देसी परंपराओं की वापसी: आधुनिक लाइफस्टाइल में भारतीय मूल्यों की नई पहचान

लाइफस्टाइल डेस्क

On

योग, आयुर्वेद, पारंपरिक भोजन और सादगी की ओर लौटता शहरी भारत, बदलती जीवनशैली का नया संकेत

तेज़ रफ्तार शहरी जीवन और पश्चिमी प्रभावों के बीच अब भारत में देसी परंपराओं की ओर वापसी साफ दिखाई देने लगी है। योग, आयुर्वेद, पारंपरिक खानपान और सादगी आधारित जीवनशैली को लोग फिर से अपना रहे हैं। यह बदलाव केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन से जुड़ा एक अहम लाइफस्टाइल ट्रेंड बन चुका है। 

शहरी युवा, कामकाजी वर्ग और मध्यम आयु के लोग देसी परंपराओं को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। सुबह योग करना, रसोई में मिलेट्स और देसी अनाज का उपयोग, और घरेलू नुस्खों की ओर लौटना अब आम हो रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में, खासतौर पर कोविड के बाद, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, जयपुर और वाराणसी जैसे शहरों में यह प्रवृत्ति तेज़ हुई है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ने भी पारंपरिक जीवनशैली को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भूमिका निभाई है।

लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों, तनाव और असंतुलित दिनचर्या ने लोगों को अपनी जड़ों की ओर देखने को मजबूर किया है। आयुर्वेदिक जीवनशैली, प्राकृतिक भोजन और योग को लोग दीर्घकालिक समाधान के रूप में देख रहे हैं।

योग क्लासेज़, आयुर्वेदिक उत्पादों और देसी सुपरफूड्स की मांग बढ़ी है। कई परिवार पारंपरिक रेसिपीज़ और त्योहारों को फिर से महत्व दे रहे हैं। कुछ स्कूल और कॉरपोरेट संस्थान भी योग और ध्यान को दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं।

सरकारी अपडेट और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय समाचारों में भी योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने की बात सामने आई है। इससे देश में पारंपरिक ज्ञान के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि देसी परंपराओं की वापसी एक सकारात्मक संकेत है, बशर्ते इसे वैज्ञानिक समझ के साथ अपनाया जाए। युवा वर्ग इसे आधुनिक जीवन के साथ संतुलन बनाने का तरीका मान रहा है।

आने वाले समय में देसी परंपराएं केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि वेलनेस इंडस्ट्री, शिक्षा और कार्यस्थलों का हिस्सा बन सकती हैं।

तेज़ी से बदलती लाइफस्टाइल में देसी परंपराओं की यह वापसी बताती है कि आधुनिकता और संस्कृति के बीच संतुलन संभव है, और यही संतुलन आने वाले समय की जीवनशैली की दिशा तय करेगा।

-------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

खबरें और भी हैं

सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर लाइफस्टाइल पर बहस तेज: ग्लैमर और हकीकत के बीच बढ़ता फासला

टाप न्यूज

सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर लाइफस्टाइल पर बहस तेज: ग्लैमर और हकीकत के बीच बढ़ता फासला

चमकदार रील्स और परफेक्ट तस्वीरों के पीछे की वास्तविक जिंदगी को लेकर युवाओं, विशेषज्ञों और समाज में सवाल
लाइफ स्टाइल 
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर लाइफस्टाइल पर बहस तेज: ग्लैमर और हकीकत के बीच बढ़ता फासला

युवाओं में मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल का बढ़ता चलन: कम सामान, सादा जीवन और खर्च में कटौती की नई सोच

महंगाई, मानसिक तनाव और उपभोक्तावाद से दूरी बनाकर युवा अपना रहे हैं संतुलित और जरूरत आधारित जीवनशैली
लाइफ स्टाइल 
युवाओं में मिनिमलिस्ट लाइफस्टाइल का बढ़ता चलन: कम सामान, सादा जीवन और खर्च में कटौती की नई सोच

देसी परंपराओं की वापसी: आधुनिक लाइफस्टाइल में भारतीय मूल्यों की नई पहचान

योग, आयुर्वेद, पारंपरिक भोजन और सादगी की ओर लौटता शहरी भारत, बदलती जीवनशैली का नया संकेत
लाइफ स्टाइल 
देसी परंपराओं की वापसी: आधुनिक लाइफस्टाइल में भारतीय मूल्यों की नई पहचान

जबलपुर में अवैध चाइनीज चाकुओं का भंडाफोड़: जनरल स्टोर से 50 से ज्यादा बटनदार चाकू बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

लगातार चाकूबाजी की घटनाओं के बीच पुलिस की सख्ती, 500 से 1000 रुपये में खुलेआम बिक रहे थे प्रतिबंधित हथियार;...
मध्य प्रदेश 
जबलपुर में अवैध चाइनीज चाकुओं का भंडाफोड़: जनरल स्टोर से 50 से ज्यादा बटनदार चाकू बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

बिजनेस

गणतंत्र दिवस पर आज शेयर बाजार बंद: BSE-NSE में ट्रेडिंग नहीं, कमोडिटी और करेंसी मार्केट में भी अवकाश गणतंत्र दिवस पर आज शेयर बाजार बंद: BSE-NSE में ट्रेडिंग नहीं, कमोडिटी और करेंसी मार्केट में भी अवकाश
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इक्विटी, डेरिवेटिव, MCX, करेंसी और डेट सेगमेंट में नहीं होगा कोई कारोबार, बाजार अब...
सस्ती हो सकती हैं मर्सिडीज और BMW की कारें, लेकिन टेस्ला को नहीं मिलेगा फायदा; जानिए भारत-EU डील की पूरी तस्वीर
अनिल अंबानी पर 1.5 लाख करोड़ के घोटाले का आरोप: सुप्रीम कोर्ट ने CBI-ED को 10 दिन में रिपोर्ट देने का आदेश
Budget 2026: आम आदमी की जेब और जरूरतें कसौटी पर, रेलवे से यात्रियों की बड़ी उम्मीदें
USD vs INR: 92 के करीब पहुंचा रुपया, लगातार दबाव ने बढ़ाई चिंता
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.