बिहार के लखीसराय जिले के किऊल थाना क्षेत्र में 24 दिसंबर की रात को ट्रेन में मिली मुलाकात के बाद शुरू हुए प्रेम संबंध ने एक व्यक्ति के जीवन को छीन लिया था। पुलिस ने सघन जांच के बाद हत्याकांड को प्रेम-साजिश और राजनीतिक नहीं, योजनाबद्ध हत्या करार देते हुए प्रमुख आरोपी समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक 32-वर्षीय विनोद साह पटना सिटी का रहने वाला था और वह कुछ महीने पहले अपनी ‘साथी’ गुंजा के साथ किऊल में रह रहा था।

अमल में लाया गया साजिश मूलत: तब उजागर हुआ जब पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और कोर्ट मैरिज दस्तावेजों को मिला कर जांच को गहन किया। इन तकनीकी सबूतों के आधार पर मुख्य आरोपी, गुंजा देवी, उसके नए पति संतोष कुमार और उसके साथ मिलकर साजिश रचने वाले तीन अन्य आरोपियों — राजन, अजीत कुमार और मोहम्मद अफताब — को गिरफ्तार किया गया।
घटना-स्थल और हत्या का तरीका
रात करीब 9 बजे 24 दिसंबर को किऊल के वृंदावन इलाके में अपने घर की ओर अकेले जा रहे विनोद को तीन युवक साइकिलों से घेरकर उसके गले पर लंबे ब्लेड से हमला कर दिया गया। यह घटना सुनसान रेलवे मैदान के पास हुई और बदमाश तुरंत मौके से फरार हो गए। खून से लथपथ हालत में विनोद को ग्रामीणों ने घायल मिलाया, घायल अवस्था में उसे सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन पटना ले जाने के रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।

प्रारंभिक रिपोर्ट में दिया गया झूठा आरोप
हत्या के तीन दिन बाद यानी 27 दिसंबर को विनोद की पत्नी गुंजा देवी ने किऊल थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया कि तीन आरोपियों — अमर पासवान, शक्ति पासवान और रंजन पासवान — ने जमीन विवाद के चलते उसके पति की हत्या की है। पुलिस ने इन लोगों से पूछताछ की, लेकिन विवाद के दावों और अन्य तथ्यों में सामंजस्य नहीं मिल पाया।
जांच का रुख बदलने वाले सबूत
विशेष जांच टीम ने तकनीकी खोजबीन में पाया कि हत्या से पहले और बाद दोनों स्थितियों में विनोद, गुंजा और संतोष के फोन पर बार-बार संपर्क हुआ था। पुलिस जब संतोष के बारे में पूछताछ कर रही थी, उसने शुरुआत में खुद को ‘रिश्तेदार’ बताया, लेकिन जांच में पता चला कि 12 दिसंबर 2025 को संतोष और गुंजा ने कोर्ट मैरिज कर ली थी, यानी हत्या से ठीक 12 दिन पहले ही वे पति-पत्नी बन चुके थे।
फिर साजिश की असल तस्वीर उभरने लगी: विनोद और गुंजा के बीच प्रेम संबंध ट्रेन में शुरू हुआ था, लेकिन बाद में गुंजा की मुलाकात संतोष से हुई। संतोष से प्रेम बढ़ा तो गुंजा ने पहले प्रेमी विनोद को हटाने की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक संतोष ने गुंजा को हत्या के लिए एक लाख रुपये देने का वादा किया था।

अपराध की योजना और गिरफ्तारी
खोजबीन में पुलिस ने पाया कि संतोष ने तीन विश्वसनीय साथियों — राजन, अजीत और अफताब — को हत्या के लिए तैयार किया था। आरोप है कि गुंजा ने पुलिस की जांच भटकाने के लिए झूठा शिकायत भी दर्ज कराई थी, ताकि असली दोषी बच जाएँ।
एसपी अजय कुमार ने बताया कि गुरिमेंट मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और कोर्ट मैरिज दस्तावेजों के आधार पर गुंजा को हिरासत में लिया गया। जांच में संतोष ने साजिश का अंदाज़ी इकरार किया। आरोपियों की निशानदेही पर वही दो ब्लेड बरामद हुए जिनसे हत्या की गई थी।
आरोप और मुकदमा
गुंजा देवी, संतोष कुमार, राजन, अजीत और मोहम्मद अफताब पर हत्या, साजिश रचना, झूठी रिपोर्ट दर्ज कराना और सबूत छिपाने जैसे आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।

एसपी का कहना है कि तकनीकी सबूतों और आपसी बातचीत की जांच ने अपराध की असली तस्वीर को बेनकाब किया है, और यह सुनिश्चत किया गया है कि भविष्य में ऐसी योजनाबद्ध वारदातों की पुनरावृत्ति न हो।

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