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छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की बड़ी उपलब्धि: 41 लाख से अधिक घरों तक पहुंचा नल से पानी
रायपुर (छ.ग.)
5,564 गांव ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित, लापरवाह ठेकेदारों पर 28.38 करोड़ रुपये का जुर्माना
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। राज्य में अब तक 41 लाख 87 हजार से अधिक घरों में नल कनेक्शन लगाए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को सीधे शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल रही है। यह जानकारी नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित एक राज्य स्तरीय समीक्षा सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मिशन की शुरुआत से पहले छत्तीसगढ़ में केवल 3 लाख 19 हजार घरेलू नल कनेक्शन मौजूद थे। बीते दो वर्षों में इस संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीण इलाकों की पेयजल व्यवस्था में बुनियादी बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
सम्मेलन में दी गई जानकारी के अनुसार राज्य के 6,572 गांवों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन का कार्य पूरा हो चुका है। इनमें से 5,564 गांवों को औपचारिक रूप से ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जबकि 4,544 गांवों का विधिवत प्रमाणीकरण भी पूरा कर लिया गया है। बीते दो वर्षों में हर घर जल सर्टिफाइड गांवों की संख्या में लगभग 750 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन को मजबूत करने के लिए 5,088 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का हस्तांतरण किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर रखरखाव और निगरानी बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन केवल कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक और गुणवत्तापूर्ण जल आपूर्ति इसका मूल उद्देश्य है।
पेयजल संरचना की बात करें तो मिशन से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में 3.08 लाख हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगति पर हैं, जिनसे 3,208 गांवों को लाभ मिल रहा है और लगभग 9.85 लाख अतिरिक्त नल कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं।
जल गुणवत्ता को लेकर सरकार ने निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया है। राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें से 47 को मान्यता प्राप्त है। आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 सक्रिय किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिछले दो वर्षों में दोषपूर्ण कार्यों के कारण 28.38 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा 629 अनुबंध रद्द किए गए हैं और 11 निर्माण फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में शेष लगभग 8 लाख नल कनेक्शन, अधूरी योजनाओं को पूरा करना और राज्य के सभी गांवों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता में रहेगा। जल जीवन मिशन को छत्तीसगढ़ में एक स्थायी और भरोसेमंद मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
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