- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- दुर्ग में आइसक्रीम पार्लर की आड़ में चल रहा सेक्स रैकेट, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दुर्ग में आइसक्रीम पार्लर की आड़ में चल रहा सेक्स रैकेट, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दुर्ग,(छ.ग.)
फर्जी ग्राहक बनाकर पहुंची पुलिस ने जलाराम लॉज में मारा छापा, तीन महिलाओं समेत संचालक और ग्राहकों को हिरासत में लिया, आपत्तिजनक सामग्री बरामद
छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में रविवार को पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया जिसने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। इंदिरा मार्केट स्थित जलाराम लॉज में आइसक्रीम पार्लर और मिठाई दुकान की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार संचालित किया जा रहा था। लंबे समय से इस गतिविधि की चर्चा स्थानीय लोगों के बीच थी, लेकिन पुलिस के पास ठोस जानकारी नहीं थी। जब विश्वसनीय सूचना मिली तो सिटी कोतवाली पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए लॉज में छापा मारा। इस कार्रवाई में संचालक, तीन महिलाओं और ग्राहकों सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया। मौके से नकदी, मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में कंडोम के पैकेट और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था ताकि किसी को भनक न लग सके। रविवार दोपहर करीब तीन बजे तीन अलग-अलग वाहनों में पुलिस टीम इंदिरा मार्केट पहुंची। सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले एक पुलिसकर्मी को फर्जी ग्राहक बनाकर लॉज के भीतर भेजा गया। बताया जा रहा है कि अंदर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी ने वहां चल रही गतिविधियों की पुष्टि की और जैसे ही बाहर मौजूद टीम को संकेत मिला, सभी पुलिसकर्मी एक साथ लॉज में दाखिल हो गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
जांच के दौरान पुलिस को लॉज के अलग-अलग कमरों में तीन महिलाएं और दो पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में मिले। मौके पर लॉज संचालक विजय गुजराती भी मौजूद था। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान करीब 20 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, लगभग 80 कंडोम के पैकेट और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया। इसके बाद सभी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सिटी कोतवाली थाना ले जाया गया, जहां उनसे देर शाम तक पूछताछ जारी रही। जांच में यह भी सामने आया कि जिस भवन में यह कार्रवाई हुई, उसके नीचे मिठाई और आइसक्रीम की दुकान संचालित होती थी, जबकि ऊपर बने लॉज का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। पुलिस को शुरुआती पूछताछ में यह जानकारी भी मिली कि यहां हर किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता था। केवल उन्हीं ग्राहकों को अंदर आने की अनुमति थी जिनके मोबाइल नंबर पहले से संचालकों के पास दर्ज थे। नए ग्राहकों को सीधे प्रवेश नहीं मिलता था। माना जा रहा है कि इसी वजह से लंबे समय तक यह गतिविधि बिना किसी संदेह के चलती रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इंदिरा मार्केट के मुख्य मार्ग पर स्थित इस परिसर को लेकर लंबे समय से तरह-तरह की चर्चाएं होती थीं। कई लोगों को संदेह था कि यहां सामान्य कारोबार के अलावा कुछ और भी चल रहा है। हालांकि किसी के पास ठोस सबूत नहीं थे। पुलिस को भी पहले स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई थी। जब विश्वसनीय सूचना मिली तो अधिकारियों ने बिना जल्दबाजी किए पूरे ऑपरेशन की रणनीति तैयार की। पहले फर्जी ग्राहक भेजने का फैसला भी इसी योजना का हिस्सा था ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की कानूनी या तकनीकी कमी न रह जाए। इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। पुलिस ने कार्रवाई के बाद लॉज और नीचे की दुकान का शटर बंद कर दिया और कई घंटे तक दस्तावेजों की जांच तथा पूछताछ की। आसपास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए थे और कई लोगों ने कार्रवाई के वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए। बाजार में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बना रहा। पुलिस ने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें।
पुलिस ने इस मामले में अनैतिक देह व्यापार से संबंधित कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में लॉज संचालक विजय गुजराती के अलावा ग्राहक नारायण देशमुख और तमाशा कुमार साहू शामिल हैं। तीन महिलाओं को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे। मोबाइल फोन और अन्य जब्त सामग्री की भी जांच की जाएगी ताकि संपर्कों और लेनदेन से जुड़ी जानकारी सामने आ सके। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिलती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
दुर्ग में आइसक्रीम पार्लर की आड़ में चल रहा सेक्स रैकेट, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दुर्ग,(छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में रविवार को पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया जिसने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। इंदिरा मार्केट स्थित जलाराम लॉज में आइसक्रीम पार्लर और मिठाई दुकान की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार संचालित किया जा रहा था। लंबे समय से इस गतिविधि की चर्चा स्थानीय लोगों के बीच थी, लेकिन पुलिस के पास ठोस जानकारी नहीं थी। जब विश्वसनीय सूचना मिली तो सिटी कोतवाली पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए लॉज में छापा मारा। इस कार्रवाई में संचालक, तीन महिलाओं और ग्राहकों सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया। मौके से नकदी, मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में कंडोम के पैकेट और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था ताकि किसी को भनक न लग सके। रविवार दोपहर करीब तीन बजे तीन अलग-अलग वाहनों में पुलिस टीम इंदिरा मार्केट पहुंची। सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले एक पुलिसकर्मी को फर्जी ग्राहक बनाकर लॉज के भीतर भेजा गया। बताया जा रहा है कि अंदर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी ने वहां चल रही गतिविधियों की पुष्टि की और जैसे ही बाहर मौजूद टीम को संकेत मिला, सभी पुलिसकर्मी एक साथ लॉज में दाखिल हो गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
जांच के दौरान पुलिस को लॉज के अलग-अलग कमरों में तीन महिलाएं और दो पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में मिले। मौके पर लॉज संचालक विजय गुजराती भी मौजूद था। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान करीब 20 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, लगभग 80 कंडोम के पैकेट और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया। इसके बाद सभी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सिटी कोतवाली थाना ले जाया गया, जहां उनसे देर शाम तक पूछताछ जारी रही। जांच में यह भी सामने आया कि जिस भवन में यह कार्रवाई हुई, उसके नीचे मिठाई और आइसक्रीम की दुकान संचालित होती थी, जबकि ऊपर बने लॉज का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। पुलिस को शुरुआती पूछताछ में यह जानकारी भी मिली कि यहां हर किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता था। केवल उन्हीं ग्राहकों को अंदर आने की अनुमति थी जिनके मोबाइल नंबर पहले से संचालकों के पास दर्ज थे। नए ग्राहकों को सीधे प्रवेश नहीं मिलता था। माना जा रहा है कि इसी वजह से लंबे समय तक यह गतिविधि बिना किसी संदेह के चलती रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इंदिरा मार्केट के मुख्य मार्ग पर स्थित इस परिसर को लेकर लंबे समय से तरह-तरह की चर्चाएं होती थीं। कई लोगों को संदेह था कि यहां सामान्य कारोबार के अलावा कुछ और भी चल रहा है। हालांकि किसी के पास ठोस सबूत नहीं थे। पुलिस को भी पहले स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई थी। जब विश्वसनीय सूचना मिली तो अधिकारियों ने बिना जल्दबाजी किए पूरे ऑपरेशन की रणनीति तैयार की। पहले फर्जी ग्राहक भेजने का फैसला भी इसी योजना का हिस्सा था ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की कानूनी या तकनीकी कमी न रह जाए। इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। पुलिस ने कार्रवाई के बाद लॉज और नीचे की दुकान का शटर बंद कर दिया और कई घंटे तक दस्तावेजों की जांच तथा पूछताछ की। आसपास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए थे और कई लोगों ने कार्रवाई के वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए। बाजार में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बना रहा। पुलिस ने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें।
पुलिस ने इस मामले में अनैतिक देह व्यापार से संबंधित कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में लॉज संचालक विजय गुजराती के अलावा ग्राहक नारायण देशमुख और तमाशा कुमार साहू शामिल हैं। तीन महिलाओं को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे। मोबाइल फोन और अन्य जब्त सामग्री की भी जांच की जाएगी ताकि संपर्कों और लेनदेन से जुड़ी जानकारी सामने आ सके। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिलती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
