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हांगझोउ वर्ल्ड कप में संयम का सिल्वर पर निशाना, अनाहत सिंह ने स्क्वैश सेमीफाइनल में बनाई जगह
स्पोर्ट्स डेस्क
10 मीटर एयर पिस्टल में संयम ने भारत को दिलाया पहला पदक; वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश में अनाहत ने मिस्र की हबीबा रिज्क को 3-1 से हराकर लगातार दूसरी बार अंतिम-4 में प्रवेश किया
भारतीय खेल जगत के लिए शूटिंग और स्क्वैश से अच्छी खबर सामने आई है। चीन के हांगझोउ में आयोजित ISSF राइफल, पिस्टल और शॉटगन वर्ल्ड कप में भारतीय निशानेबाज संयम ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। वहीं कनाडा के ओंटारियो में चल रही वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में भारत की अनाहत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।
हांगझोउ में संयम ने क्वालिफिकेशन राउंड से ही मजबूत प्रदर्शन किया। उन्होंने 579 अंक जुटाकर पदक मुकाबले के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की। फाइनल में भी भारतीय निशानेबाज ने दबाव के बीच निरंतरता बनाए रखी और 243.4 अंक के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। इस प्रदर्शन ने भारत को प्रतियोगिता में पहला पदक दिलाया।
महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल जैसी प्रतिस्पर्धी स्पर्धा में संयम ने शुरुआत से खुद को पदक की दौड़ में बनाए रखा। फाइनल के दौरान हर सीरीज के साथ खिलाड़ियों के बीच मुकाबला कड़ा होता गया, लेकिन भारतीय शूटर ने अहम मौकों पर सटीक निशाने लगाकर सिल्वर मेडल सुनिश्चित किया।
यह संयम के अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा ISSF वर्ल्ड कप सिल्वर मेडल है। लगातार बड़े टूर्नामेंटों में उनके प्रदर्शन ने भारतीय पिस्टल शूटिंग में उनकी स्थिति को और मजबूत किया है। हांगझोउ में मिला यह पदक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके साथ मौजूदा वर्ल्ड कप में भारत का मेडल अकाउंट खुल गया।
ISSF वर्ल्ड कप में दुनिया के कई शीर्ष निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में क्वालिफिकेशन से फाइनल तक अपनी लय बनाए रखना खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती होती है। संयम ने पहले 579 के स्कोर के साथ फाइनल का टिकट हासिल किया और फिर पदक मुकाबले में 243.4 अंक बनाकर पोडियम पर जगह बनाई।
दूसरी ओर स्क्वैश में भारत की युवा खिलाड़ी अनाहत सिंह ने वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में अपना शानदार अभियान जारी रखा है। क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला मिस्र की हबीबा रिज्क से हुआ। चार गेम तक चले मुकाबले को अनाहत ने 3-1 से जीतकर अंतिम चार में प्रवेश किया।
अनाहत ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक तरीके से की। पहले गेम में उन्होंने 11-7 से जीत दर्ज कर बढ़त हासिल की। दूसरे गेम में उनका प्रदर्शन और प्रभावी रहा और उन्होंने 11-5 से बाजी मारकर मैच में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली।
दो गेम से पिछड़ने के बाद हबीबा रिज्क ने तीसरे गेम में वापसी की। मिस्र की खिलाड़ी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अनाहत पर दबाव बनाया और तीसरा गेम 11-6 से अपने नाम कर लिया। इसके बाद मुकाबला चौथे गेम में पहुंचा, जहां दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
चौथे गेम में अनाहत ने निर्णायक मौकों पर नियंत्रण बनाए रखा। स्कोर बेहद करीबी रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने 11-9 से गेम जीतकर मैच 3-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
अनाहत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह लगातार दूसरी बार इस प्रतिष्ठित जूनियर टूर्नामेंट के अंतिम चार तक पहुंची हैं। पिछले संस्करण में उन्होंने सेमीफाइनल तक का सफर तय करते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। अब एक बार फिर उनके पास अपने पिछले प्रदर्शन से आगे निकलने का मौका है।
दिल्ली की अनाहत जूनियर स्तर पर भारत की प्रमुख स्क्वैश खिलाड़ियों में शामिल रही हैं। कम उम्र से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार खेलते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर लगातार दो संस्करणों में अंतिम चार तक पहुंचना भारतीय स्क्वैश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण प्रदर्शन है।
अब सेमीफाइनल में अनाहत के सामने मिस्र की बारब समेह की चुनौती होगी। मिस्र लंबे समय से विश्व स्क्वैश की सबसे मजबूत ताकतों में शामिल रहा है और उसकी जूनियर खिलाड़ियों का भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दबदबा देखने को मिलता है। ऐसे में फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए अनाहत के सामने एक और कठिन मुकाबला होगा।
अनाहत के क्वार्टर फाइनल प्रदर्शन में शुरुआती दो गेम निर्णायक साबित हुए। उन्होंने शुरुआत में ही 2-0 की बढ़त बनाकर प्रतिद्वंद्वी पर दबाव डाल दिया था। तीसरा गेम गंवाने के बावजूद उन्होंने चौथे गेम में मैच को पांचवें और निर्णायक गेम तक नहीं जाने दिया और 11-9 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया।
एक ओर हांगझोउ में संयम ने 10 मीटर एयर पिस्टल में 243.4 अंक के साथ सिल्वर जीतकर भारतीय शूटिंग टीम को पहला पदक दिलाया, वहीं ओंटारियो में अनाहत सिंह ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश के अंतिम चार में जगह बनाई है। अब शूटिंग में भारतीय दल के बाकी मुकाबलों के साथ स्क्वैश में अनाहत के सेमीफाइनल पर नजर रहेगी।
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हांगझोउ वर्ल्ड कप में संयम का सिल्वर पर निशाना, अनाहत सिंह ने स्क्वैश सेमीफाइनल में बनाई जगह
स्पोर्ट्स डेस्क
भारतीय खेल जगत के लिए शूटिंग और स्क्वैश से अच्छी खबर सामने आई है। चीन के हांगझोउ में आयोजित ISSF राइफल, पिस्टल और शॉटगन वर्ल्ड कप में भारतीय निशानेबाज संयम ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। वहीं कनाडा के ओंटारियो में चल रही वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में भारत की अनाहत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।
हांगझोउ में संयम ने क्वालिफिकेशन राउंड से ही मजबूत प्रदर्शन किया। उन्होंने 579 अंक जुटाकर पदक मुकाबले के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की। फाइनल में भी भारतीय निशानेबाज ने दबाव के बीच निरंतरता बनाए रखी और 243.4 अंक के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। इस प्रदर्शन ने भारत को प्रतियोगिता में पहला पदक दिलाया।
महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल जैसी प्रतिस्पर्धी स्पर्धा में संयम ने शुरुआत से खुद को पदक की दौड़ में बनाए रखा। फाइनल के दौरान हर सीरीज के साथ खिलाड़ियों के बीच मुकाबला कड़ा होता गया, लेकिन भारतीय शूटर ने अहम मौकों पर सटीक निशाने लगाकर सिल्वर मेडल सुनिश्चित किया।
यह संयम के अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा ISSF वर्ल्ड कप सिल्वर मेडल है। लगातार बड़े टूर्नामेंटों में उनके प्रदर्शन ने भारतीय पिस्टल शूटिंग में उनकी स्थिति को और मजबूत किया है। हांगझोउ में मिला यह पदक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके साथ मौजूदा वर्ल्ड कप में भारत का मेडल अकाउंट खुल गया।
ISSF वर्ल्ड कप में दुनिया के कई शीर्ष निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में क्वालिफिकेशन से फाइनल तक अपनी लय बनाए रखना खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती होती है। संयम ने पहले 579 के स्कोर के साथ फाइनल का टिकट हासिल किया और फिर पदक मुकाबले में 243.4 अंक बनाकर पोडियम पर जगह बनाई।
दूसरी ओर स्क्वैश में भारत की युवा खिलाड़ी अनाहत सिंह ने वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में अपना शानदार अभियान जारी रखा है। क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला मिस्र की हबीबा रिज्क से हुआ। चार गेम तक चले मुकाबले को अनाहत ने 3-1 से जीतकर अंतिम चार में प्रवेश किया।
अनाहत ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक तरीके से की। पहले गेम में उन्होंने 11-7 से जीत दर्ज कर बढ़त हासिल की। दूसरे गेम में उनका प्रदर्शन और प्रभावी रहा और उन्होंने 11-5 से बाजी मारकर मैच में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली।
दो गेम से पिछड़ने के बाद हबीबा रिज्क ने तीसरे गेम में वापसी की। मिस्र की खिलाड़ी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अनाहत पर दबाव बनाया और तीसरा गेम 11-6 से अपने नाम कर लिया। इसके बाद मुकाबला चौथे गेम में पहुंचा, जहां दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
चौथे गेम में अनाहत ने निर्णायक मौकों पर नियंत्रण बनाए रखा। स्कोर बेहद करीबी रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने 11-9 से गेम जीतकर मैच 3-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
अनाहत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह लगातार दूसरी बार इस प्रतिष्ठित जूनियर टूर्नामेंट के अंतिम चार तक पहुंची हैं। पिछले संस्करण में उन्होंने सेमीफाइनल तक का सफर तय करते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। अब एक बार फिर उनके पास अपने पिछले प्रदर्शन से आगे निकलने का मौका है।
दिल्ली की अनाहत जूनियर स्तर पर भारत की प्रमुख स्क्वैश खिलाड़ियों में शामिल रही हैं। कम उम्र से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार खेलते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर लगातार दो संस्करणों में अंतिम चार तक पहुंचना भारतीय स्क्वैश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण प्रदर्शन है।
अब सेमीफाइनल में अनाहत के सामने मिस्र की बारब समेह की चुनौती होगी। मिस्र लंबे समय से विश्व स्क्वैश की सबसे मजबूत ताकतों में शामिल रहा है और उसकी जूनियर खिलाड़ियों का भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दबदबा देखने को मिलता है। ऐसे में फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए अनाहत के सामने एक और कठिन मुकाबला होगा।
अनाहत के क्वार्टर फाइनल प्रदर्शन में शुरुआती दो गेम निर्णायक साबित हुए। उन्होंने शुरुआत में ही 2-0 की बढ़त बनाकर प्रतिद्वंद्वी पर दबाव डाल दिया था। तीसरा गेम गंवाने के बावजूद उन्होंने चौथे गेम में मैच को पांचवें और निर्णायक गेम तक नहीं जाने दिया और 11-9 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया।
एक ओर हांगझोउ में संयम ने 10 मीटर एयर पिस्टल में 243.4 अंक के साथ सिल्वर जीतकर भारतीय शूटिंग टीम को पहला पदक दिलाया, वहीं ओंटारियो में अनाहत सिंह ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश के अंतिम चार में जगह बनाई है। अब शूटिंग में भारतीय दल के बाकी मुकाबलों के साथ स्क्वैश में अनाहत के सेमीफाइनल पर नजर रहेगी।
