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बाणसागर में बनेगा भारतीय नौसेना का सेलिंग और वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर, युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
रीवा,(म.प्र.)
नेवी टीम ने किया स्थल निरीक्षण, सांसद गणेश सिंह ने भूमि आवंटन का दिया भरोसा; विंध्य क्षेत्र में नौसेना प्रशिक्षण और एडवेंचर स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा
मध्य प्रदेश के सतना जिले स्थित बाणसागर अब भारतीय नौसेना के सेलिंग और वॉटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सांसद गणेश सिंह की पहल पर भारतीय नौसेना ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट अंकित के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बाणसागर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन किया। इसके बाद सांसद गणेश सिंह के साथ विस्तृत बैठक कर प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्र की रूपरेखा और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
इस परियोजना का उद्देश्य केवल नौसेना के लिए सेलिंग और वॉटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण केंद्र विकसित करना ही नहीं, बल्कि विंध्य क्षेत्र के युवाओं को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी है। यदि यह परियोजना साकार होती है तो बाणसागर देश के चुनिंदा जलाशयों में शामिल हो जाएगा, जहां भारतीय नौसेना नियमित प्रशिक्षण और साहसिक गतिविधियों का संचालन करेगी।
बैठक के दौरान सांसद गणेश सिंह ने सुझाव दिया कि प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से पहले बाणसागर में भारतीय नौसेना के सहयोग से एक विशेष वॉटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाए। उनका मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं को नौसेना की गतिविधियों को करीब से समझने और प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही इससे क्षेत्र में जल क्रीड़ा के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
सांसद ने कहा कि विंध्य अंचल के कई युवा भारतीय सेना, नौसेना और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती होने का सपना देखते हैं, लेकिन उन्हें उच्च स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध नहीं हो पाता। यदि बाणसागर में स्थायी सेलिंग एवं वॉटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होता है तो युवाओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ पेशेवर प्रशिक्षण मिलेगा। इससे उनकी शारीरिक क्षमता, तकनीकी कौशल और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जो रक्षा सेवाओं में चयन के दौरान काफी मददगार साबित होगा।
परियोजना को गति देने के लिए सांसद गणेश सिंह ने प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण हेतु आवश्यक भूमि भारतीय नौसेना को उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि आवंटन की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाएगी ताकि परियोजना समय पर शुरू हो सके।
इसी दिशा में अगले चरण की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। 15 जुलाई को कलेक्टर मैहर, सिंचाई विभाग, वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाणसागर में संयुक्त निरीक्षण और समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में प्रशिक्षण केंद्र के लिए उपयुक्त स्थान, आवश्यक आधारभूत सुविधाएं, पर्यावरणीय मानकों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार होगी।
भारतीय नौसेना की टीम ने भी बाणसागर के प्राकृतिक स्वरूप और जल क्षेत्र का प्रारंभिक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यहां उपलब्ध विशाल जलक्षेत्र, प्राकृतिक वातावरण और प्रशिक्षण की संभावनाओं को सकारात्मक बताया। माना जा रहा है कि यदि सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो भविष्य में यहां राष्ट्रीय स्तर के सेलिंग कैंप, एडवेंचर स्पोर्ट्स कार्यक्रम और नौसेना के विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा सकेंगे।
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बाणसागर में बनेगा भारतीय नौसेना का सेलिंग और वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर, युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
रीवा,(म.प्र.)
मध्य प्रदेश के सतना जिले स्थित बाणसागर अब भारतीय नौसेना के सेलिंग और वॉटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सांसद गणेश सिंह की पहल पर भारतीय नौसेना ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट अंकित के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बाणसागर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन किया। इसके बाद सांसद गणेश सिंह के साथ विस्तृत बैठक कर प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्र की रूपरेखा और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
इस परियोजना का उद्देश्य केवल नौसेना के लिए सेलिंग और वॉटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण केंद्र विकसित करना ही नहीं, बल्कि विंध्य क्षेत्र के युवाओं को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी है। यदि यह परियोजना साकार होती है तो बाणसागर देश के चुनिंदा जलाशयों में शामिल हो जाएगा, जहां भारतीय नौसेना नियमित प्रशिक्षण और साहसिक गतिविधियों का संचालन करेगी।
बैठक के दौरान सांसद गणेश सिंह ने सुझाव दिया कि प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से पहले बाणसागर में भारतीय नौसेना के सहयोग से एक विशेष वॉटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाए। उनका मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं को नौसेना की गतिविधियों को करीब से समझने और प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही इससे क्षेत्र में जल क्रीड़ा के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
सांसद ने कहा कि विंध्य अंचल के कई युवा भारतीय सेना, नौसेना और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती होने का सपना देखते हैं, लेकिन उन्हें उच्च स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध नहीं हो पाता। यदि बाणसागर में स्थायी सेलिंग एवं वॉटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होता है तो युवाओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ पेशेवर प्रशिक्षण मिलेगा। इससे उनकी शारीरिक क्षमता, तकनीकी कौशल और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जो रक्षा सेवाओं में चयन के दौरान काफी मददगार साबित होगा।
परियोजना को गति देने के लिए सांसद गणेश सिंह ने प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण हेतु आवश्यक भूमि भारतीय नौसेना को उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि आवंटन की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाएगी ताकि परियोजना समय पर शुरू हो सके।
इसी दिशा में अगले चरण की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। 15 जुलाई को कलेक्टर मैहर, सिंचाई विभाग, वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाणसागर में संयुक्त निरीक्षण और समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में प्रशिक्षण केंद्र के लिए उपयुक्त स्थान, आवश्यक आधारभूत सुविधाएं, पर्यावरणीय मानकों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार होगी।
भारतीय नौसेना की टीम ने भी बाणसागर के प्राकृतिक स्वरूप और जल क्षेत्र का प्रारंभिक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यहां उपलब्ध विशाल जलक्षेत्र, प्राकृतिक वातावरण और प्रशिक्षण की संभावनाओं को सकारात्मक बताया। माना जा रहा है कि यदि सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो भविष्य में यहां राष्ट्रीय स्तर के सेलिंग कैंप, एडवेंचर स्पोर्ट्स कार्यक्रम और नौसेना के विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा सकेंगे।
