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जब ज़रूरत बनी जाल, इन 3 सावधानियों से बचाएं अपना पैसा और प्रतिष्ठा
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फटाफट लोन का लालच अब ब्लैकमेलिंग में बदलता जा रहा है। अगर आपने भी कभी इंस्टेंट लोन ऐप का इस्तेमाल किया है, तो सतर्क हो जाइए — जरा सी लापरवाही आपकी निजता और वित्तीय सुरक्षा दोनों को खतरे में डाल सकती है।
कैसे फंसते हैं लोग इस जाल में?
आजकल कई लोग अचानक की जरूरतों को पूरा करने के लिए इंस्टेंट लोन ऐप्स से 5,000 से 10,000 रुपये तक का छोटा कर्ज ले लेते हैं। लेकिन ये ऐप्स आपको लोन के बाद उलझा लेते हैं—असाधारण ब्याज दर, रोजाना बढ़ती पेनल्टी और फिर धमकी।
हाल ही में पुणे में साइबर क्राइम ब्रांच ने ऐसे ही एक शातिर आरोपी को पकड़ा, जो पाकिस्तान से संचालित नंबरों के जरिए लोगों को धमकाकर उनसे ज्यादा पैसा वसूल कर रहा था। एक पीड़ित ने 5,000 का लोन लिया, फिर 9,000 और आखिरकार 15,000 रुपये तक मांगे गए। मना करने पर उसकी एडिटेड फोटो कॉन्टैक्ट लिस्ट में भेज दी गई।
ये होती है असली चालाकी:
ऐप डाउनलोड करते समय जो ‘Allow Access’ का बटन हम लापरवाही से दबाते हैं, वही बाद में मुसीबत बन जाता है। यही एक्सेस स्कैमर को हमारी गैलरी, कॉन्टैक्ट्स और लोकेशन तक पहुंच दे देता है — जिससे वे ब्लैकमेल करते हैं।
बचाव के 3 सबसे ज़रूरी उपाय
1. सिर्फ RBI मान्यता प्राप्त ऐप्स ही चुनें
ऐसे ऐप्स ही डाउनलोड करें जो किसी बैंक या NBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) से संबद्ध हों और RBI द्वारा रजिस्टर्ड हों। किसी भी अनजान या अनरजिस्टर्ड ऐप से लोन न लें, चाहे वे कितना भी आसान और तेज दावा करें।
2. ब्याज दर समझें, लालच में न आएं
क्रेडिट स्कोर खराब होने पर कुछ ऐप्स 1000% से भी ज्यादा की ब्याज दर मांग सकते हैं! 35% से ऊपर की ब्याज दर वाले लोन ऐप्स से दूरी बनाएं। यदि 5,000 रुपये के बदले आपसे 15,000 मांगे जा रहे हैं, तो समझ जाइए कि यह जाल है।
3. नियम और शर्तें पढ़ें, एक्सेस सोच-समझकर दें
किसी भी ऐप को कॉन्टैक्ट, फोटो, गैलरी, या लोकेशन एक्सेस देने से पहले सोचें। इसके अलावा यह जांचना ज़रूरी है कि ऐप RBI के डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइंस का पालन करता है या नहीं।
अंत में याद रखें:
"इंस्टेंट मनी" एक शॉर्टकट से ज्यादा शिकार की जाल भी हो सकती है। समझदारी से चुनें, जानकारी से लोन लें — ताकि जरूरत के समय राहत मिले, बर्बादी नहीं।
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जब ज़रूरत बनी जाल, इन 3 सावधानियों से बचाएं अपना पैसा और प्रतिष्ठा
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कैसे फंसते हैं लोग इस जाल में?
आजकल कई लोग अचानक की जरूरतों को पूरा करने के लिए इंस्टेंट लोन ऐप्स से 5,000 से 10,000 रुपये तक का छोटा कर्ज ले लेते हैं। लेकिन ये ऐप्स आपको लोन के बाद उलझा लेते हैं—असाधारण ब्याज दर, रोजाना बढ़ती पेनल्टी और फिर धमकी।
हाल ही में पुणे में साइबर क्राइम ब्रांच ने ऐसे ही एक शातिर आरोपी को पकड़ा, जो पाकिस्तान से संचालित नंबरों के जरिए लोगों को धमकाकर उनसे ज्यादा पैसा वसूल कर रहा था। एक पीड़ित ने 5,000 का लोन लिया, फिर 9,000 और आखिरकार 15,000 रुपये तक मांगे गए। मना करने पर उसकी एडिटेड फोटो कॉन्टैक्ट लिस्ट में भेज दी गई।
ये होती है असली चालाकी:
ऐप डाउनलोड करते समय जो ‘Allow Access’ का बटन हम लापरवाही से दबाते हैं, वही बाद में मुसीबत बन जाता है। यही एक्सेस स्कैमर को हमारी गैलरी, कॉन्टैक्ट्स और लोकेशन तक पहुंच दे देता है — जिससे वे ब्लैकमेल करते हैं।
बचाव के 3 सबसे ज़रूरी उपाय
1. सिर्फ RBI मान्यता प्राप्त ऐप्स ही चुनें
ऐसे ऐप्स ही डाउनलोड करें जो किसी बैंक या NBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) से संबद्ध हों और RBI द्वारा रजिस्टर्ड हों। किसी भी अनजान या अनरजिस्टर्ड ऐप से लोन न लें, चाहे वे कितना भी आसान और तेज दावा करें।
2. ब्याज दर समझें, लालच में न आएं
क्रेडिट स्कोर खराब होने पर कुछ ऐप्स 1000% से भी ज्यादा की ब्याज दर मांग सकते हैं! 35% से ऊपर की ब्याज दर वाले लोन ऐप्स से दूरी बनाएं। यदि 5,000 रुपये के बदले आपसे 15,000 मांगे जा रहे हैं, तो समझ जाइए कि यह जाल है।
3. नियम और शर्तें पढ़ें, एक्सेस सोच-समझकर दें
किसी भी ऐप को कॉन्टैक्ट, फोटो, गैलरी, या लोकेशन एक्सेस देने से पहले सोचें। इसके अलावा यह जांचना ज़रूरी है कि ऐप RBI के डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइंस का पालन करता है या नहीं।
अंत में याद रखें:
"इंस्टेंट मनी" एक शॉर्टकट से ज्यादा शिकार की जाल भी हो सकती है। समझदारी से चुनें, जानकारी से लोन लें — ताकि जरूरत के समय राहत मिले, बर्बादी नहीं।
