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मुसलमान BJP को वोट क्यों नहीं देते? किरेन रिजिजू का बयान, कांग्रेस पर लगाया धारणा बनाने का आरोप
नेशनल न्यूज
ABP नेटवर्क कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री बोले—‘भाजपा की योजनाओं का लाभ मुस्लिम समुदाय को भी मिलता है, फिर भी वोटिंग पैटर्न नहीं बदला’
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मुस्लिम समुदाय का समर्थन क्यों नहीं मिलता—इस सवाल पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता किरेन रिजिजू ने खुलकर अपनी बात रखी है। एबीपी नेटवर्क इंडिया के एक कार्यक्रम में शामिल हुए रिजिजू ने कहा कि वर्षों से कांग्रेस और विपक्षी दलों ने यह धारणा बनाई है कि भाजपा मुस्लिम विरोधी है, जिसका असर आज भी चुनावी नतीजों में दिखाई देता है।
रिजिजू ने कहा कि उन्होंने अल्पसंख्यक कार्य मंत्री रहते हुए मुस्लिम समुदाय के लिए कई ठोस कदम उठाए, जिनमें हज और उमराह यात्रा की प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की कोई भी बड़ी योजना ऐसी नहीं है, जिसका लाभ मुस्लिम नागरिकों तक न पहुंचा हो—चाहे वह राशन योजना हो, आवास योजना या सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम।
क्यों नहीं बदलता वोटिंग पैटर्न?
केंद्रीय मंत्री का कहना था कि कई मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भाजपा मुस्लिम उम्मीदवार भी उतारती है, लेकिन इसके बावजूद पार्टी को जीत नहीं मिलती। उन्होंने इसके लिए “राजनीतिक धारणा और डर की राजनीति” को जिम्मेदार ठहराया। रिजिजू के मुताबिक, कांग्रेस ने दशकों तक यह नैरेटिव गढ़ा कि भाजपा मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियां धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि नागरिकों के कल्याण के उद्देश्य से बनाई जाती हैं। “हमारी योजनाएं सबके लिए हैं। कई मुस्लिम परिवारों ने व्यक्तिगत रूप से मुझे दुआएं दी हैं,” उन्होंने कहा।
राहुल गांधी से संबंधों पर क्या बोले?
कार्यक्रम के दौरान रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि संसद के बाहर कभी-कभी हल्के-फुल्के संवाद हो जाते हैं। रिजिजू ने एक किस्से का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने मजाक में उन्हें व्यायाम करने की सलाह दी और अपने घर के जिम में बुलाया था। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल अनौपचारिक बातचीत थी और राजनीति में एक मर्यादा होती है, जिसका पालन जरूरी है।
नितिन नबीन के BJP अध्यक्ष बनने पर प्रतिक्रिया
भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को लेकर पूछे गए सवाल पर रिजिजू ने कहा कि पार्टी का संविधान और आंतरिक चयन प्रक्रिया बेहद सख्त और पारदर्शी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन तय नियमों और संगठनात्मक मूल्यांकन के आधार पर होता है। रिजिजू के अनुसार, पार्टी इस समय युवा नेतृत्व को आगे लाना चाहती थी और नितिन नबीन उस कसौटी पर खरे उतरे।
जब उनसे मजाकिया अंदाज में पूछा गया कि क्या वे खुद भी युवा नेतृत्व का हिस्सा हैं, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “अब मैं खुद को उतना युवा नहीं मानता।”
राजनीतिक संकेत और आगे की तस्वीर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रिजिजू का बयान भाजपा की उस रणनीति की ओर इशारा करता है, जिसमें वह अल्पसंख्यक मतदाताओं के बीच अपने पक्ष को स्पष्ट करना चाहती है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि यह संवाद और नीति-आधारित तर्क आने वाले चुनावों में वोटिंग व्यवहार को कितना प्रभावित कर पाएंगे।
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