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बिरेझर में शाकम्भरी जयंती के बाद बढ़ा तनाव
दुर्ग-भिलाई (छ.ग.)
मरार समाज ने घरों पर हमले का आरोप लगाया, 20 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बिरेझर गांव में शाकम्भरी जयंती के आयोजन के बाद उपजा विवाद अब सामाजिक तनाव और प्रशासनिक सवालों का रूप ले चुका है। कोसरिया मरार (पटेल) समाज ने आरोप लगाया है कि धार्मिक आयोजन के दौरान हुए विवाद के बाद उनके समाज के लोगों के घरों पर हमला किया गया, लेकिन घटना के 20 दिन बीत जाने के बावजूद नामजद आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
मामले को लेकर समाज के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने शनिवार, 24 जनवरी को दुर्ग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और एसएसपी विजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कठोर धाराओं में मामला दर्ज करने और पीड़ित परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
मरार समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि बिरेझर गांव में वे वर्ष 2002-03 से माता शाकम्भरी देवी की पूजा सामूहिक रूप से करते आ रहे हैं। बीते तीन वर्षों से गांव के बाजार चौक में मूर्ति स्थापना कर पांच दिवसीय पूजा, यज्ञ-हवन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। अब तक यह आयोजन गांव के सहयोग से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होता रहा, लेकिन 4 जनवरी 2026 को विसर्जन यात्रा के दौरान हालात बदल गए।
समाज के अनुसार, विसर्जन के समय देवी प्रतिमा को ट्रैक्टर से ले जाया जा रहा था। इसी दौरान बाजार चौक पर सड़क पर बने एक अवैध चबूतरे के कारण ट्रैक्टर फंस गया। इस बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते तनाव में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने जातिगत गालियां दीं और जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने बीच-बचाव कर उस समय स्थिति को संभाल लिया था।
हालांकि, समाज का आरोप है कि उसी रात और अगले दिन हालात और बिगड़ गए। मरार समाज के लोगों का कहना है कि पहले तीन घरों में हमला करने की कोशिश की गई और फिर एक घर में घुसकर मारपीट की गई। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन कार्रवाई अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुई।
प्रदर्शन के दौरान समाज के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि लिटिया सेमरिया चौकी स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। एफआईआर की प्रति समय पर नहीं दी गई और अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे पीड़ित परिवारों में भय का माहौल बना हुआ है।
मामले पर दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित थाना प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। समाज का कहना है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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