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शराब पार्टी के विवाद ने ली जान, जमोड़ी पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई हत्या की गुत्थी
सीधी, MP
शराब की महफिल में शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गया। साथ बैठकर शराब पी रहे दो लोगों के बीच गाली-गलौज हुई और गुस्से में एक युवक ने दूसरे के सिर पर ऐसा वार किया कि उसकी जान चली गई। शुरुआत में यह मामला पुलिस के लिए पूरी तरह अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) जैसा था, क्योंकि घटना का कोई प्रत्यक्ष गवाह सामने नहीं आया था। लेकिन जमोड़ी थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के दम पर हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में गठित टीम ने मामले की बारीकी से जांच की। पुलिस को 24 जून 2026 को जिला अस्पताल से सूचना मिली थी कि ग्राम तेन्दुआ निवासी मुन्ना कोल (42 वर्ष) की उपचार के दौरान मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट मिलने की पुष्टि हुई। वहीं परिजनों के बयान और प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ कि यह सामान्य हादसा नहीं, बल्कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जान से मारने की नीयत से किया गया हमला था। इसके बाद थाना जमोड़ी में अपराध क्रमांक 405/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की और तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों को खंगाला। जांच की कड़ियां आखिरकार रामदास उर्फ लल्ले कोल (25 वर्ष) तक पहुंचीं। हिरासत में लेकर की गई सख्त पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि 23 जून की रात वह मृतक मुन्ना कोल के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान दोनों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर गुस्से में उसने मृतक के सिर के पीछे जोरदार वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल मुन्ना को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक राम खेलावन, आरक्षक अभिषेक, आजाद और नीरज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग से एक ऐसे मामले का खुलासा संभव हो सका, जिसमें शुरुआत में आरोपी का कोई स्पष्ट सुराग नहीं था।
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शराब पार्टी के विवाद ने ली जान, जमोड़ी पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई हत्या की गुत्थी
सीधी, MP
शराब की महफिल में शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गया। साथ बैठकर शराब पी रहे दो लोगों के बीच गाली-गलौज हुई और गुस्से में एक युवक ने दूसरे के सिर पर ऐसा वार किया कि उसकी जान चली गई। शुरुआत में यह मामला पुलिस के लिए पूरी तरह अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) जैसा था, क्योंकि घटना का कोई प्रत्यक्ष गवाह सामने नहीं आया था। लेकिन जमोड़ी थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के दम पर हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में गठित टीम ने मामले की बारीकी से जांच की। पुलिस को 24 जून 2026 को जिला अस्पताल से सूचना मिली थी कि ग्राम तेन्दुआ निवासी मुन्ना कोल (42 वर्ष) की उपचार के दौरान मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट मिलने की पुष्टि हुई। वहीं परिजनों के बयान और प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ कि यह सामान्य हादसा नहीं, बल्कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जान से मारने की नीयत से किया गया हमला था। इसके बाद थाना जमोड़ी में अपराध क्रमांक 405/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की और तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों को खंगाला। जांच की कड़ियां आखिरकार रामदास उर्फ लल्ले कोल (25 वर्ष) तक पहुंचीं। हिरासत में लेकर की गई सख्त पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि 23 जून की रात वह मृतक मुन्ना कोल के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान दोनों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर गुस्से में उसने मृतक के सिर के पीछे जोरदार वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल मुन्ना को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक राम खेलावन, आरक्षक अभिषेक, आजाद और नीरज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग से एक ऐसे मामले का खुलासा संभव हो सका, जिसमें शुरुआत में आरोपी का कोई स्पष्ट सुराग नहीं था।
