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भोपाल में जलसा-ए-शहादत के दौरान अमेरिका-इजराइल विरोधी नारे
भोपाल (म.प्र.)
ट्रंप के पोस्टर पैरों से कुचले गए, कार्यक्रम में मौलाना की विवादित टिप्पणी; पुलिस बल तैनात
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार देर रात आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की गई। नरेला विधानसभा क्षेत्र की बिस्मिल्लाह कॉलोनी स्थित गरीब नवाज मस्जिद में आयोजित जलसा-ए-शहादत के दौरान कुछ लोगों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टर जमीन पर रखकर पैरों से कुचल दिए। कार्यक्रम के दौरान “अमेरिका मुर्दाबाद” और “इजराइल मुर्दाबाद” के नारे लगाए गए। आयोजन के मद्देनज़र इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
यह कार्यक्रम ईरान के सुप्रीम लीडर रहबर-ए-मोअज्जम आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई की याद में आयोजित किया गया था। सभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और वक्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान दिए गए कुछ भाषणों और नारेबाजी को लेकर चर्चा भी शुरू हो गई है।
सभा को संबोधित करते हुए मौलाना रजी-उल-हसन हैदरी ने वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी करते हुए अमेरिका और इजराइल की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई जगहों पर अत्याचार और हिंसा की घटनाएं हो रही हैं और कमजोर वर्गों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। भाषण के दौरान उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की। इस दौरान मौजूद लोगों ने नारेबाजी करते हुए अमेरिका और इजराइल के खिलाफ विरोध जताया।
मौलाना हैदरी ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की का आधार तालीम है और युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई देशों ने शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में निवेश कर वैश्विक स्तर पर प्रभाव बनाया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज की मजबूती के लिए शिक्षा हासिल करें।
कार्यक्रम में मौजूद सैयद अजहर हुसैन रिजवी ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में मुसलमानों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और समुदाय को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग परंपराएं और तरीके हो सकते हैं, लेकिन आस्था और मूल विचार समान हैं। उन्होंने एकता और सामाजिक समरसता की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस मौके पर एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई और उनके विचारों को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने खामनेई को श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को याद किया। वहीं प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा गया था। स्थानीय पुलिस ने पूरे इलाके में निगरानी रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
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