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मध्य प्रदेश में मानसून की धुआंधार दस्तक, देवास में आफत की बारिश और उमरिया में तीव्र लू का प्रकोप
मध्य प्रदेश
मालवा-निमाड़ में वज्रपात और आंधी के साथ भारी बारिश, विंध्य और बुंदेलखंड में पारा 42 डिग्री के पार
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) कि रिपोर्ट और दैनिक मौसम विवरण के अनुसार, मध्य प्रदेश में इस समय मौसम के दो चरम रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहाँ दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य के कई हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और देवास जैसी जगहों पर मूसलाधार आफत बनकर बरस रहा है, वहीं दूसरी तरफ विंध्य और बुंदेलखंड के कुछ जिलों में सूरज की तपिश और तीव्र लू (Severe Heatwave) का सितम अब भी बरकरार है। मौसम विभाग ने आगामी 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून के पूरे प्रदेश में फैलने की प्रबल संभावना जताई है।
मानसून की उत्तरी सीमा इंदौर और मण्डला के पार
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 की उत्तरी सीमा (NLM) वर्तमान में सूरत, इंदौर, मण्डला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 से 72 घंटों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बचे हुए इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ पूरी तरह से अनुकूल हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी इसकी सक्रियता बढ़ेगी। वर्तमान में उत्तरी गुजरात से लेकर मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच सक्रिय है, जो इस मानसूनी बारिश को और अधिक ऊर्जा दे रहा है।
देवास में अत्यंत भारी बारिश, कई जिलों में झंझावात और वज्रपात
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, देवास जिले के टोंकखुर्द में सर्वाधिक 118.0 मिलीमीटर यानी अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा गौतमपुरा में 101.4 मिमी, सारंगपुर में 83.2 मिमी, लखनादौन में 81.5 मिमी और नलखेड़ा में 80.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई। बारिश के साथ-साथ प्रदेश के कई जिलों में झोंकेदार हवाओं और धूल भरी आंधी का तांडव भी देखने को मिला। शिवपुरी में हवा की रफ़्तार सर्वाधिक 61 किलोमीटर प्रति घंटा मापी गई, जबकि जबलपुर और ग्वालियर में 56 किमी/घंटा, और राजधानी भोपाल में 37 किमी/घंटा की रफ़्तार से झोंकेदार हवाएं चलीं। मौसम विभाग ने आगर-मालवा, अलीराजपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, इंदौर, ग्वालियर और सागर सहित लगभग 50 जिलों में वज्रपात (आकाशीय बिजली) और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट जारी किया है।
जहाँ एक ओर मालवा और निमाड़ अंचल बारिश से सराबोर हैं, वहीं दूसरी ओर शहडोल और रीवा संभाग के जिलों में गर्मी का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। उमरिया जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान 'तीव्र लू' (Severe Heat Wave) का प्रभाव रहा, जिसके चलते यहाँ का अधिकतम तापमान प्रदेश में सर्वाधिक 42.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके साथ ही खजुराहो में 41.6 डिग्री, ग्वालियर में 41.5 डिग्री और सीधी में 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। शहडोल संभाग में दिन का तापमान सामान्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना हुआ है। इसके विपरीत, सबसे कम न्यूनतम तापमान खंडवा में 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे वहाँ रातें काफी ठंडी और खुशनुमा रहीं।
आम जनता और कृषकों के लिए मौसम केंद्र की विशेष सलाह
मौसम केंद्र भोपाल के निदेशक ने आगामी मौसम को देखते हुए नागरिकों और विशेषकर किसानों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आम जनता से अपील की गई है कि गरज-चमक या बिजली कड़कने के दौरान घरों के अंदर ही रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण बिल्कुल न लें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करने और तेज आंधी के दौरान यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान खेतों में सिंचाई, उर्वरक का प्रयोग और कीटनाशकों के छिड़काव का कार्य तुरंत रोक दें। खेतों में कटी हुई फसलों और बीजों को जलरोधक तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थानों पर रखें तथा जलभराव से फसलों की जड़ों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जल निकासी (ड्रेनेज) की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने मवेशियों को खुले स्थानों या जल निकायों के पास न छोड़ें और आंधी-तूफान के समय उन्हें सुरक्षित शेड के नीचे रखें।
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मध्य प्रदेश में मानसून की धुआंधार दस्तक, देवास में आफत की बारिश और उमरिया में तीव्र लू का प्रकोप
मध्य प्रदेश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) कि रिपोर्ट और दैनिक मौसम विवरण के अनुसार, मध्य प्रदेश में इस समय मौसम के दो चरम रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहाँ दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य के कई हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और देवास जैसी जगहों पर मूसलाधार आफत बनकर बरस रहा है, वहीं दूसरी तरफ विंध्य और बुंदेलखंड के कुछ जिलों में सूरज की तपिश और तीव्र लू (Severe Heatwave) का सितम अब भी बरकरार है। मौसम विभाग ने आगामी 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून के पूरे प्रदेश में फैलने की प्रबल संभावना जताई है।
मानसून की उत्तरी सीमा इंदौर और मण्डला के पार
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 की उत्तरी सीमा (NLM) वर्तमान में सूरत, इंदौर, मण्डला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 से 72 घंटों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बचे हुए इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ पूरी तरह से अनुकूल हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी इसकी सक्रियता बढ़ेगी। वर्तमान में उत्तरी गुजरात से लेकर मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच सक्रिय है, जो इस मानसूनी बारिश को और अधिक ऊर्जा दे रहा है।
देवास में अत्यंत भारी बारिश, कई जिलों में झंझावात और वज्रपात
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, देवास जिले के टोंकखुर्द में सर्वाधिक 118.0 मिलीमीटर यानी अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा गौतमपुरा में 101.4 मिमी, सारंगपुर में 83.2 मिमी, लखनादौन में 81.5 मिमी और नलखेड़ा में 80.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई। बारिश के साथ-साथ प्रदेश के कई जिलों में झोंकेदार हवाओं और धूल भरी आंधी का तांडव भी देखने को मिला। शिवपुरी में हवा की रफ़्तार सर्वाधिक 61 किलोमीटर प्रति घंटा मापी गई, जबकि जबलपुर और ग्वालियर में 56 किमी/घंटा, और राजधानी भोपाल में 37 किमी/घंटा की रफ़्तार से झोंकेदार हवाएं चलीं। मौसम विभाग ने आगर-मालवा, अलीराजपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, इंदौर, ग्वालियर और सागर सहित लगभग 50 जिलों में वज्रपात (आकाशीय बिजली) और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट जारी किया है।
जहाँ एक ओर मालवा और निमाड़ अंचल बारिश से सराबोर हैं, वहीं दूसरी ओर शहडोल और रीवा संभाग के जिलों में गर्मी का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। उमरिया जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान 'तीव्र लू' (Severe Heat Wave) का प्रभाव रहा, जिसके चलते यहाँ का अधिकतम तापमान प्रदेश में सर्वाधिक 42.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके साथ ही खजुराहो में 41.6 डिग्री, ग्वालियर में 41.5 डिग्री और सीधी में 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। शहडोल संभाग में दिन का तापमान सामान्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना हुआ है। इसके विपरीत, सबसे कम न्यूनतम तापमान खंडवा में 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे वहाँ रातें काफी ठंडी और खुशनुमा रहीं।
आम जनता और कृषकों के लिए मौसम केंद्र की विशेष सलाह
मौसम केंद्र भोपाल के निदेशक ने आगामी मौसम को देखते हुए नागरिकों और विशेषकर किसानों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आम जनता से अपील की गई है कि गरज-चमक या बिजली कड़कने के दौरान घरों के अंदर ही रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण बिल्कुल न लें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करने और तेज आंधी के दौरान यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान खेतों में सिंचाई, उर्वरक का प्रयोग और कीटनाशकों के छिड़काव का कार्य तुरंत रोक दें। खेतों में कटी हुई फसलों और बीजों को जलरोधक तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थानों पर रखें तथा जलभराव से फसलों की जड़ों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जल निकासी (ड्रेनेज) की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने मवेशियों को खुले स्थानों या जल निकायों के पास न छोड़ें और आंधी-तूफान के समय उन्हें सुरक्षित शेड के नीचे रखें।
