गंभीरता से नहीं लेते। पुलिस ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें और खासकर बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले न जाने दें। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद जब लोग खुद नियम तोड़ते हैं, तो हादसों को रोकना मुश्किल हो जाता है। इसी बीच शहर में एक और दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र के धोली खदान के पास पानी से भरे गड्ढे में डूबने से तीन वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी, तभी वह अनजाने में तीन से चार फीट गहरे पानी के गड्ढे में गिर गई। काफी देर तक जब वह दिखाई नहीं दी तो परिजनों ने तलाश शुरू की और उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले पानी के स्रोतों और निर्माण स्थलों के आसपास सुरक्षा घेराबंदी न होने से छोटे बच्चे और युवा आसानी से हादसों का शिकार हो जाते हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामुदायिक जागरूकता बेहद जरूरी है।
