जगन्नाथ रथ यात्रा पर जा रहे हैं? घर से निकलने से पहले जान लें ये जरूरी तैयारियां और सुरक्षा नियम

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पहली बार रथ यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए खास गाइड, जानिए क्या रखें साथ, भीड़ में कैसे रहें सुरक्षित और किन गलतियों से हर हाल में बचें।

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भक्ति का महापर्व है। हर साल ओडिशा के पुरी सहित देश के कई हिस्सों में यह यात्रा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली जाती है। इस दौरान लाखों लोग भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के दर्शन करने के लिए उमड़ते हैं। लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़, लंबा पैदल सफर और मौसम की अनिश्चितता इस यात्रा को चुनौतीपूर्ण भी बना सकती है।

अगर आप पहली बार रथ यात्रा में शामिल होने जा रहे हैं या परिवार के साथ दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी तैयारियां पहले से कर लेना बेहद आवश्यक है। सही योजना और सावधानी आपकी यात्रा को न सिर्फ आसान बल्कि सुरक्षित भी बना सकती है।

यात्रा पर निकलने से पहले सबसे पहले रथ यात्रा का पूरा रूट, समय और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी हासिल करें। होटल, ट्रेन या बस की बुकिंग पहले से करा लें ताकि अंतिम समय में परेशानी का सामना न करना पड़े। मौसम का पूर्वानुमान देखकर छाता या हल्का रेनकोट साथ रखें, क्योंकि बारिश कभी भी हो सकती है। मोबाइल फोन पूरी तरह चार्ज रखें और अतिरिक्त पावर बैंक भी अपने बैग में जरूर रखें।

यदि परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो पहले से एक मीटिंग प्वाइंट तय कर लें, ताकि भीड़ में कोई बिछड़ जाए तो आसानी से दोबारा मिल सके। मोबाइल में होटल का पता, जरूरी फोन नंबर और ऑफलाइन मैप सेव करके रखें। पहचान पत्र, पानी की बोतल, ORS, जरूरी दवाइयां और हल्का स्नैक्स साथ रखना भी समझदारी होगी।

रथ यात्रा में शामिल होने के लिए किसी विशेष अनुमति की जरूरत नहीं होती और हर श्रद्धालु इसमें भाग ले सकता है। हालांकि बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। भीड़ वाले इलाकों से बचना और समय-समय पर आराम करना उनके लिए जरूरी है।

दर्शन के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशासन द्वारा तय किए गए बैरिकेड और दर्शक क्षेत्र से ही भगवान के दर्शन करें। रथ के बहुत करीब जाने, रस्सी खींचने वाले मार्ग में घुसने या प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने की कोशिश न करें। कई बार श्रद्धालु रथ को छूने की कोशिश में भीड़ के बीच धक्का-मुक्की करने लगते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान के दर्शन ही सबसे महत्वपूर्ण हैं, रथ को छूना आवश्यक नहीं है।

अगर अचानक भीड़ बढ़ जाए तो घबराने के बजाय शांत रहें। भीड़ की दिशा के विपरीत चलने या जोर-जबरदस्ती करने से बचें। अगर किसी कारण से आप गिर जाएं तो तुरंत उठने की कोशिश करें और आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगें। किसी भी अफवाह या गलत सूचना पर भरोसा न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

यात्रा के दौरान सिर्फ जरूरी सामान ही साथ रखें। हल्का बैग, पानी, दवाइयां, पहचान पत्र, मोबाइल चार्जर और पावर बैंक पर्याप्त हैं। महंगे गहने, बड़ी रकम और अनावश्यक सामान साथ ले जाने से बचें। मोबाइल और पर्स को हमेशा सुरक्षित रखें तथा बैग को पीछे की बजाय सामने की ओर टांगकर रखें ताकि जेबकतरों से बचाव हो सके।

कपड़ों की बात करें तो आरामदायक और हल्के कपड़े पहनना सबसे बेहतर रहेगा। ऐसे जूते या चप्पल पहनें जिनमें लंबे समय तक पैदल चलने में परेशानी न हो। अगर बारिश की संभावना हो तो वाटरप्रूफ जूते या अतिरिक्त कपड़े भी साथ रख सकते हैं।

यदि छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो उन्हें कभी अकेला न छोड़ें। उनकी जेब में या गले में एक पहचान पत्र रखें, जिसमें नाम, पता और अभिभावक का मोबाइल नंबर लिखा हो। बच्चों को पहले से समझा दें कि यदि वे भीड़ में बिछड़ जाएं तो तुरंत पुलिस सहायता केंद्र या हेल्प डेस्क पर जाएं।

बुजुर्गों के लिए भी विशेष सावधानी जरूरी है। उन्हें नियमित दवाइयां समय पर दें, पर्याप्त पानी पिलाते रहें और भीड़ वाले हिस्सों में अधिक देर तक न रुकें। अगर किसी की तबीयत खराब महसूस हो तो तुरंत नजदीकी मेडिकल कैंप या एंबुलेंस की सहायता लें।

भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में मोबाइल नेटवर्क कई बार प्रभावित हो जाता है। ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। परिवार के साथ पहले से तय की गई जगह पर पहुंचें और यदि जरूरत हो तो पुलिस या स्वयंसेवकों की मदद लें। जरूरी फोन नंबर कागज पर लिखकर अपने पास रखना भी उपयोगी साबित हो सकता है।

खाने-पीने के मामले में भी सतर्कता जरूरी है। केवल साफ-सुथरी और भरोसेमंद जगह से ही भोजन करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और खुले में रखे कटे फल या बासी खाद्य पदार्थ खाने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को समय-समय पर हल्का नाश्ता और पानी देते रहें।

अगर यात्रा के दौरान बारिश शुरू हो जाए तो किसी सुरक्षित स्थान पर रुकें। फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी से चलें और बिजली के खंभों या पानी भरे इलाकों से दूर रहें। मोबाइल और जरूरी दस्तावेजों को वाटरप्रूफ कवर में सुरक्षित रखें।

आजकल श्रद्धालु फोटो और वीडियो बनाने के लिए भी काफी उत्साहित रहते हैं, लेकिन सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए। भीड़ के बीच सेल्फी लेने, ऊंची जगहों पर चढ़कर फोटो खींचने या चलते-चलते वीडियो बनाने से बचें। पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करते हुए ही फोटोग्राफी करें।

जगन्नाथ रथ यात्रा श्रद्धा, अनुशासन और सेवा का संदेश देती है। ऐसे में यात्रा का उद्देश्य केवल रथ के करीब पहुंचना नहीं, बल्कि सुरक्षित माहौल में भगवान के दर्शन करना होना चाहिए। धैर्य, संयम और प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए की गई यात्रा न केवल सुखद अनुभव देती है, बल्कि इस महापर्व की पवित्रता भी बनाए रखती है। इसलिए पूरी तैयारी के साथ यात्रा पर निकलें और अपनी सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

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14 Jul 2026 By Vaishnavi.J

जगन्नाथ रथ यात्रा पर जा रहे हैं? घर से निकलने से पहले जान लें ये जरूरी तैयारियां और सुरक्षा नियम

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भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भक्ति का महापर्व है। हर साल ओडिशा के पुरी सहित देश के कई हिस्सों में यह यात्रा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली जाती है। इस दौरान लाखों लोग भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के दर्शन करने के लिए उमड़ते हैं। लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़, लंबा पैदल सफर और मौसम की अनिश्चितता इस यात्रा को चुनौतीपूर्ण भी बना सकती है।

अगर आप पहली बार रथ यात्रा में शामिल होने जा रहे हैं या परिवार के साथ दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी तैयारियां पहले से कर लेना बेहद आवश्यक है। सही योजना और सावधानी आपकी यात्रा को न सिर्फ आसान बल्कि सुरक्षित भी बना सकती है।

यात्रा पर निकलने से पहले सबसे पहले रथ यात्रा का पूरा रूट, समय और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी हासिल करें। होटल, ट्रेन या बस की बुकिंग पहले से करा लें ताकि अंतिम समय में परेशानी का सामना न करना पड़े। मौसम का पूर्वानुमान देखकर छाता या हल्का रेनकोट साथ रखें, क्योंकि बारिश कभी भी हो सकती है। मोबाइल फोन पूरी तरह चार्ज रखें और अतिरिक्त पावर बैंक भी अपने बैग में जरूर रखें।

यदि परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो पहले से एक मीटिंग प्वाइंट तय कर लें, ताकि भीड़ में कोई बिछड़ जाए तो आसानी से दोबारा मिल सके। मोबाइल में होटल का पता, जरूरी फोन नंबर और ऑफलाइन मैप सेव करके रखें। पहचान पत्र, पानी की बोतल, ORS, जरूरी दवाइयां और हल्का स्नैक्स साथ रखना भी समझदारी होगी।

रथ यात्रा में शामिल होने के लिए किसी विशेष अनुमति की जरूरत नहीं होती और हर श्रद्धालु इसमें भाग ले सकता है। हालांकि बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। भीड़ वाले इलाकों से बचना और समय-समय पर आराम करना उनके लिए जरूरी है।

दर्शन के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशासन द्वारा तय किए गए बैरिकेड और दर्शक क्षेत्र से ही भगवान के दर्शन करें। रथ के बहुत करीब जाने, रस्सी खींचने वाले मार्ग में घुसने या प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने की कोशिश न करें। कई बार श्रद्धालु रथ को छूने की कोशिश में भीड़ के बीच धक्का-मुक्की करने लगते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान के दर्शन ही सबसे महत्वपूर्ण हैं, रथ को छूना आवश्यक नहीं है।

अगर अचानक भीड़ बढ़ जाए तो घबराने के बजाय शांत रहें। भीड़ की दिशा के विपरीत चलने या जोर-जबरदस्ती करने से बचें। अगर किसी कारण से आप गिर जाएं तो तुरंत उठने की कोशिश करें और आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगें। किसी भी अफवाह या गलत सूचना पर भरोसा न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

यात्रा के दौरान सिर्फ जरूरी सामान ही साथ रखें। हल्का बैग, पानी, दवाइयां, पहचान पत्र, मोबाइल चार्जर और पावर बैंक पर्याप्त हैं। महंगे गहने, बड़ी रकम और अनावश्यक सामान साथ ले जाने से बचें। मोबाइल और पर्स को हमेशा सुरक्षित रखें तथा बैग को पीछे की बजाय सामने की ओर टांगकर रखें ताकि जेबकतरों से बचाव हो सके।

कपड़ों की बात करें तो आरामदायक और हल्के कपड़े पहनना सबसे बेहतर रहेगा। ऐसे जूते या चप्पल पहनें जिनमें लंबे समय तक पैदल चलने में परेशानी न हो। अगर बारिश की संभावना हो तो वाटरप्रूफ जूते या अतिरिक्त कपड़े भी साथ रख सकते हैं।

यदि छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो उन्हें कभी अकेला न छोड़ें। उनकी जेब में या गले में एक पहचान पत्र रखें, जिसमें नाम, पता और अभिभावक का मोबाइल नंबर लिखा हो। बच्चों को पहले से समझा दें कि यदि वे भीड़ में बिछड़ जाएं तो तुरंत पुलिस सहायता केंद्र या हेल्प डेस्क पर जाएं।

बुजुर्गों के लिए भी विशेष सावधानी जरूरी है। उन्हें नियमित दवाइयां समय पर दें, पर्याप्त पानी पिलाते रहें और भीड़ वाले हिस्सों में अधिक देर तक न रुकें। अगर किसी की तबीयत खराब महसूस हो तो तुरंत नजदीकी मेडिकल कैंप या एंबुलेंस की सहायता लें।

भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में मोबाइल नेटवर्क कई बार प्रभावित हो जाता है। ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। परिवार के साथ पहले से तय की गई जगह पर पहुंचें और यदि जरूरत हो तो पुलिस या स्वयंसेवकों की मदद लें। जरूरी फोन नंबर कागज पर लिखकर अपने पास रखना भी उपयोगी साबित हो सकता है।

खाने-पीने के मामले में भी सतर्कता जरूरी है। केवल साफ-सुथरी और भरोसेमंद जगह से ही भोजन करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और खुले में रखे कटे फल या बासी खाद्य पदार्थ खाने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को समय-समय पर हल्का नाश्ता और पानी देते रहें।

अगर यात्रा के दौरान बारिश शुरू हो जाए तो किसी सुरक्षित स्थान पर रुकें। फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी से चलें और बिजली के खंभों या पानी भरे इलाकों से दूर रहें। मोबाइल और जरूरी दस्तावेजों को वाटरप्रूफ कवर में सुरक्षित रखें।

आजकल श्रद्धालु फोटो और वीडियो बनाने के लिए भी काफी उत्साहित रहते हैं, लेकिन सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए। भीड़ के बीच सेल्फी लेने, ऊंची जगहों पर चढ़कर फोटो खींचने या चलते-चलते वीडियो बनाने से बचें। पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करते हुए ही फोटोग्राफी करें।

जगन्नाथ रथ यात्रा श्रद्धा, अनुशासन और सेवा का संदेश देती है। ऐसे में यात्रा का उद्देश्य केवल रथ के करीब पहुंचना नहीं, बल्कि सुरक्षित माहौल में भगवान के दर्शन करना होना चाहिए। धैर्य, संयम और प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए की गई यात्रा न केवल सुखद अनुभव देती है, बल्कि इस महापर्व की पवित्रता भी बनाए रखती है। इसलिए पूरी तैयारी के साथ यात्रा पर निकलें और अपनी सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/going-on-jagannath-rath-yatra-know-these-important-preparations-and/article-58696

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