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भोपाल दंपती हत्याकांड में सुराग नहीं, जांच सीडीआर पर अटकी
भोपाल,(म.प्र.)
ऐशबाग के सुदामा नगर में रिटायर्ड दंपती की गोली मारकर हत्या, 50 CCTV खंगाले गए, पिछले दरवाजे से घुसे थे आरोपी
भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र स्थित सुदामा नगर में रिटायर्ड दंपती हेमंत बारीक (70) और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक (70) की हत्या का मामला तीसरे दिन भी रहस्य बना हुआ है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की लगातार जांच के बावजूद अब तक कोई ऐसा सुराग सामने नहीं आया है, जिससे आरोपियों तक सीधे पहुंचा जा सके। फिलहाल जांच कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज और मृतक दंपती के रिश्तेदारों व परिचितों से पूछताछ पर टिकी हुई है। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि इस दोहरे हत्याकांड के पीछे कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है, जो दंपती के करीब था और घर की गतिविधियों से अच्छी तरह परिचित था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना के बाद से ही तकनीकी और फील्ड स्तर पर जांच एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। घटनास्थल से लेकर मुख्य सड़क और आसपास के इलाकों तक लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा चुकी है। कई घंटों की फुटेज देखने के बाद भी ऐसा कोई स्पष्ट वीडियो सामने नहीं आया है, जिससे किसी संदिग्ध की पहचान हो सके। कुछ कैमरों की रिकॉर्डिंग धुंधली होने और कुछ स्थानों पर कैमरों का एंगल सीमित होने के कारण जांच टीम को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। इसके बावजूद पुलिस फुटेज का दोबारा विश्लेषण कर रही है, ताकि कोई छोटी से छोटी गतिविधि भी नजरअंदाज न हो।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मृतक दंपती के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाई जा रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले दोनों किन लोगों के संपर्क में थे और आखिरी बार किससे बातचीत हुई थी। पुलिस उन नंबरों की भी जांच कर रही है, जिनसे हाल के दिनों में लगातार संपर्क हुआ था। माना जा रहा है कि सीडीआर से जांच को नई दिशा मिल सकती है और हत्या से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी जांच को नया आधार दिया है। रिपोर्ट के अनुसार हेमंत बारीक और शकुंतला बारीक, दोनों को बेहद करीब से गोली मारी गई थी। गोली चलाने का तरीका देखकर पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति हथियार चलाने में प्रशिक्षित हो सकता है। इसी वजह से जांच टीम ने कुछ शार्प शूटरों और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे संदिग्धों से भी पूछताछ शुरू की है। हालांकि अब तक किसी भी पूछताछ से ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जो सीधे इस हत्याकांड से जुड़ता हो।
पुलिस की जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। सूत्रों के अनुसार वारदात के समय मकान का पिछला दरवाजा खुला हुआ था। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपी मुख्य गेट की बजाय पीछे के रास्ते से घर में दाखिल हुए और हत्या के बाद उसी रास्ते से निकल गए। पुलिस इस एंगल को काफी गंभीरता से देख रही है क्योंकि पीछे का रास्ता वही व्यक्ति आसानी से इस्तेमाल कर सकता है, जिसे घर की बनावट और आवाजाही की जानकारी हो। यही वजह है कि जांच अधिकारियों का शक किसी परिचित या करीबी व्यक्ति पर भी बना हुआ है। बताया जा रहा है कि दंपती के मकान की ऊपरी मंजिल छात्रों को किराए पर दी गई थी। पुलिस किराएदारों से भी पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन या उससे पहले किसी संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। किराएदारों ने पुलिस को बताया कि उन्हें किसी तरह की गोली चलने की आवाज सुनाई नहीं दी थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या साइलेंसर लगे हथियार का इस्तेमाल किया गया या फिर घटना ऐसे समय हुई जब आसपास ज्यादा हलचल नहीं थी।
इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा भी संयोग से हुआ। जानकारी के मुताबिक, दो दिन तक जब दंपती घर से बाहर नहीं निकले और कोई गतिविधि दिखाई नहीं दी तो ऊपर रहने वाला किराएदार किराया देने नीचे पहुंचा। दरवाजे के पास पहुंचते ही उसे तेज बदबू महसूस हुई। इसके बाद उसने पड़ोसियों को सूचना दी और पुलिस को बुलाया गया। पुलिस जब मौके पर पहुंची और दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। हेमंत बारीक का शव बेडरूम में बिस्तर पर पड़ा था, जबकि शकुंतला बारीक का शव ड्राइंग रूम में सोफे के पास मिला। दोनों के शरीर पर गोली लगने के निशान थे। पुलिस को शुरुआती जांच में घर से जबरन लूटपाट के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। यही वजह है कि जांच एजेंसियां हत्या के पीछे संपत्ति, पैसों के लेन-देन या पारिवारिक विवाद की संभावना को भी गंभीरता से खंगाल रही हैं। रिश्तेदारों और परिचितों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि हाल के दिनों में दंपती का किसी से विवाद तो नहीं हुआ था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी को उनकी दिनचर्या और घर में अकेले रहने की जानकारी पहले से थी।जांच अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हर पहलू पर काम किया जा रहा है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कोई ऐसा अहम सुराग मिल सकता है, जिससे आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता साफ हो जाएगा। तीन दिन बीत जाने के बाद भी इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का खुलासा नहीं हो पाने से इलाके के लोगों में चिंता का माहौल है। स्थानीय निवासी भी चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।
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भोपाल दंपती हत्याकांड में सुराग नहीं, जांच सीडीआर पर अटकी
भोपाल,(म.प्र.)
भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र स्थित सुदामा नगर में रिटायर्ड दंपती हेमंत बारीक (70) और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक (70) की हत्या का मामला तीसरे दिन भी रहस्य बना हुआ है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की लगातार जांच के बावजूद अब तक कोई ऐसा सुराग सामने नहीं आया है, जिससे आरोपियों तक सीधे पहुंचा जा सके। फिलहाल जांच कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज और मृतक दंपती के रिश्तेदारों व परिचितों से पूछताछ पर टिकी हुई है। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि इस दोहरे हत्याकांड के पीछे कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है, जो दंपती के करीब था और घर की गतिविधियों से अच्छी तरह परिचित था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना के बाद से ही तकनीकी और फील्ड स्तर पर जांच एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। घटनास्थल से लेकर मुख्य सड़क और आसपास के इलाकों तक लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा चुकी है। कई घंटों की फुटेज देखने के बाद भी ऐसा कोई स्पष्ट वीडियो सामने नहीं आया है, जिससे किसी संदिग्ध की पहचान हो सके। कुछ कैमरों की रिकॉर्डिंग धुंधली होने और कुछ स्थानों पर कैमरों का एंगल सीमित होने के कारण जांच टीम को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। इसके बावजूद पुलिस फुटेज का दोबारा विश्लेषण कर रही है, ताकि कोई छोटी से छोटी गतिविधि भी नजरअंदाज न हो।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मृतक दंपती के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाई जा रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले दोनों किन लोगों के संपर्क में थे और आखिरी बार किससे बातचीत हुई थी। पुलिस उन नंबरों की भी जांच कर रही है, जिनसे हाल के दिनों में लगातार संपर्क हुआ था। माना जा रहा है कि सीडीआर से जांच को नई दिशा मिल सकती है और हत्या से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी जांच को नया आधार दिया है। रिपोर्ट के अनुसार हेमंत बारीक और शकुंतला बारीक, दोनों को बेहद करीब से गोली मारी गई थी। गोली चलाने का तरीका देखकर पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति हथियार चलाने में प्रशिक्षित हो सकता है। इसी वजह से जांच टीम ने कुछ शार्प शूटरों और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे संदिग्धों से भी पूछताछ शुरू की है। हालांकि अब तक किसी भी पूछताछ से ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जो सीधे इस हत्याकांड से जुड़ता हो।
पुलिस की जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। सूत्रों के अनुसार वारदात के समय मकान का पिछला दरवाजा खुला हुआ था। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपी मुख्य गेट की बजाय पीछे के रास्ते से घर में दाखिल हुए और हत्या के बाद उसी रास्ते से निकल गए। पुलिस इस एंगल को काफी गंभीरता से देख रही है क्योंकि पीछे का रास्ता वही व्यक्ति आसानी से इस्तेमाल कर सकता है, जिसे घर की बनावट और आवाजाही की जानकारी हो। यही वजह है कि जांच अधिकारियों का शक किसी परिचित या करीबी व्यक्ति पर भी बना हुआ है। बताया जा रहा है कि दंपती के मकान की ऊपरी मंजिल छात्रों को किराए पर दी गई थी। पुलिस किराएदारों से भी पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन या उससे पहले किसी संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। किराएदारों ने पुलिस को बताया कि उन्हें किसी तरह की गोली चलने की आवाज सुनाई नहीं दी थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या साइलेंसर लगे हथियार का इस्तेमाल किया गया या फिर घटना ऐसे समय हुई जब आसपास ज्यादा हलचल नहीं थी।
इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा भी संयोग से हुआ। जानकारी के मुताबिक, दो दिन तक जब दंपती घर से बाहर नहीं निकले और कोई गतिविधि दिखाई नहीं दी तो ऊपर रहने वाला किराएदार किराया देने नीचे पहुंचा। दरवाजे के पास पहुंचते ही उसे तेज बदबू महसूस हुई। इसके बाद उसने पड़ोसियों को सूचना दी और पुलिस को बुलाया गया। पुलिस जब मौके पर पहुंची और दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। हेमंत बारीक का शव बेडरूम में बिस्तर पर पड़ा था, जबकि शकुंतला बारीक का शव ड्राइंग रूम में सोफे के पास मिला। दोनों के शरीर पर गोली लगने के निशान थे। पुलिस को शुरुआती जांच में घर से जबरन लूटपाट के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। यही वजह है कि जांच एजेंसियां हत्या के पीछे संपत्ति, पैसों के लेन-देन या पारिवारिक विवाद की संभावना को भी गंभीरता से खंगाल रही हैं। रिश्तेदारों और परिचितों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि हाल के दिनों में दंपती का किसी से विवाद तो नहीं हुआ था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी को उनकी दिनचर्या और घर में अकेले रहने की जानकारी पहले से थी।जांच अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हर पहलू पर काम किया जा रहा है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कोई ऐसा अहम सुराग मिल सकता है, जिससे आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता साफ हो जाएगा। तीन दिन बीत जाने के बाद भी इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का खुलासा नहीं हो पाने से इलाके के लोगों में चिंता का माहौल है। स्थानीय निवासी भी चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।
