प्यार जब लालच और वासना में बदल जाता है, तब वह रिश्तों की मर्यादा ही नहीं, इंसानियत की सीमाएं भी तोड़ देता है। भिण्ड जिले के उटीला थाना क्षेत्र में सामने आया महावीर हत्याकांड इसी कड़वे सच का उदाहरण है, जहां एक महिला ने अपने अवैध संबंधों की राह साफ करने के लिए पति की हत्या करवा दी।

5 सितंबर 2024 को भोगीपुरा गांव के पास सड़क किनारे एक खेत में बने कुएं से दुर्गंध उठने की सूचना पुलिस को मिली। तत्कालीन थाना प्रभारी शिवम राजावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कुएं से एक युवक का शव बरामद हुआ, लेकिन मौके पर ऐसा कोई सुराग नहीं मिला, जिससे पहचान या हत्या की वजह साफ हो सके।
शव की शिनाख्त ई-रक्षा एप और गुमशुदगी रिकॉर्ड के जरिए महावीर के रूप में हुई, जो भिण्ड जिले का रहने वाला था और फिलहाल ग्वालियर में रह रहा था। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट उसी दिन आलमपुर थाने में दर्ज कराई गई थी।

जांच की शुरुआत आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से हुई। फुटेज में महावीर को एक युवक के साथ देखा गया। परिजनों ने उसकी पहचान सुरेंद्र के रूप में की और साथ ही यह चौंकाने वाली जानकारी दी कि सुरेंद्र के महावीर की पत्नी सीमा (परिवर्तित नाम) से नजदीकी संबंध थे।
संदेह गहराने पर पुलिस ने सुरेंद्र को हिरासत में लिया। सख्त पूछताछ में वह टूट गया और उसने स्वीकार किया कि सीमा के कहने पर ही उसने महावीर की हत्या की थी।
पूछताछ में सामने आया कि महावीर शादी के बाद पत्नी और तीन साल के बेटे के साथ ग्वालियर में किराए के मकान में रहता था। सुरेंद्र रिश्तेदार होने के नाते उसके घर आता-जाता था। इसी दौरान सीमा और सुरेंद्र के बीच नजदीकियां बढ़ीं, जो धीरे-धीरे अवैध संबंधों में बदल गईं।
जब महावीर को इस रिश्ते की भनक लगी तो घर में तनाव बढ़ गया। पति की सख्ती से परेशान सीमा ने प्रेमी पर दबाव बनाया कि अगर वह उसे हमेशा के लिए पाना चाहता है तो महावीर को रास्ते से हटाना होगा। आत्महत्या की धमकी ने सुरेंद्र को अपराध की राह पर धकेल दिया।

योजना के तहत 3 सितंबर को सुरेंद्र महावीर को ग्वालियर जेल में बंद एक रिश्तेदार से मिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। अगले दिन लौटते समय उटीला क्षेत्र के भोगीपुरा के पास सुनसान जगह पर गांजा पीने का बहाना बनाकर बाइक रुकवाई। मौका पाते ही सुरेंद्र ने पत्थर से महावीर के सिर पर वार कर दिया और शव को पास के कुएं में फेंक दिया।
हत्या के बाद सुरेंद्र ने सीमा को फोन कर काम पूरा होने की जानकारी दी। सबूत मिटाने के लिए मृतक की बाइक नहर किनारे छिपा दी गई, मोबाइल और खून से सने कपड़े झाड़ियों में फेंक दिए गए।

पुलिस ने सुरेंद्र के बयान के आधार पर सीमा को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद सीमा ने प्रेमी को अयोध्या भेज दिया था, ताकि शक से बचा जा सके। दोनों के आगरा घूमने की भी योजना थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
थाना प्रभारी शिवम राजावत के मुताबिक यह हत्या पूरी तरह योजनाबद्ध थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि जब रिश्तों में भरोसे की जगह स्वार्थ और वासना ले लेती है, तो उसका अंत अक्सर खून और पछतावे में ही क्यों होता है।
-----