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रायपुर में निगम का बुलडोजर एक्शन तेज, पंडरी में अवैध कब्जे हटे; बोरियाखुर्द की 5 एकड़ अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई
रायपुर,(छ.ग.)
होटल पुनीत समेत नाले पर बने अवैध पाटे तोड़े, जलभराव रोकने और अवैध प्लाटिंग पर अंकुश के लिए निगम का अभियान जारी
रायपुर में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या और अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने अपना अभियान और तेज कर दिया है। मंगलवार को निगम की अलग-अलग जोन की टीमों ने पंडरी और बोरियाखुर्द इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए नालों पर बने अवैध कब्जों को हटाया और अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से नाले पर बने अवैध पाटों को तोड़ा गया, वहीं करीब पांच एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी के निर्माण कार्य पर भी रोक लगा दी गई।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई महापौर मीनल चौबे और निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर की गई। प्रशासन का कहना है कि शहर में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और बिना अनुमति विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
पंडरी क्षेत्र में जोन-2 नगर निवेश विभाग की टीम ने होटल पुनीत और आसपास स्थित कई दुकानों के सामने नाले पर बनाए गए आधा दर्जन से अधिक अवैध पाटों को जेसीबी की सहायता से तोड़ दिया। निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन अवैध निर्माणों के कारण नाले की सफाई प्रभावित हो रही थी। बरसात के दौरान पानी का प्रवाह बाधित होने से आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती थी, जिससे स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
कार्रवाई के दौरान निगम कर्मचारियों ने नाले पर बने कंक्रीट के ढांचों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाया। इसके बाद नाले की सफाई का कार्य भी शुरू कर दिया गया ताकि वर्षा का पानी बिना किसी बाधा के बह सके। निगम का कहना है कि शहर के अन्य क्षेत्रों में भी जहां नालों पर अवैध कब्जे किए गए हैं, वहां भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बारिश के मौसम में जलभराव की सबसे बड़ी वजह नालों पर किए गए अतिक्रमण और अवैध निर्माण हैं। कई स्थानों पर लोगों ने सुविधा के लिए नालों को ढंककर पाट बना लिए हैं, जिससे सफाई कार्य बाधित होता है और पानी की निकासी प्रभावित होती है। ऐसे निर्माण न केवल नगर निगम के नियमों का उल्लंघन हैं बल्कि आम लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बनते हैं।
इधर, जोन-10 नगर निवेश विभाग की टीम ने बोरियाखुर्द नहर रोड स्थित करीब पांच एकड़ निजी भूमि पर दोबारा शुरू की गई अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। निगम को सूचना मिली थी कि पहले कार्रवाई के बावजूद कुछ लोग फिर से बिना अनुमति प्लाटिंग का काम शुरू कर चुके हैं। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से मुरम से बनाई गई सड़क को काट दिया। इसके अलावा प्लॉट तक जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया तथा निर्माण के लिए तैयार की गई अवैध नींव को भी ध्वस्त कर दिया गया।
नगर निगम का कहना है कि संबंधित भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति के प्लॉट काटे जा रहे थे। ऐसे मामलों में खरीदारों को भी भविष्य में कानूनी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि किसी भी जमीन की खरीद से पहले उसके दस्तावेजों और स्वीकृतियों की अच्छी तरह जांच कर लें।
इस मामले में निगम ने संबंधित भूमि के वास्तविक मालिक की जानकारी जुटाने के लिए रायपुर तहसीलदार को पत्र भेजा है। भूमि स्वामी और प्लाटिंग करने वालों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और अवैध प्लाटिंग में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होगी।
नगर निगम का मानना है कि शहर में अनियोजित और अवैध प्लाटिंग के कारण भविष्य में सड़क, सीवर, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्या बढ़ जाती है। यही वजह है कि ऐसे मामलों में अब पहले की तुलना में अधिक सख्ती बरती जा रही है। प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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रायपुर में निगम का बुलडोजर एक्शन तेज, पंडरी में अवैध कब्जे हटे; बोरियाखुर्द की 5 एकड़ अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई
रायपुर,(छ.ग.)
रायपुर में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या और अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने अपना अभियान और तेज कर दिया है। मंगलवार को निगम की अलग-अलग जोन की टीमों ने पंडरी और बोरियाखुर्द इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए नालों पर बने अवैध कब्जों को हटाया और अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से नाले पर बने अवैध पाटों को तोड़ा गया, वहीं करीब पांच एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी के निर्माण कार्य पर भी रोक लगा दी गई।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई महापौर मीनल चौबे और निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर की गई। प्रशासन का कहना है कि शहर में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और बिना अनुमति विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
पंडरी क्षेत्र में जोन-2 नगर निवेश विभाग की टीम ने होटल पुनीत और आसपास स्थित कई दुकानों के सामने नाले पर बनाए गए आधा दर्जन से अधिक अवैध पाटों को जेसीबी की सहायता से तोड़ दिया। निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन अवैध निर्माणों के कारण नाले की सफाई प्रभावित हो रही थी। बरसात के दौरान पानी का प्रवाह बाधित होने से आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती थी, जिससे स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
कार्रवाई के दौरान निगम कर्मचारियों ने नाले पर बने कंक्रीट के ढांचों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाया। इसके बाद नाले की सफाई का कार्य भी शुरू कर दिया गया ताकि वर्षा का पानी बिना किसी बाधा के बह सके। निगम का कहना है कि शहर के अन्य क्षेत्रों में भी जहां नालों पर अवैध कब्जे किए गए हैं, वहां भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बारिश के मौसम में जलभराव की सबसे बड़ी वजह नालों पर किए गए अतिक्रमण और अवैध निर्माण हैं। कई स्थानों पर लोगों ने सुविधा के लिए नालों को ढंककर पाट बना लिए हैं, जिससे सफाई कार्य बाधित होता है और पानी की निकासी प्रभावित होती है। ऐसे निर्माण न केवल नगर निगम के नियमों का उल्लंघन हैं बल्कि आम लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बनते हैं।
इधर, जोन-10 नगर निवेश विभाग की टीम ने बोरियाखुर्द नहर रोड स्थित करीब पांच एकड़ निजी भूमि पर दोबारा शुरू की गई अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। निगम को सूचना मिली थी कि पहले कार्रवाई के बावजूद कुछ लोग फिर से बिना अनुमति प्लाटिंग का काम शुरू कर चुके हैं। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से मुरम से बनाई गई सड़क को काट दिया। इसके अलावा प्लॉट तक जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया तथा निर्माण के लिए तैयार की गई अवैध नींव को भी ध्वस्त कर दिया गया।
नगर निगम का कहना है कि संबंधित भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति के प्लॉट काटे जा रहे थे। ऐसे मामलों में खरीदारों को भी भविष्य में कानूनी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि किसी भी जमीन की खरीद से पहले उसके दस्तावेजों और स्वीकृतियों की अच्छी तरह जांच कर लें।
इस मामले में निगम ने संबंधित भूमि के वास्तविक मालिक की जानकारी जुटाने के लिए रायपुर तहसीलदार को पत्र भेजा है। भूमि स्वामी और प्लाटिंग करने वालों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और अवैध प्लाटिंग में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होगी।
नगर निगम का मानना है कि शहर में अनियोजित और अवैध प्लाटिंग के कारण भविष्य में सड़क, सीवर, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्या बढ़ जाती है। यही वजह है कि ऐसे मामलों में अब पहले की तुलना में अधिक सख्ती बरती जा रही है। प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
