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भारत–जर्मनी रिश्तों को नई गति: गांधीनगर में मोदी–मर्ज की वार्ता, रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति
नेशनल न्यूज
द्विपक्षीय बैठक के बाद पीएम मोदी बोले— भारत-जर्मनी भरोसेमंद सहयोगी; कूटनीति के साथ संस्कृति का संदेश देते हुए दोनों नेताओं ने पतंग उड़ाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच आज गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक में भारत–जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देने, निवेश, रक्षा, शिक्षा, हरित ऊर्जा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी करीबी और भरोसेमंद साझेदार हैं, जिसका प्रमाण है कि आज भारत में 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां सक्रिय हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच हुए नए समझौते (एमओयू) औद्योगिक सहयोग, रक्षा व्यापार और उच्च शिक्षा को नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी लगभग हर क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं और यह साझेदारी न केवल दोनों देशों, बल्कि वैश्विक स्थिरता और विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। रक्षा क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए चांसलर मर्ज की पहल की भी पीएम ने सराहना की।
वार्ता के दौरान वैश्विक चुनौतियों, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार और शांतिपूर्ण समाधान के प्रति साझा दृष्टिकोण पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत विवादों के समाधान में संवाद और कूटनीति का समर्थक रहा है। वहीं, उच्च शिक्षा पर बने रोडमैप को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने का खुला आमंत्रण दिया।
द्विपक्षीय बैठक से पहले दोनों नेताओं ने अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने आश्रम की अतिथि पुस्तिका में लिखा कि गांधी के अहिंसा, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के विचार आज के समय में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में शामिल होकर साथ में पतंग उड़ाई। यह दृश्य भारत–जर्मनी की दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक बना।
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और जर्मनी अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि जर्मनी की यह सक्रिय भागीदारी यूरोप में भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका को भी दर्शाती है। मजबूत व्यापारिक संबंध, बढ़ता निवेश और रक्षा सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊर्जा दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का तीन दिवसीय गुजरात दौरा सोमवार को समाप्त हो गया। वे दोपहर बाद दिल्ली के लिए रवाना हुए। यह दौरा न केवल घरेलू कार्यक्रमों, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
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