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कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत को मेडल की उम्मीद, पैरा पावरलिफ्टिंग से बॉक्सिंग तक कई खिलाड़ी मैदान में
स्पोर्ट्स डेस्क
ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों का व्यस्त दिन; पैरा पावरलिफ्टिंग में सात खिलाड़ी पेश करेंगे चुनौती, लॉन बॉल्स में जीत की लय बरकरार रखने की कोशिश, लवलीना बोरगोहेन का मेडल पहले ही पक्का
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दूसरे दिन भारतीय दल की नजर मेडल टैली को मजबूत करने पर है। शुक्रवार को भारत के खिलाड़ी पैरा पावरलिफ्टिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग, पैरा स्विमिंग, लॉन बॉल्स और बॉक्सिंग में चुनौती पेश कर रहे हैं। खास तौर पर पैरा पावरलिफ्टिंग को भारत के लिए मेडल की बड़ी उम्मीद माना जा रहा है, जहां कई भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग कैटेगरी के फाइनल में उतरेंगे। ग्लासगो गेम्स 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित किए जा रहे हैं और इस बार कुल 10 खेलों के साथ छह इंटीग्रेटेड पैरा स्पोर्ट्स कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत का बड़ा दल शुक्रवार को एक्शन में है। पुरुष लाइटवेट फाइनल में अशोक कुमार मलिक और परमजीत कुमार भारतीय चुनौती संभालेंगे। महिला लाइटवेट में जसप्रीत कौर और सुमन देवी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। इसके बाद महिला हैवीवेट वर्ग में कस्तूरी राजामणि उतरेंगी, जबकि पुरुष हैवीवेट में सुधीर और झांडू कुमार भारत की ओर से मुकाबला करेंगे। सात खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण यह इवेंट दूसरे दिन भारत के लिए मेडल के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण खेलों में शामिल है।
लॉन बॉल्स में भारत ने प्रतियोगिता की शुरुआत सकारात्मक अंदाज में की थी और अब खिलाड़ियों की कोशिश उसी प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की है। महिला पेयर्स में रूपा रानी तिर्की और पिंकी की जोड़ी मैदान में उतरेगी। उनका सामना दक्षिण अफ्रीका की मजबूत जोड़ी से होना है। पहले मुकाबले में जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जोड़ी की नजर सेक्शनल राउंड में अपनी स्थिति और मजबूत करने पर रहेगी।
पुरुष सिंगल्स में पुतुल सोनोवाल पर भी नजरें रहेंगी। शुरुआती मुकाबले में उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए वर्ल्ड चैंपियन रेयान बेस्टर को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। अब उनका अगला मुकाबला फॉकलैंड आइलैंड्स के सेसिल अलेक्जेंडर से है। शुरुआती जीत के बाद पुतुल के पास प्रतियोगिता में अपनी लय बनाए रखने का मौका है।
आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में भी भारतीय पुरुष टीम अपनी चुनौती पेश कर रही है। तपेश्वरनाथ दास, स्वाथिश केपी, तपन मोहंती और योगेश्वर सिंह पुरुष टीम फाइनल के साथ व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में हिस्सा ले रहे हैं। भारत के सामने इस स्पर्धा में मजबूत कॉमनवेल्थ देशों की चुनौती है, इसलिए खिलाड़ियों के प्रदर्शन और व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन स्कोर पर खास नजर रहेगी।
स्विमिंग में भारत के प्रमुख नामों में श्रीहरि नटराज शामिल हैं। वह पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में उतरे। दूसरे दिन के शुरुआती मुकाबलों के साथ भारतीय तैराकों के अभियान की भी शुरुआत हुई। स्विमिंग को ग्लासगो 2026 के प्रमुख खेलों में शामिल किया गया है और मुकाबले टोलक्रॉस इंटरनेशनल स्विमिंग सेंटर में आयोजित किए जा रहे हैं।
पैरा स्विमिंग में आरवीवीबीके बुडिगिना ने पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 हीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और आगे के मुकाबले के लिए क्वालिफाई किया। भारत के अली इमाम भी इसी इवेंट में उतरे। दिन के शुरुआती नतीजों में बुडिगिना का प्रदर्शन भारत के लिए सकारात्मक रहा।
बॉक्सिंग में भारत का अभियान भी आगे बढ़ रहा है। पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ 32 में जदुमणि सिंह का सामना मेजबान स्कॉटलैंड के एरॉन कुलेन से होना है। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच स्कॉटिश मुक्केबाज के खिलाफ भारतीय बॉक्सर के सामने चुनौती आसान नहीं होगी। जीत हासिल करने पर जदुमणि अगले दौर में जगह बनाएंगे।
भारत के लिए बॉक्सिंग से एक मेडल पहले ही सुनिश्चित हो चुका है। ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन महिला 75 किलोग्राम वर्ग में सीधे सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। इस कैटेगरी में सीमित संख्या में मुक्केबाज होने के कारण उन्हें क्वार्टर फाइनल में बाई मिली। कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग नियमों के तहत दोनों सेमीफाइनल हारने वाले खिलाड़ियों को भी ब्रॉन्ज मेडल मिलता है, इसलिए लवलीना का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित है।
लवलीना के लिए ग्लासगो का यह अभियान व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण है। बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में वह पदक से चूक गई थीं। इस बार सीधे अंतिम चार में जगह मिलने के बाद उनके पास कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना पहला फाइनल खेलने का मौका होगा। सेमीफाइनल में जीत उन्हें गोल्ड मेडल मुकाबले तक पहुंचा देगी।
ग्लासगो 2026 का प्रारूप पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स की तुलना में छोटा रखा गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रतियोगिताएं चार प्रमुख वेन्यू में आयोजित की जा रही हैं और कार्यक्रम में 10 खेल शामिल हैं। इनमें आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स, स्विमिंग, वेटलिफ्टिंग और पैरा पावरलिफ्टिंग जैसे वे खेल भी शामिल हैं, जिनमें भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।
दूसरे दिन भारत के लिए सबसे ज्यादा निगाहें पैरा पावरलिफ्टिंग के फाइनल मुकाबलों पर रहेंगी। इसके साथ लॉन बॉल्स में शुरुआती सफलता को आगे बढ़ाने, बॉक्सिंग में अगले दौर का टिकट हासिल करने और जिम्नास्टिक्स में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। लवलीना का पदक सुनिश्चित होने से भारतीय खेमे को पहले ही अच्छी खबर मिल चुकी है और अब बाकी खिलाड़ियों के प्रदर्शन से मेडल टैली में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
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कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत को मेडल की उम्मीद, पैरा पावरलिफ्टिंग से बॉक्सिंग तक कई खिलाड़ी मैदान में
स्पोर्ट्स डेस्क
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दूसरे दिन भारतीय दल की नजर मेडल टैली को मजबूत करने पर है। शुक्रवार को भारत के खिलाड़ी पैरा पावरलिफ्टिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग, पैरा स्विमिंग, लॉन बॉल्स और बॉक्सिंग में चुनौती पेश कर रहे हैं। खास तौर पर पैरा पावरलिफ्टिंग को भारत के लिए मेडल की बड़ी उम्मीद माना जा रहा है, जहां कई भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग कैटेगरी के फाइनल में उतरेंगे। ग्लासगो गेम्स 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित किए जा रहे हैं और इस बार कुल 10 खेलों के साथ छह इंटीग्रेटेड पैरा स्पोर्ट्स कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत का बड़ा दल शुक्रवार को एक्शन में है। पुरुष लाइटवेट फाइनल में अशोक कुमार मलिक और परमजीत कुमार भारतीय चुनौती संभालेंगे। महिला लाइटवेट में जसप्रीत कौर और सुमन देवी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। इसके बाद महिला हैवीवेट वर्ग में कस्तूरी राजामणि उतरेंगी, जबकि पुरुष हैवीवेट में सुधीर और झांडू कुमार भारत की ओर से मुकाबला करेंगे। सात खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण यह इवेंट दूसरे दिन भारत के लिए मेडल के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण खेलों में शामिल है।
लॉन बॉल्स में भारत ने प्रतियोगिता की शुरुआत सकारात्मक अंदाज में की थी और अब खिलाड़ियों की कोशिश उसी प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की है। महिला पेयर्स में रूपा रानी तिर्की और पिंकी की जोड़ी मैदान में उतरेगी। उनका सामना दक्षिण अफ्रीका की मजबूत जोड़ी से होना है। पहले मुकाबले में जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जोड़ी की नजर सेक्शनल राउंड में अपनी स्थिति और मजबूत करने पर रहेगी।
पुरुष सिंगल्स में पुतुल सोनोवाल पर भी नजरें रहेंगी। शुरुआती मुकाबले में उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए वर्ल्ड चैंपियन रेयान बेस्टर को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। अब उनका अगला मुकाबला फॉकलैंड आइलैंड्स के सेसिल अलेक्जेंडर से है। शुरुआती जीत के बाद पुतुल के पास प्रतियोगिता में अपनी लय बनाए रखने का मौका है।
आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में भी भारतीय पुरुष टीम अपनी चुनौती पेश कर रही है। तपेश्वरनाथ दास, स्वाथिश केपी, तपन मोहंती और योगेश्वर सिंह पुरुष टीम फाइनल के साथ व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में हिस्सा ले रहे हैं। भारत के सामने इस स्पर्धा में मजबूत कॉमनवेल्थ देशों की चुनौती है, इसलिए खिलाड़ियों के प्रदर्शन और व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन स्कोर पर खास नजर रहेगी।
स्विमिंग में भारत के प्रमुख नामों में श्रीहरि नटराज शामिल हैं। वह पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में उतरे। दूसरे दिन के शुरुआती मुकाबलों के साथ भारतीय तैराकों के अभियान की भी शुरुआत हुई। स्विमिंग को ग्लासगो 2026 के प्रमुख खेलों में शामिल किया गया है और मुकाबले टोलक्रॉस इंटरनेशनल स्विमिंग सेंटर में आयोजित किए जा रहे हैं।
पैरा स्विमिंग में आरवीवीबीके बुडिगिना ने पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 हीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और आगे के मुकाबले के लिए क्वालिफाई किया। भारत के अली इमाम भी इसी इवेंट में उतरे। दिन के शुरुआती नतीजों में बुडिगिना का प्रदर्शन भारत के लिए सकारात्मक रहा।
बॉक्सिंग में भारत का अभियान भी आगे बढ़ रहा है। पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ 32 में जदुमणि सिंह का सामना मेजबान स्कॉटलैंड के एरॉन कुलेन से होना है। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच स्कॉटिश मुक्केबाज के खिलाफ भारतीय बॉक्सर के सामने चुनौती आसान नहीं होगी। जीत हासिल करने पर जदुमणि अगले दौर में जगह बनाएंगे।
भारत के लिए बॉक्सिंग से एक मेडल पहले ही सुनिश्चित हो चुका है। ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन महिला 75 किलोग्राम वर्ग में सीधे सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। इस कैटेगरी में सीमित संख्या में मुक्केबाज होने के कारण उन्हें क्वार्टर फाइनल में बाई मिली। कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग नियमों के तहत दोनों सेमीफाइनल हारने वाले खिलाड़ियों को भी ब्रॉन्ज मेडल मिलता है, इसलिए लवलीना का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित है।
लवलीना के लिए ग्लासगो का यह अभियान व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण है। बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में वह पदक से चूक गई थीं। इस बार सीधे अंतिम चार में जगह मिलने के बाद उनके पास कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना पहला फाइनल खेलने का मौका होगा। सेमीफाइनल में जीत उन्हें गोल्ड मेडल मुकाबले तक पहुंचा देगी।
ग्लासगो 2026 का प्रारूप पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स की तुलना में छोटा रखा गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रतियोगिताएं चार प्रमुख वेन्यू में आयोजित की जा रही हैं और कार्यक्रम में 10 खेल शामिल हैं। इनमें आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स, स्विमिंग, वेटलिफ्टिंग और पैरा पावरलिफ्टिंग जैसे वे खेल भी शामिल हैं, जिनमें भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।
दूसरे दिन भारत के लिए सबसे ज्यादा निगाहें पैरा पावरलिफ्टिंग के फाइनल मुकाबलों पर रहेंगी। इसके साथ लॉन बॉल्स में शुरुआती सफलता को आगे बढ़ाने, बॉक्सिंग में अगले दौर का टिकट हासिल करने और जिम्नास्टिक्स में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। लवलीना का पदक सुनिश्चित होने से भारतीय खेमे को पहले ही अच्छी खबर मिल चुकी है और अब बाकी खिलाड़ियों के प्रदर्शन से मेडल टैली में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
