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इंदौर हादसे के बाद हरकत में रायपुर नगर निगम: जल बोर्ड गठन से लेकर ड्रोन टैक्स सर्वे तक 10 अहम फैसले
रायपुर (छ.ग.)
मेयर इन काउंसिल की बैठक में जल आपूर्ति, स्वच्छता, सड़क, टैक्स और ट्रैफिक सुधार से जुड़े बड़े निर्णय; शहर के 6 प्रमुख मार्ग बने नो-फ्लेक्स जोन
मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई 18 मौतों के बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी नगर प्रशासन सतर्क हुआ है। 8 जनवरी को हुई मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक में नगर निगम ने जल बोर्ड के गठन समेत शहर के बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी।
बैठक महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में हुई, जिसमें नगर आयुक्त विश्वदीप सहित सभी MIC सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस जल आपूर्ति की गुणवत्ता, सीवेज प्रबंधन, कर प्रणाली में पारदर्शिता और शहरी अव्यवस्था पर नियंत्रण रहा।
जल बोर्ड क्यों जरूरी माना गया
रायपुर में अब तक जल वितरण, पाइपलाइन विस्तार और जल गुणवत्ता की जिम्मेदारी अलग-अलग जोन और वार्डों में बंटी हुई थी। इससे कई इलाकों में समन्वय की कमी और शिकायतों के समाधान में देरी की स्थिति बन रही थी। MIC ने माना कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है जब एक समर्पित जल बोर्ड गठित किया जाए, जो पीने के पानी, सीवेज और जल संसाधनों की पूरी जिम्मेदारी संभाले।
ड्रोन से होगी प्रॉपर्टी टैक्स की निगरानी
बैठक में यह भी तय किया गया कि रायपुर में ड्रोन आधारित प्रॉपर्टी टैक्स मैपिंग की जाएगी। इस परियोजना पर करीब 5.80 करोड़ रुपए खर्च होंगे। ड्रोन सर्वे के जरिए अवैध निर्माण और टैक्स चोरी की पहचान की जाएगी, जिससे निगम के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
शहर के विकास से जुड़े अन्य फैसले
MIC की बैठक में सड़क, नाला, स्वच्छता, वायु गुणवत्ता और ट्रैफिक सुधार से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। नगर निगम को अमृत 2.0 मिशन के तहत तय लक्ष्य पूरे करने पर 15 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भी मिली है, जिसे जल प्रबंधन और आधारभूत सुविधाओं में लगाया जाएगा।
MIC में लिए गए 10 बड़े फैसले
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जल आपूर्ति और सीवेज प्रबंधन के लिए रायपुर में जल बोर्ड का गठन।
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ड्रोन तकनीक से संपत्तियों का डिजिटल सर्वे और टैक्स मैपिंग।
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शहर के 6 प्रमुख मार्गों को नो-फ्लेक्स जोन घोषित किया गया।
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हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास के लिए नई दुकानों का निर्माण।
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प्रमुख सड़कों के डिवाइडर और विज्ञापन संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी एजेंसियों को।
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कुशालपुर क्षेत्र में पाइपलाइन पुशिंग कार्य के लिए 1.65 करोड़ रुपए स्वीकृत।
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विधायक कॉलोनी और लाभांडी क्षेत्र में नाला निर्माण के लिए 1.94 करोड़ रुपए की मंजूरी।
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18 प्रमुख सड़क जंक्शनों के विकास पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
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वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 15वें वित्त आयोग से सड़क और ड्रेनेज कार्यों को स्वीकृति।
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अवैध विज्ञापनों पर सख्ती, उल्लंघन पर जुर्माना और तत्काल कार्रवाई।
इन मार्गों पर फ्लेक्स और बैनर पूरी तरह प्रतिबंधित
नगर निगम ने ट्रैफिक और सौंदर्य सुधार के लिए शहर की कई व्यस्त सड़कों पर फ्लेक्स-बैनर लगाने पर रोक लगा दी है। इन इलाकों में केवल सरकारी सूचनाओं को ही अनुमति दी जाएगी।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, जल बोर्ड की संरचना और कार्यप्रणाली जल्द तय की जाएगी। वहीं ड्रोन सर्वे और सड़क-नाला परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी। प्रशासन का दावा है कि इन फैसलों से रायपुर में पानी की गुणवत्ता, शहरी व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं में ठोस सुधार देखने को मिलेगा।
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