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दुर्ग में भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती का खुलासा, पार्टी ने किया सस्पेंड
दुर्ग (छ.ग.)
समोदा गांव में मक्के की फसल के बीच उगाए गए अफीम के पौधे; पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सरकार पर उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में कथित तौर पर भाजपा नेता के खेत में अफीम की अवैध खेती मिलने के बाद बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मामले में भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े नेता विनायक ताम्रकर को पार्टी ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर जांच शुरू कर दी है और खेत में अफीम के पौधे मिलने की पुष्टि की है।
पुलिस के अनुसार 6 मार्च को मिली सूचना के आधार पर समोदा और झेंजरी गांव की सीमा पर स्थित खेत में छापेमारी की गई। प्रारंभिक जांच में करीब डेढ़ से दो एकड़ क्षेत्र में अफीम की खेती पाई गई। खेत में मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे ताकि खेती को छिपाया जा सके। प्रशासन ने मौके से सैंपल एकत्र किए हैं और फसल की अनुमानित कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
इस मामले ने राजनीतिक रंग तब ले लिया जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को समोदा गांव पहुंचे और खेत का निरीक्षण किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी का स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से करीबी संबंध होने के कारण अब तक कड़ी कार्रवाई नहीं हुई। बघेल ने कहा कि ग्रामीणों के अनुसार आरोपी का फार्महाउस सैकड़ों एकड़ में फैला हुआ है और करीब 150 एकड़ भूमि पर उसका कब्जा बताया जा रहा है, जिसमें चारागाह की जमीन भी शामिल है।
बघेल ने यह भी कहा कि पहले नशीले पदार्थों की आपूर्ति अन्य राज्यों से होती थी, लेकिन अब प्रदेश में ही अवैध अफीम की खेती सामने आ रही है। उन्होंने मांग की कि पूरे नेटवर्क की जांच की जाए और इस मामले को विधानसभा में उठाने की भी बात कही।
घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग खेत देखने पहुंच गए। पुलिस ने भीड़ को खेत में जाने से रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बाद में इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
इस बीच भाजपा नेता विनायक ताम्रकर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि जिस जमीन को लेकर मामला बनाया जा रहा है, वह उनकी नहीं है और यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष के कारण की गई है। उन्होंने दावा किया कि खेत किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर है और संभव है कि कुछ बाहरी लोगों ने चोरी-छिपे वहां अफीम की खेती की हो।
पुलिस के अनुसार मामले में एक संदिग्ध मजदूर को हिरासत में लिया गया है और जमीन के वास्तविक स्वामित्व की जांच की जा रही है। न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खेत का निरीक्षण कराया जा रहा है और रायपुर से विशेषज्ञों की टीम भी जांच में शामिल हो सकती है।जिला प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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