- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- छत्तीसगढ़ विधानसभा में वेदांता हादसे और अविश्वास प्रस्ताव पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
छत्तीसगढ़ विधानसभा में वेदांता हादसे और अविश्वास प्रस्ताव पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
Digital Desk
25 मौतों वाले वेदांता हादसे की जांच, किसानों की समस्याओं और जल संकट पर सरकार को घेरा; अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सत्ता-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन का माहौल काफी गर्म रहा। प्रश्नकाल से लेकर स्थगन प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव तक कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए। सक्ती जिले के वेदांता प्लांट हादसे में 25 लोगों की मौत, किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता, रायपुर में पेयजल संकट और अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सदन में तीखी बहस हुई। कई मौकों पर नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बनी, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट भी किया।
सत्र की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जहां वेदांता प्लांट हादसे का मामला प्रमुखता से उठा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस विधायकों ने सरकार से हादसे की जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे। विपक्ष ने पूछा कि क्या कंपनी से जुड़े जिम्मेदार लोगों, विशेष रूप से उद्योगपति अनिल अग्रवाल से पूछताछ या गिरफ्तारी की दिशा में कोई कदम उठाया गया है।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब देते हुए कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जांच जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया और सदन से वॉकआउट कर दिया।
सदन में उस समय माहौल और गरमा गया जब अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव भी दे दिया है और अब प्रश्न भी पूछ रहे हैं। इस पर महंत ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के कारण अभी बताने बाकी हैं। इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी जुबानी बहस हुई, जिसने सदन का माहौल और अधिक गर्म कर दिया।
दरअसल, कांग्रेस ने विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। राज्य गठन के बाद यह विधानसभा में पेश होने वाला दसवां अविश्वास प्रस्ताव होगा। हालांकि विधानसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है, इसलिए प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त भंडारण किया है और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने कहा कि अमानक खाद बेचने के मामलों में कई लोगों पर कार्रवाई भी की गई है। लेकिन विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और नारेबाजी करते हुए सदन के गर्भगृह तक पहुंच गया। नियमों के तहत गर्भगृह में प्रवेश करने वाले विपक्षी विधायक स्वतः निलंबित हो गए, जिसके बाद कांग्रेस ने सदन से बाहर प्रदर्शन किया।
रायपुर शहर में पेयजल व्यवस्था का मुद्दा भी सदन में गूंजा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने अमृत मिशन और जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि राजधानी में 24 घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में क्या प्रगति हुई है। उन्होंने टैंकरों से जलापूर्ति पर हुए खर्च और अधूरी परियोजनाओं का भी विवरण मांगा।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जवाब में बताया कि अमृत मिशन के तहत कई वार्डों में पेयजल सुविधाओं का विस्तार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना में चौबीसों घंटे जलापूर्ति का प्रावधान नहीं था, लेकिन शहर की जल व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
सदन में पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण का मुद्दा भी पहली बार विस्तार से उठा। अजय चंद्राकर ने अभिलेखों के संरक्षण, पुरानी पंजीयों को हुए नुकसान और संग्रहालयों की स्थिति पर सवाल किए। जवाब में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि क्षतिग्रस्त दस्तावेजों के संरक्षण और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार ने मल्हार संग्रहालय के विस्तार, ताला संग्रहालय के विकास और बिलासपुर में नए संग्रहालय भवन के निर्माण की भी घोषणा की। साथ ही भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 150 करोड़ रुपये की योजना पर काम शुरू करने की जानकारी दी गई।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
छत्तीसगढ़ विधानसभा में वेदांता हादसे और अविश्वास प्रस्ताव पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
Digital Desk
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन का माहौल काफी गर्म रहा। प्रश्नकाल से लेकर स्थगन प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव तक कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए। सक्ती जिले के वेदांता प्लांट हादसे में 25 लोगों की मौत, किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता, रायपुर में पेयजल संकट और अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सदन में तीखी बहस हुई। कई मौकों पर नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बनी, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट भी किया।
सत्र की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जहां वेदांता प्लांट हादसे का मामला प्रमुखता से उठा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस विधायकों ने सरकार से हादसे की जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे। विपक्ष ने पूछा कि क्या कंपनी से जुड़े जिम्मेदार लोगों, विशेष रूप से उद्योगपति अनिल अग्रवाल से पूछताछ या गिरफ्तारी की दिशा में कोई कदम उठाया गया है।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब देते हुए कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जांच जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया और सदन से वॉकआउट कर दिया।
सदन में उस समय माहौल और गरमा गया जब अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव भी दे दिया है और अब प्रश्न भी पूछ रहे हैं। इस पर महंत ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के कारण अभी बताने बाकी हैं। इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी जुबानी बहस हुई, जिसने सदन का माहौल और अधिक गर्म कर दिया।
दरअसल, कांग्रेस ने विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। राज्य गठन के बाद यह विधानसभा में पेश होने वाला दसवां अविश्वास प्रस्ताव होगा। हालांकि विधानसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है, इसलिए प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त भंडारण किया है और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने कहा कि अमानक खाद बेचने के मामलों में कई लोगों पर कार्रवाई भी की गई है। लेकिन विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और नारेबाजी करते हुए सदन के गर्भगृह तक पहुंच गया। नियमों के तहत गर्भगृह में प्रवेश करने वाले विपक्षी विधायक स्वतः निलंबित हो गए, जिसके बाद कांग्रेस ने सदन से बाहर प्रदर्शन किया।
रायपुर शहर में पेयजल व्यवस्था का मुद्दा भी सदन में गूंजा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने अमृत मिशन और जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि राजधानी में 24 घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में क्या प्रगति हुई है। उन्होंने टैंकरों से जलापूर्ति पर हुए खर्च और अधूरी परियोजनाओं का भी विवरण मांगा।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जवाब में बताया कि अमृत मिशन के तहत कई वार्डों में पेयजल सुविधाओं का विस्तार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना में चौबीसों घंटे जलापूर्ति का प्रावधान नहीं था, लेकिन शहर की जल व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
सदन में पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण का मुद्दा भी पहली बार विस्तार से उठा। अजय चंद्राकर ने अभिलेखों के संरक्षण, पुरानी पंजीयों को हुए नुकसान और संग्रहालयों की स्थिति पर सवाल किए। जवाब में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि क्षतिग्रस्त दस्तावेजों के संरक्षण और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार ने मल्हार संग्रहालय के विस्तार, ताला संग्रहालय के विकास और बिलासपुर में नए संग्रहालय भवन के निर्माण की भी घोषणा की। साथ ही भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 150 करोड़ रुपये की योजना पर काम शुरू करने की जानकारी दी गई।
