- Hindi News
- स्पोर्ट्स
- 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, इंटरनेशनल क्रिकेट में फिफ्टी जड़कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, इंटरनेशनल क्रिकेट में फिफ्टी जड़कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
स्पोर्ट्स डेस्क
जिम्बाब्वे के खिलाफ 19 गेंदों में खेली 50 रन की तूफानी पारी; भारत ने 7 विकेट से जीता पहला T20I, सचिन तेंदुलकर से जुड़ा उम्र का बड़ा रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ा
भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में खेले गए पहले T20 इंटरनेशनल में वैभव ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली इंटरनेशनल फिफ्टी लगाई। उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों पर 50 रन बनाए और भारत को 126 रन का लक्ष्य महज 13.2 ओवर में हासिल करने में अहम भूमिका निभाई। टीम इंडिया ने मुकाबला सात विकेट से जीतकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की।
इस पारी के साथ 15 साल 118 दिन के वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के पुरुष क्रिकेटर बन गए। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा, जिन्होंने 15 साल 340 दिन की उम्र में अमेरिका के खिलाफ वनडे में अर्धशतक बनाया था। इसके साथ वैभव ने फुल मेंबर देश की ओर से सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
वैभव की उपलब्धि की तुलना सचिन तेंदुलकर के शुरुआती इंटरनेशनल रिकॉर्ड से भी हो रही है। सचिन ने 16 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और पाकिस्तान के खिलाफ अपने शुरुआती करियर में पहला इंटरनेशनल अर्धशतक लगाया था। वैभव पहले ही 15 साल की उम्र में भारत के लिए सीनियर इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा पुरुष खिलाड़ी बन चुके हैं। अब पहली इंटरनेशनल फिफ्टी के साथ उन्होंने उम्र से जुड़ा एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।
जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 125 रन बनाए थे। भारत को जीत के लिए 126 रन की जरूरत थी। लक्ष्य का पीछा करने उतरे वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को दबाव में डाल दिया। उनकी तेज बल्लेबाजी के कारण जरूरी रनरेट कभी भारतीय टीम के लिए चुनौती नहीं बना।
वैभव ने अपनी 19 गेंदों की पारी में चार चौके और चार छक्के लगाए। यानी उनके 40 रन केवल बाउंड्री से आए। उन्होंने महज 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अगली गेंद पर आउट हो गए। इस छोटी लेकिन विस्फोटक पारी ने भारत के रनचेज को बेहद आसान बना दिया।
अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव का सेलिब्रेशन भी चर्चा में रहा। उन्होंने अपने हाथों से अंग्रेजी अक्षर ‘A’ जैसा इशारा बनाकर इस खास उपलब्धि को अपनी मां को समर्पित किया। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बाद उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना।
वैभव के आउट होने के बाद भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए। ईशान किशन ने 24 गेंदों पर 35 रन बनाए, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 28 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने 13.2 ओवर में तीन विकेट खोकर 126 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम के पास उस समय 40 गेंदें बाकी थीं।
यह जीत कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी खास रही। उनके नेतृत्व में भारतीय T20 टीम का पिछले कुछ मुकाबलों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। जिम्बाब्वे के खिलाफ सात विकेट की बड़ी जीत के साथ टीम ने हार के सिलसिले को खत्म किया और तीन मैचों की छोटी सीरीज में शुरुआती बढ़त बना ली।
इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने भी शुरुआत से जिम्बाब्वे को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने शानदार वापसी करते हुए दो विकेट लिए और सिर्फ 18 रन खर्च किए। उनके प्रदर्शन ने मेजबान टीम को 125 रन पर रोकने में अहम भूमिका निभाई। मयंक को उनके प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
वैभव के लिए हरारे का मैदान पहले से ही बेहद खास रहा है। इसी मैदान पर उन्होंने अंडर-19 क्रिकेट में भी यादगार प्रदर्शन किया था। अब सीनियर टीम के लिए पहली इंटरनेशनल फिफ्टी लगाकर उन्होंने हरारे में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। मैच के बाद उन्होंने भी इस मैदान को अपने लिए खास बताया।
वैभव ने जुलाई 2026 की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सीनियर टीम के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था। 15 साल की उम्र में भारत के लिए खेलकर उन्होंने सबसे युवा भारतीय पुरुष इंटरनेशनल क्रिकेटर बनने का रिकॉर्ड बनाया था। शुरुआती मुकाबलों में उन्हें बड़ी पारी नहीं मिली, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक दिखा दी।
तीन मैचों की T20 सीरीज का पहला मुकाबला जीतने के बाद भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज के बाकी दोनों मुकाबले भी हरारे में खेले जाने हैं। वैभव की 19 गेंदों में 50 रन की पारी के बाद आगामी मैचों में एक बार फिर भारतीय टीम की ओपनिंग और इस 15 वर्षीय बल्लेबाज के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, इंटरनेशनल क्रिकेट में फिफ्टी जड़कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
स्पोर्ट्स डेस्क
भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में खेले गए पहले T20 इंटरनेशनल में वैभव ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली इंटरनेशनल फिफ्टी लगाई। उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों पर 50 रन बनाए और भारत को 126 रन का लक्ष्य महज 13.2 ओवर में हासिल करने में अहम भूमिका निभाई। टीम इंडिया ने मुकाबला सात विकेट से जीतकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की।
इस पारी के साथ 15 साल 118 दिन के वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के पुरुष क्रिकेटर बन गए। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा, जिन्होंने 15 साल 340 दिन की उम्र में अमेरिका के खिलाफ वनडे में अर्धशतक बनाया था। इसके साथ वैभव ने फुल मेंबर देश की ओर से सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
वैभव की उपलब्धि की तुलना सचिन तेंदुलकर के शुरुआती इंटरनेशनल रिकॉर्ड से भी हो रही है। सचिन ने 16 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और पाकिस्तान के खिलाफ अपने शुरुआती करियर में पहला इंटरनेशनल अर्धशतक लगाया था। वैभव पहले ही 15 साल की उम्र में भारत के लिए सीनियर इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा पुरुष खिलाड़ी बन चुके हैं। अब पहली इंटरनेशनल फिफ्टी के साथ उन्होंने उम्र से जुड़ा एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।
जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 125 रन बनाए थे। भारत को जीत के लिए 126 रन की जरूरत थी। लक्ष्य का पीछा करने उतरे वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को दबाव में डाल दिया। उनकी तेज बल्लेबाजी के कारण जरूरी रनरेट कभी भारतीय टीम के लिए चुनौती नहीं बना।
वैभव ने अपनी 19 गेंदों की पारी में चार चौके और चार छक्के लगाए। यानी उनके 40 रन केवल बाउंड्री से आए। उन्होंने महज 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अगली गेंद पर आउट हो गए। इस छोटी लेकिन विस्फोटक पारी ने भारत के रनचेज को बेहद आसान बना दिया।
अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव का सेलिब्रेशन भी चर्चा में रहा। उन्होंने अपने हाथों से अंग्रेजी अक्षर ‘A’ जैसा इशारा बनाकर इस खास उपलब्धि को अपनी मां को समर्पित किया। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बाद उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना।
वैभव के आउट होने के बाद भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए। ईशान किशन ने 24 गेंदों पर 35 रन बनाए, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 28 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने 13.2 ओवर में तीन विकेट खोकर 126 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम के पास उस समय 40 गेंदें बाकी थीं।
यह जीत कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी खास रही। उनके नेतृत्व में भारतीय T20 टीम का पिछले कुछ मुकाबलों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। जिम्बाब्वे के खिलाफ सात विकेट की बड़ी जीत के साथ टीम ने हार के सिलसिले को खत्म किया और तीन मैचों की छोटी सीरीज में शुरुआती बढ़त बना ली।
इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने भी शुरुआत से जिम्बाब्वे को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने शानदार वापसी करते हुए दो विकेट लिए और सिर्फ 18 रन खर्च किए। उनके प्रदर्शन ने मेजबान टीम को 125 रन पर रोकने में अहम भूमिका निभाई। मयंक को उनके प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
वैभव के लिए हरारे का मैदान पहले से ही बेहद खास रहा है। इसी मैदान पर उन्होंने अंडर-19 क्रिकेट में भी यादगार प्रदर्शन किया था। अब सीनियर टीम के लिए पहली इंटरनेशनल फिफ्टी लगाकर उन्होंने हरारे में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। मैच के बाद उन्होंने भी इस मैदान को अपने लिए खास बताया।
वैभव ने जुलाई 2026 की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सीनियर टीम के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था। 15 साल की उम्र में भारत के लिए खेलकर उन्होंने सबसे युवा भारतीय पुरुष इंटरनेशनल क्रिकेटर बनने का रिकॉर्ड बनाया था। शुरुआती मुकाबलों में उन्हें बड़ी पारी नहीं मिली, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक दिखा दी।
तीन मैचों की T20 सीरीज का पहला मुकाबला जीतने के बाद भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज के बाकी दोनों मुकाबले भी हरारे में खेले जाने हैं। वैभव की 19 गेंदों में 50 रन की पारी के बाद आगामी मैचों में एक बार फिर भारतीय टीम की ओपनिंग और इस 15 वर्षीय बल्लेबाज के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।
