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आगर मालवा में अतिथि शिक्षकों का ई-अटेंडेंस के खिलाफ प्रदर्शन, 5 दिन का अल्टीमेटम
Agar Malwa, MP
शासकीय स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस सिस्टम को लेकर आक्रोश जताते हुए मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
शिक्षकों का कहना है कि नई व्यवस्था बिना ज़मीनी सुविधाओं को देखे लागू कर दी गई है, जो व्यावहारिक नहीं है।
शिक्षकों की प्रमुख आपत्ति एंड्रॉइड मोबाइल और नेटवर्क से जुड़ी है। आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि जिले में 80% अतिथि शिक्षकों के पास स्मार्टफोन ही नहीं है। ऐसे में डिजिटल उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से 20,000 रुपये मोबाइल खरीदने के लिए सहायता राशि और हर महीने 500 रुपये रिचार्ज भत्ता देने की मांग की है।
आर्थिक स्थिति और सुविधा का मुद्दा भी उठा
संघ ने अपनी आर्थिक अस्थिरता की बात रखते हुए कहा कि उन्हें ना तो समय पर मानदेय मिलता है और ना ही किसी प्रकार की अवकाश सुविधा। अतिथि शिक्षकों ने वार्षिक अनुबंध और नियमित वेतन तिथि सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
नेटवर्क समस्या बनी सबसे बड़ी चुनौती
ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षक नेटवर्क की खराब स्थिति से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि जब मोबाइल नेटवर्क ही नहीं आता तो ई-अटेंडेंस का क्या औचित्य? उन्होंने पहले नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने और फिर इस तरह की डिजिटल व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया।
5 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन
शिक्षक संघ ने प्रशासन को 5 दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि यदि इस अवधि में सरकार ने आदेश वापस नहीं लिया, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इसका संपूर्ण दायित्व शासन और प्रशासन का होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
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आगर मालवा में अतिथि शिक्षकों का ई-अटेंडेंस के खिलाफ प्रदर्शन, 5 दिन का अल्टीमेटम
Agar Malwa, MP
शिक्षकों का कहना है कि नई व्यवस्था बिना ज़मीनी सुविधाओं को देखे लागू कर दी गई है, जो व्यावहारिक नहीं है।
शिक्षकों की प्रमुख आपत्ति एंड्रॉइड मोबाइल और नेटवर्क से जुड़ी है। आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि जिले में 80% अतिथि शिक्षकों के पास स्मार्टफोन ही नहीं है। ऐसे में डिजिटल उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से 20,000 रुपये मोबाइल खरीदने के लिए सहायता राशि और हर महीने 500 रुपये रिचार्ज भत्ता देने की मांग की है।
आर्थिक स्थिति और सुविधा का मुद्दा भी उठा
संघ ने अपनी आर्थिक अस्थिरता की बात रखते हुए कहा कि उन्हें ना तो समय पर मानदेय मिलता है और ना ही किसी प्रकार की अवकाश सुविधा। अतिथि शिक्षकों ने वार्षिक अनुबंध और नियमित वेतन तिथि सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
नेटवर्क समस्या बनी सबसे बड़ी चुनौती
ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षक नेटवर्क की खराब स्थिति से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि जब मोबाइल नेटवर्क ही नहीं आता तो ई-अटेंडेंस का क्या औचित्य? उन्होंने पहले नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने और फिर इस तरह की डिजिटल व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया।
5 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन
शिक्षक संघ ने प्रशासन को 5 दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि यदि इस अवधि में सरकार ने आदेश वापस नहीं लिया, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इसका संपूर्ण दायित्व शासन और प्रशासन का होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
