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केंद्रीय मंत्रियों से करीबी का झांसा देकर 40 लाख की ठगी का आरोप, न्याय की आस में रीवा पहुंची गाजियाबाद की महिला
रीवा,(म.प्र.)
केंद्र सरकार की योजनाओं में साझेदारी दिलाने का दिया था भरोसा, पति की मौत के बाद महिला ने एसपी कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की
रीवा में कथित ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली एक महिला ने रीवा निवासी एक व्यक्ति पर केंद्रीय मंत्रियों से करीबी संबंध होने का दावा कर 40 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।
महिला का आरोप है कि रीवा निवासी अभयराज सिंह ने खुद को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का रिश्तेदार और प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए उसके परिवार का विश्वास जीता। आरोपी ने दावा किया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश या साझेदारी के माध्यम से अच्छा लाभ दिलाया जा सकता है। इसी भरोसे में आकर उसके पति ने आरोपी की बातों पर विश्वास कर बड़ी रकम निवेश कर दी।
शिकायत के अनुसार आरोपी ने लगातार भरोसा दिलाया कि निवेश की गई राशि जल्द ही कई गुना लाभ के साथ वापस मिलेगी और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। आरोपी की बातों से प्रभावित होकर महिला के पति ने अपनी जमीन तक गिरवी रख दी और अलग-अलग चरणों में करीब 40 लाख रुपये आरोपी को दे दिए।
महिला का कहना है कि रकम देने के बाद भी न तो किसी योजना में साझेदारी मिली और न ही पैसे वापस किए गए। जब परिवार ने आरोपी से वादे के अनुसार काम पूरा करने या रकम लौटाने की मांग की, तो वह लगातार टालमटोल करता रहा। समय बीतने के साथ आरोपी ने फोन उठाना भी बंद कर दिया और संपर्क पूरी तरह समाप्त कर लिया।
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि आर्थिक नुकसान के कारण उसके पति गहरे मानसिक तनाव में रहने लगे थे। लगातार बढ़ते दबाव और चिंता का असर उनकी सेहत पर भी पड़ा। महिला का आरोप है कि इसी मानसिक तनाव के चलते उनके पति की मृत्यु हो गई। पति की मौत के बाद परिवार पूरी तरह आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया।
पति के निधन के बाद महिला ने कई बार आरोपी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने कानूनी रास्ता अपनाने का निर्णय लिया और गाजियाबाद से रीवा पहुंचकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और यदि अन्य लोग भी इस तरह की ठगी का शिकार हुए हैं तो उनकी भी जानकारी जुटाई जाए।
महिला का कहना है कि आरोपी ने प्रभावशाली लोगों से संबंध होने का दावा कर परिवार का विश्वास जीता था। उसने यह भी भरोसा दिलाया था कि उसके माध्यम से सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं में आसानी से अवसर मिल सकते हैं। इसी विश्वास के कारण परिवार ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी और जमीन गिरवी रखकर जुटाई गई राशि आरोपी को सौंप दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि आरोपी ने किन परिस्थितियों में रकम प्राप्त की और क्या उसने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है।
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केंद्रीय मंत्रियों से करीबी का झांसा देकर 40 लाख की ठगी का आरोप, न्याय की आस में रीवा पहुंची गाजियाबाद की महिला
रीवा,(म.प्र.)
रीवा में कथित ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली एक महिला ने रीवा निवासी एक व्यक्ति पर केंद्रीय मंत्रियों से करीबी संबंध होने का दावा कर 40 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।
महिला का आरोप है कि रीवा निवासी अभयराज सिंह ने खुद को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का रिश्तेदार और प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए उसके परिवार का विश्वास जीता। आरोपी ने दावा किया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश या साझेदारी के माध्यम से अच्छा लाभ दिलाया जा सकता है। इसी भरोसे में आकर उसके पति ने आरोपी की बातों पर विश्वास कर बड़ी रकम निवेश कर दी।
शिकायत के अनुसार आरोपी ने लगातार भरोसा दिलाया कि निवेश की गई राशि जल्द ही कई गुना लाभ के साथ वापस मिलेगी और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। आरोपी की बातों से प्रभावित होकर महिला के पति ने अपनी जमीन तक गिरवी रख दी और अलग-अलग चरणों में करीब 40 लाख रुपये आरोपी को दे दिए।
महिला का कहना है कि रकम देने के बाद भी न तो किसी योजना में साझेदारी मिली और न ही पैसे वापस किए गए। जब परिवार ने आरोपी से वादे के अनुसार काम पूरा करने या रकम लौटाने की मांग की, तो वह लगातार टालमटोल करता रहा। समय बीतने के साथ आरोपी ने फोन उठाना भी बंद कर दिया और संपर्क पूरी तरह समाप्त कर लिया।
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि आर्थिक नुकसान के कारण उसके पति गहरे मानसिक तनाव में रहने लगे थे। लगातार बढ़ते दबाव और चिंता का असर उनकी सेहत पर भी पड़ा। महिला का आरोप है कि इसी मानसिक तनाव के चलते उनके पति की मृत्यु हो गई। पति की मौत के बाद परिवार पूरी तरह आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया।
पति के निधन के बाद महिला ने कई बार आरोपी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने कानूनी रास्ता अपनाने का निर्णय लिया और गाजियाबाद से रीवा पहुंचकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और यदि अन्य लोग भी इस तरह की ठगी का शिकार हुए हैं तो उनकी भी जानकारी जुटाई जाए।
महिला का कहना है कि आरोपी ने प्रभावशाली लोगों से संबंध होने का दावा कर परिवार का विश्वास जीता था। उसने यह भी भरोसा दिलाया था कि उसके माध्यम से सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं में आसानी से अवसर मिल सकते हैं। इसी विश्वास के कारण परिवार ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी और जमीन गिरवी रखकर जुटाई गई राशि आरोपी को सौंप दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि आरोपी ने किन परिस्थितियों में रकम प्राप्त की और क्या उसने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है।
