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राम मंदिर चोरी विवाद पर अडिग अनुपम खेर, बोले- ट्रोलिंग से नहीं बदलूंगा अपना बयान
बालीवुड डेस्क
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को 'छोटी घटना' बताने वाले बयान पर अभिनेता ने दी सफाई, कहा- सच को एजेंडे के तहत तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है
अभिनेता अनुपम खेर एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले पर दिए गए उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि बढ़ती आलोचनाओं और ट्रोलिंग के बीच अनुपम खेर ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने बयान से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि किसी भी ट्रोल, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या राजनीतिक दबाव के कारण वह अपना रुख नहीं बदलेंगे।
दरअसल, कुछ दिन पहले दिए गए एक इंटरव्यू में अनुपम खेर ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं को इतिहास में हुए बड़े अत्याचारों की तुलना में बेहद छोटी घटना बताया था। उनके इस बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी आलोचना की। इसके बाद अभिनेता ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया और जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया।
अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम और एक्स पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि सच से सबसे ज्यादा डर उन लोगों को लगता है, जिनका एजेंडा उससे मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपनी राय रखी थी और आज भी अपने हर शब्द पर कायम हैं। अभिनेता का कहना है कि कुछ लोगों ने उनके बयान का केवल एक हिस्सा दिखाकर गलत संदेश फैलाने की कोशिश की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर एक पूरा इकोसिस्टम उनके खिलाफ सक्रिय हो गया है। उनके मुताबिक, कुछ लोग पहले से तय एजेंडे के तहत उन्हें निशाना बना रहे हैं। अनुपम खेर ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में जो भी हासिल किया है, वह अपने दम पर किया है और किसी भी तरह की ट्रोलिंग या दबाव से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना सही नहीं है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब अभिनेता ने एक इंटरव्यू में राम मंदिर में कथित चोरी के मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा था कि इतिहास में मंदिरों को तोड़ा गया, लूटा गया और धार्मिक स्थलों पर बड़े अत्याचार हुए। उनकी नजर में वर्तमान में सामने आया चोरी का मामला उन ऐतिहासिक घटनाओं की तुलना में बहुत छोटा है। इसी बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।
विवादित बयान में अनुपम खेर ने मुगल शासन का भी उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि अतीत में मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया, लूटपाट हुई और धार्मिक स्थलों पर गंभीर अत्याचार किए गए। उनके अनुसार, अगर देश उन कठिन परिस्थितियों से उबर सकता है तो वर्तमान में सामने आए चोरी के मामले को उसी दृष्टि से देखा जाना चाहिए। हालांकि उनके इस बयान को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई और इसे चोरी की घटना को हल्के में लेने वाला बताया।
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने अभिनेता की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर आर्थिक अनियमितता या चोरी को छोटा नहीं माना जा सकता। लोगों का कहना था कि चाहे घटना किसी भी स्थान पर हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने अनुपम खेर के समर्थन में भी अपनी राय रखी और कहा कि उनके बयान का आशय गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
अपने वीडियो संदेश में अनुपम खेर ने कहा कि उन्होंने जो कहा, उसे पूरी बात के साथ समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के बयान का केवल एक हिस्सा दिखाकर लोगों को भ्रमित करना उचित नहीं है। अभिनेता ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही आधी-अधूरी जानकारी कई बार वास्तविक तथ्यों से अलग तस्वीर पेश करती है।
राम मंदिर में कथित चोरी का मामला जून 2026 में सामने आया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंदिर के चढ़ावे और वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। जांच के दौरान एफआईआर दर्ज की गई और अब तक इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।
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राम मंदिर चोरी विवाद पर अडिग अनुपम खेर, बोले- ट्रोलिंग से नहीं बदलूंगा अपना बयान
बालीवुड डेस्क
अभिनेता अनुपम खेर एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले पर दिए गए उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि बढ़ती आलोचनाओं और ट्रोलिंग के बीच अनुपम खेर ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने बयान से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि किसी भी ट्रोल, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या राजनीतिक दबाव के कारण वह अपना रुख नहीं बदलेंगे।
दरअसल, कुछ दिन पहले दिए गए एक इंटरव्यू में अनुपम खेर ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं को इतिहास में हुए बड़े अत्याचारों की तुलना में बेहद छोटी घटना बताया था। उनके इस बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी आलोचना की। इसके बाद अभिनेता ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया और जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया।
अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम और एक्स पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि सच से सबसे ज्यादा डर उन लोगों को लगता है, जिनका एजेंडा उससे मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपनी राय रखी थी और आज भी अपने हर शब्द पर कायम हैं। अभिनेता का कहना है कि कुछ लोगों ने उनके बयान का केवल एक हिस्सा दिखाकर गलत संदेश फैलाने की कोशिश की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर एक पूरा इकोसिस्टम उनके खिलाफ सक्रिय हो गया है। उनके मुताबिक, कुछ लोग पहले से तय एजेंडे के तहत उन्हें निशाना बना रहे हैं। अनुपम खेर ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में जो भी हासिल किया है, वह अपने दम पर किया है और किसी भी तरह की ट्रोलिंग या दबाव से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना सही नहीं है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब अभिनेता ने एक इंटरव्यू में राम मंदिर में कथित चोरी के मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा था कि इतिहास में मंदिरों को तोड़ा गया, लूटा गया और धार्मिक स्थलों पर बड़े अत्याचार हुए। उनकी नजर में वर्तमान में सामने आया चोरी का मामला उन ऐतिहासिक घटनाओं की तुलना में बहुत छोटा है। इसी बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।
विवादित बयान में अनुपम खेर ने मुगल शासन का भी उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि अतीत में मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया, लूटपाट हुई और धार्मिक स्थलों पर गंभीर अत्याचार किए गए। उनके अनुसार, अगर देश उन कठिन परिस्थितियों से उबर सकता है तो वर्तमान में सामने आए चोरी के मामले को उसी दृष्टि से देखा जाना चाहिए। हालांकि उनके इस बयान को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई और इसे चोरी की घटना को हल्के में लेने वाला बताया।
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने अभिनेता की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर आर्थिक अनियमितता या चोरी को छोटा नहीं माना जा सकता। लोगों का कहना था कि चाहे घटना किसी भी स्थान पर हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने अनुपम खेर के समर्थन में भी अपनी राय रखी और कहा कि उनके बयान का आशय गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
अपने वीडियो संदेश में अनुपम खेर ने कहा कि उन्होंने जो कहा, उसे पूरी बात के साथ समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के बयान का केवल एक हिस्सा दिखाकर लोगों को भ्रमित करना उचित नहीं है। अभिनेता ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही आधी-अधूरी जानकारी कई बार वास्तविक तथ्यों से अलग तस्वीर पेश करती है।
राम मंदिर में कथित चोरी का मामला जून 2026 में सामने आया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंदिर के चढ़ावे और वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। जांच के दौरान एफआईआर दर्ज की गई और अब तक इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।
