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भारत–सेशेल्स में 19 समझौते, UPI और 1250 करोड़ का लोन घोषित
Digital Desk
रक्षा, डिजिटल पेमेंट, स्वास्थ्य और समुद्री सुरक्षा में बड़ा सहयोग, मोदी दौरे में ऐतिहासिक फैसले
भारत और सेशेल्स के बीच रविवार को हुए उच्चस्तरीय समझौतों ने दोनों देशों के रिश्तों में एक नई दिशा जोड़ दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में कुल 19 बड़े समझौते और विकास परियोजनाओं पर सहमति बनी। ये समझौते रक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे कई अहम क्षेत्रों से जुड़े हैं। बैठक के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा जिस फैसले की रही, वह था भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI का सेशेल्स में विस्तार। अब सेशेल्स में भी भारतीय UPI आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली शुरू की जाएगी। इसका मतलब यह है कि वहां लोग और पर्यटक आसानी से मोबाइल के जरिए भुगतान कर सकेंगे। बताया जा रहा है कि भारत अब तक 23 से अधिक देशों के साथ UPI को जोड़ने पर सहमति बना चुका है और फिलहाल 9 देशों में यह सुविधा पहले से चल रही है। यह कदम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और फिनटेक क्षमता को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने वाला माना जा रहा है। इस दौरान यह भी बताया गया कि डिजिटल भुगतान को लेकर दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलेंगे।
इसके साथ ही भारत ने सेशेल्स को 1250 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट देने का फैसला किया है। यह राशि वहां की विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने में उपयोग की जाएगी। बताया जा रहा है कि दोनों देशों ने इस आर्थिक सहयोग को दीर्घकालिक साझेदारी के रूप में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। बैठक में प्रत्यर्पण संधि, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले समय में एक नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण पर काम तेज किया जाएगा। भारत ने इस मौके पर सेशेल्स को कई जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई है, जिसमें फास्ट पेट्रोल वेसल, एम्बुलेंस, वाहन, नावें और हजारों टन खाद्य एवं निर्माण सामग्री शामिल हैं। इन कदमों को समुद्री सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक स्थिति को देखते हुए दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग पर विशेष जोर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि यह साझेदारी क्षेत्रीय सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे के दौरान सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह अवसर दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। इस दौरान पीएम मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र को भी संबोधित किया, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा पहली बार किया गया संबोधन है। इससे पहले केवल तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने इस तरह का संबोधन किया था। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन” से भी सम्मानित किया गया, जिसे दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
इसी कार्यक्रम में भारत ने 175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज भी घोषित किया, जो लगभग 1651 करोड़ रुपये के बराबर है। यह पैकेज मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहल के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स में कोको डी मेर पौधा भी लगाया, जो वहां की अनोखी प्राकृतिक धरोहर माना जाता है। इस दौरे को भारत की विदेश नीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यह समझौते न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। हिंद महासागर में बढ़ते वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत और सेशेल्स का यह सहयोग आने वाले समय में क्षेत्रीय स्थिरता और विकास को नई दिशा दे सकता है।
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भारत–सेशेल्स में 19 समझौते, UPI और 1250 करोड़ का लोन घोषित
Digital Desk
भारत और सेशेल्स के बीच रविवार को हुए उच्चस्तरीय समझौतों ने दोनों देशों के रिश्तों में एक नई दिशा जोड़ दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में कुल 19 बड़े समझौते और विकास परियोजनाओं पर सहमति बनी। ये समझौते रक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे कई अहम क्षेत्रों से जुड़े हैं। बैठक के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा जिस फैसले की रही, वह था भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI का सेशेल्स में विस्तार। अब सेशेल्स में भी भारतीय UPI आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली शुरू की जाएगी। इसका मतलब यह है कि वहां लोग और पर्यटक आसानी से मोबाइल के जरिए भुगतान कर सकेंगे। बताया जा रहा है कि भारत अब तक 23 से अधिक देशों के साथ UPI को जोड़ने पर सहमति बना चुका है और फिलहाल 9 देशों में यह सुविधा पहले से चल रही है। यह कदम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और फिनटेक क्षमता को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने वाला माना जा रहा है। इस दौरान यह भी बताया गया कि डिजिटल भुगतान को लेकर दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलेंगे।
इसके साथ ही भारत ने सेशेल्स को 1250 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट देने का फैसला किया है। यह राशि वहां की विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने में उपयोग की जाएगी। बताया जा रहा है कि दोनों देशों ने इस आर्थिक सहयोग को दीर्घकालिक साझेदारी के रूप में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। बैठक में प्रत्यर्पण संधि, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले समय में एक नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण पर काम तेज किया जाएगा। भारत ने इस मौके पर सेशेल्स को कई जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई है, जिसमें फास्ट पेट्रोल वेसल, एम्बुलेंस, वाहन, नावें और हजारों टन खाद्य एवं निर्माण सामग्री शामिल हैं। इन कदमों को समुद्री सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक स्थिति को देखते हुए दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग पर विशेष जोर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि यह साझेदारी क्षेत्रीय सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे के दौरान सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह अवसर दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। इस दौरान पीएम मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र को भी संबोधित किया, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा पहली बार किया गया संबोधन है। इससे पहले केवल तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने इस तरह का संबोधन किया था। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन” से भी सम्मानित किया गया, जिसे दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
इसी कार्यक्रम में भारत ने 175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज भी घोषित किया, जो लगभग 1651 करोड़ रुपये के बराबर है। यह पैकेज मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहल के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स में कोको डी मेर पौधा भी लगाया, जो वहां की अनोखी प्राकृतिक धरोहर माना जाता है। इस दौरे को भारत की विदेश नीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यह समझौते न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। हिंद महासागर में बढ़ते वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत और सेशेल्स का यह सहयोग आने वाले समय में क्षेत्रीय स्थिरता और विकास को नई दिशा दे सकता है।
