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भारत में हो सकता है ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड टेस्ट! क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने संभावनाओं के लिए खोले दरवाजे
स्पोर्ट्स डेस्क
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने भारत को बताया बेहद अहम क्रिकेट बाजार; फिलहाल कोई औपचारिक योजना नहीं, व्यस्त इंटरनेशनल कैलेंडर बन सकता है सबसे बड़ी चुनौतीv
क्रिकेट की सबसे पुरानी प्रतिद्वंद्विताओं में शामिल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच भविष्य में कोई टेस्ट मुकाबला भारत में देखने को मिल सकता है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड टेस्ट को भारत में आयोजित करने की कोई औपचारिक योजना या तय प्रस्ताव नहीं है। उनका मानना है कि तेजी से बदलते क्रिकेट बाजार में नए प्रयोग और बड़े मुकाबलों को अलग देशों तक ले जाने जैसे विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
BBC के ‘Stumped’ पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान ग्रीनबर्ग से ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच किसी टेस्ट या विशेष मुकाबले को भारत में आयोजित करने की संभावना पर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने संकेत दिया कि क्रिकेट प्रशासन को नए अवसरों के लिए अपने विकल्प खुले रखने चाहिए। भारत में क्रिकेट की विशाल दर्शक संख्या और कमर्शियल क्षमता को देखते हुए भविष्य में इस तरह के प्रयोग की संभावना तलाशी जा सकती है।
ग्रीनबर्ग की टिप्पणी का मतलब यह नहीं है कि किसी एशेज टेस्ट को भारत शिफ्ट करने का फैसला हो चुका है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच होने वाली एशेज दोनों देशों के क्रिकेट इतिहास और घरेलू दर्शकों से गहराई से जुड़ी है। ऐसे में किसी आधिकारिक एशेज मुकाबले को तीसरे देश में आयोजित करना बेहद बड़ा फैसला होगा। चर्चा फिलहाल भविष्य में संभावित विशेष टेस्ट, प्रदर्शनी मुकाबले या किसी अलग तरह के मार्की क्रिकेट इवेंट की संभावना के स्तर पर है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बाजारों में शामिल है। यहां ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों टीमों की बड़ी फैन फॉलोइंग है। इसके अलावा प्रसारण अधिकार, स्पॉन्सरशिप और स्टेडियम दर्शकों के लिहाज से भी भारतीय बाजार दुनिया के क्रिकेट बोर्डों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी वजह से बड़े क्रिकेट बोर्ड भारतीय दर्शकों तक अपनी घरेलू प्रतियोगिताओं और प्रमुख मुकाबलों की पहुंच बढ़ाने के नए तरीके तलाश रहे हैं।
ग्रीनबर्ग ने इस संदर्भ में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच मजबूत संबंधों का भी उल्लेख किया। किसी ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड मुकाबले को भारत में कराने जैसी योजना तभी संभव होगी, जब संबंधित बोर्डों के बीच सहमति के साथ इंटरनेशनल शेड्यूल में इसके लिए जगह उपलब्ध हो।
इस विचार के सामने सबसे बड़ी समस्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का बेहद व्यस्त कैलेंडर है। खिलाड़ियों को पहले ही द्विपक्षीय सीरीज, ICC टूर्नामेंट और दुनियाभर की फ्रेंचाइजी लीग में लगातार खेलना पड़ रहा है। ऐसे में किसी अतिरिक्त हाई-प्रोफाइल टेस्ट या विशेष क्रिकेट आयोजन के लिए समय निकालना आसान नहीं होगा।
ग्रीनबर्ग ने भी इस समस्या को स्वीकार करते हुए संकेत दिया कि क्रिकेट के पास जितने बड़े मुकाबले और आयोजन कराने की मांग है, उसकी तुलना में कैलेंडर में उपलब्ध समय बेहद सीमित है। एक साल में केवल 365 दिन होने के कारण क्रिकेट बोर्डों को राष्ट्रीय टीमों के कार्यक्रम, घरेलू लीग, ICC इवेंट और खिलाड़ियों के वर्कलोड के बीच संतुलन बनाना पड़ता है।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की भारत में मौजूदगी बढ़ाने को लेकर भी हाल के समय में कई संभावनाओं पर चर्चा हुई है। भारतीय बाजार में विदेशी क्रिकेट प्रतियोगिताओं की दिलचस्पी केवल दर्शकों तक सीमित नहीं है। डिजिटल स्ट्रीमिंग, टेलीविजन व्यूअरशिप और स्पॉन्सरशिप के कारण भारत किसी भी बड़े क्रिकेट आयोजन के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण बाजार बन चुका है।
इंग्लैंड क्रिकेट के लिए भी भारत के खिलाफ होने वाली सीरीज कमर्शियल रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। भारतीय टीम के दौरे बड़ी दर्शक संख्या और ब्रॉडकास्ट वैल्यू लेकर आते हैं। यही कारण है कि वैश्विक क्रिकेट में भारत से जुड़े मुकाबलों और भारतीय बाजार तक पहुंच बढ़ाने को लेकर विभिन्न बोर्ड लगातार नए मॉडल तलाश रहे हैं।
अगर भविष्य में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच भारत में कोई टेस्ट आयोजित करने का विचार आगे बढ़ता है, तो उसके स्वरूप को लेकर कई सवाल तय करने होंगे। सबसे अहम यह होगा कि मुकाबला किसी आधिकारिक द्विपक्षीय सीरीज का हिस्सा होगा या एक विशेष प्रदर्शनी टेस्ट के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा टेस्ट चैंपियनशिप अंक, वेन्यू, प्रसारण अधिकार और खिलाड़ियों की उपलब्धता जैसे विषय भी महत्वपूर्ण होंगे।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच अगली एशेज सीरीज 2027 में इंग्लैंड में खेली जानी है। इससे पहले दोनों देशों के बीच टेस्ट क्रिकेट के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक विशेष मुकाबले की भी योजना है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में मार्च 2027 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच डे-नाइट टेस्ट प्रस्तावित है। यह मुकाबला 1877 में खेले गए दुनिया के पहले आधिकारिक टेस्ट की 150वीं वर्षगांठ से जुड़ा विशेष आयोजन होगा।
मेलबर्न में होने वाला यह मुकाबला एशेज सीरीज का हिस्सा नहीं होगा। इसे टेस्ट क्रिकेट के ऐतिहासिक सफर को याद करने के लिए अलग आयोजन के रूप में रखा गया है। इसी तरह भविष्य में दूसरे देशों में विशेष टेस्ट आयोजित करने का मॉडल क्रिकेट बोर्डों को पारंपरिक द्विपक्षीय सीरीज से अलग नए प्रयोग करने का विकल्प दे सकता है।
भारत में ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड टेस्ट की संभावना फिलहाल शुरुआती विचार से आगे नहीं बढ़ी है। कोई तारीख, वेन्यू या औपचारिक प्रस्ताव घोषित नहीं किया गया है। इसलिए इसे तय आयोजन के बजाय क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की भविष्य के नए कमर्शियल और वैश्विक अवसरों के प्रति खुली सोच के रूप में देखा जा रहा है।
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भारत में हो सकता है ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड टेस्ट! क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने संभावनाओं के लिए खोले दरवाजे
स्पोर्ट्स डेस्क
क्रिकेट की सबसे पुरानी प्रतिद्वंद्विताओं में शामिल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच भविष्य में कोई टेस्ट मुकाबला भारत में देखने को मिल सकता है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड टेस्ट को भारत में आयोजित करने की कोई औपचारिक योजना या तय प्रस्ताव नहीं है। उनका मानना है कि तेजी से बदलते क्रिकेट बाजार में नए प्रयोग और बड़े मुकाबलों को अलग देशों तक ले जाने जैसे विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
BBC के ‘Stumped’ पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान ग्रीनबर्ग से ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच किसी टेस्ट या विशेष मुकाबले को भारत में आयोजित करने की संभावना पर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने संकेत दिया कि क्रिकेट प्रशासन को नए अवसरों के लिए अपने विकल्प खुले रखने चाहिए। भारत में क्रिकेट की विशाल दर्शक संख्या और कमर्शियल क्षमता को देखते हुए भविष्य में इस तरह के प्रयोग की संभावना तलाशी जा सकती है।
ग्रीनबर्ग की टिप्पणी का मतलब यह नहीं है कि किसी एशेज टेस्ट को भारत शिफ्ट करने का फैसला हो चुका है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच होने वाली एशेज दोनों देशों के क्रिकेट इतिहास और घरेलू दर्शकों से गहराई से जुड़ी है। ऐसे में किसी आधिकारिक एशेज मुकाबले को तीसरे देश में आयोजित करना बेहद बड़ा फैसला होगा। चर्चा फिलहाल भविष्य में संभावित विशेष टेस्ट, प्रदर्शनी मुकाबले या किसी अलग तरह के मार्की क्रिकेट इवेंट की संभावना के स्तर पर है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बाजारों में शामिल है। यहां ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों टीमों की बड़ी फैन फॉलोइंग है। इसके अलावा प्रसारण अधिकार, स्पॉन्सरशिप और स्टेडियम दर्शकों के लिहाज से भी भारतीय बाजार दुनिया के क्रिकेट बोर्डों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी वजह से बड़े क्रिकेट बोर्ड भारतीय दर्शकों तक अपनी घरेलू प्रतियोगिताओं और प्रमुख मुकाबलों की पहुंच बढ़ाने के नए तरीके तलाश रहे हैं।
ग्रीनबर्ग ने इस संदर्भ में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच मजबूत संबंधों का भी उल्लेख किया। किसी ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड मुकाबले को भारत में कराने जैसी योजना तभी संभव होगी, जब संबंधित बोर्डों के बीच सहमति के साथ इंटरनेशनल शेड्यूल में इसके लिए जगह उपलब्ध हो।
इस विचार के सामने सबसे बड़ी समस्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का बेहद व्यस्त कैलेंडर है। खिलाड़ियों को पहले ही द्विपक्षीय सीरीज, ICC टूर्नामेंट और दुनियाभर की फ्रेंचाइजी लीग में लगातार खेलना पड़ रहा है। ऐसे में किसी अतिरिक्त हाई-प्रोफाइल टेस्ट या विशेष क्रिकेट आयोजन के लिए समय निकालना आसान नहीं होगा।
ग्रीनबर्ग ने भी इस समस्या को स्वीकार करते हुए संकेत दिया कि क्रिकेट के पास जितने बड़े मुकाबले और आयोजन कराने की मांग है, उसकी तुलना में कैलेंडर में उपलब्ध समय बेहद सीमित है। एक साल में केवल 365 दिन होने के कारण क्रिकेट बोर्डों को राष्ट्रीय टीमों के कार्यक्रम, घरेलू लीग, ICC इवेंट और खिलाड़ियों के वर्कलोड के बीच संतुलन बनाना पड़ता है।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की भारत में मौजूदगी बढ़ाने को लेकर भी हाल के समय में कई संभावनाओं पर चर्चा हुई है। भारतीय बाजार में विदेशी क्रिकेट प्रतियोगिताओं की दिलचस्पी केवल दर्शकों तक सीमित नहीं है। डिजिटल स्ट्रीमिंग, टेलीविजन व्यूअरशिप और स्पॉन्सरशिप के कारण भारत किसी भी बड़े क्रिकेट आयोजन के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण बाजार बन चुका है।
इंग्लैंड क्रिकेट के लिए भी भारत के खिलाफ होने वाली सीरीज कमर्शियल रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। भारतीय टीम के दौरे बड़ी दर्शक संख्या और ब्रॉडकास्ट वैल्यू लेकर आते हैं। यही कारण है कि वैश्विक क्रिकेट में भारत से जुड़े मुकाबलों और भारतीय बाजार तक पहुंच बढ़ाने को लेकर विभिन्न बोर्ड लगातार नए मॉडल तलाश रहे हैं।
अगर भविष्य में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच भारत में कोई टेस्ट आयोजित करने का विचार आगे बढ़ता है, तो उसके स्वरूप को लेकर कई सवाल तय करने होंगे। सबसे अहम यह होगा कि मुकाबला किसी आधिकारिक द्विपक्षीय सीरीज का हिस्सा होगा या एक विशेष प्रदर्शनी टेस्ट के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा टेस्ट चैंपियनशिप अंक, वेन्यू, प्रसारण अधिकार और खिलाड़ियों की उपलब्धता जैसे विषय भी महत्वपूर्ण होंगे।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच अगली एशेज सीरीज 2027 में इंग्लैंड में खेली जानी है। इससे पहले दोनों देशों के बीच टेस्ट क्रिकेट के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक विशेष मुकाबले की भी योजना है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में मार्च 2027 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच डे-नाइट टेस्ट प्रस्तावित है। यह मुकाबला 1877 में खेले गए दुनिया के पहले आधिकारिक टेस्ट की 150वीं वर्षगांठ से जुड़ा विशेष आयोजन होगा।
मेलबर्न में होने वाला यह मुकाबला एशेज सीरीज का हिस्सा नहीं होगा। इसे टेस्ट क्रिकेट के ऐतिहासिक सफर को याद करने के लिए अलग आयोजन के रूप में रखा गया है। इसी तरह भविष्य में दूसरे देशों में विशेष टेस्ट आयोजित करने का मॉडल क्रिकेट बोर्डों को पारंपरिक द्विपक्षीय सीरीज से अलग नए प्रयोग करने का विकल्प दे सकता है।
भारत में ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड टेस्ट की संभावना फिलहाल शुरुआती विचार से आगे नहीं बढ़ी है। कोई तारीख, वेन्यू या औपचारिक प्रस्ताव घोषित नहीं किया गया है। इसलिए इसे तय आयोजन के बजाय क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की भविष्य के नए कमर्शियल और वैश्विक अवसरों के प्रति खुली सोच के रूप में देखा जा रहा है।
