नए साल के पहले दिन करें ये 6 काम, पूरे वर्ष बनी रह सकती है सकारात्मकता

धर्म डेस्क

On

नववर्ष 2026 की शुरुआत पर अपनाई गई छोटी आदतें सालभर के माहौल, सोच और दिनचर्या पर गहरा असर डाल सकती हैं

आज से नववर्ष 2026 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। देशभर में लोग नए साल को उम्मीदों, संकल्पों और नई योजनाओं के साथ शुरू कर रहे हैं। ऐसे में यह सवाल आम है कि साल के पहले दिन क्या किया जाए, जिससे आने वाले महीने सकारात्मक और संतुलित रहें। परंपराओं और व्यवहारिक अनुभवों के अनुसार, वर्ष का पहला दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि सोच और दिनचर्या को सही दिशा देने का अवसर भी माना जाता है।

विशेषज्ञों और सामाजिक मान्यताओं के अनुसार, नए साल के पहले दिन घर का वातावरण शांत और सहज रखना महत्वपूर्ण होता है। अनावश्यक बहस, ऊंची आवाज़ या तनावपूर्ण बातचीत से बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि पहले दिन की मानसिक स्थिति पूरे वर्ष की ऊर्जा को प्रभावित करती है। हल्का संगीत, भजन या शांत वातावरण घर में संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

इसी तरह, भाषा और व्यवहार पर संयम रखने को भी अहम माना गया है। गुस्सा, कटु शब्द और शिकायतें न केवल रिश्तों पर असर डालती हैं, बल्कि व्यक्ति की खुद की मानसिक स्थिति को भी अस्थिर करती हैं। नए साल के पहले दिन संयमित और सकारात्मक भाषा अपनाना एक प्रतीकात्मक शुरुआत मानी जाती है।

सुबह की शुरुआत को लेकर भी विशेष ध्यान देने की परंपरा है। देर रात तक जागने के बावजूद, साल के पहले दिन सुबह उठकर कुछ समय शांति में बिताने को लाभकारी माना जाता है। सूर्य को जल अर्पित करना या कुछ मिनट खुले वातावरण में खड़े रहना दिन की दिशा तय करने में मदद करता है। यह आदत अनुशासन और जागरूकता से जुड़ी मानी जाती है।

धार्मिक और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार, नए साल की पूजा या प्रार्थना में केवल व्यक्तिगत आस्था ही नहीं, बल्कि परिवार और पूर्वजों से जुड़े भावनात्मक संबंधों को भी स्मरण किया जाता है। माना जाता है कि इससे व्यक्ति को मानसिक स्थिरता और भावनात्मक संतुलन मिलता है।

घर के पूजा स्थल और आसपास की साफ-सफाई को भी नए साल से जोड़ा जाता है। स्वच्छ स्थान, साफ पानी और व्यवस्थित वातावरण मन को एकाग्र करने में सहायक होते हैं। यदि स्वयं पाठ या मंत्र करना संभव न हो, तो शांत भाव से सुनना भी पर्याप्त माना जाता है।

इसके अलावा, घर में सूखे पौधे या खाली गमले हटाने की सलाह दी जाती है। इन्हें ठहराव और रुकी हुई स्थिति का प्रतीक माना जाता है। उनकी जगह हरे-भरे पौधे लगाना ताजगी, विकास और सकारात्मक बदलाव का संकेत समझा जाता है।कुल मिलाकर, नववर्ष 2026 का पहला दिन बड़े नियमों से नहीं, बल्कि छोटे और जागरूक कदमों से खास बनाया जा सकता है।

--------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

खबरें और भी हैं

बिलासपुर नगर निगम में 14 लाख का टैक्स घोटाला, जोन-2 के RI रामनारायण देवांगन निलंबित

टाप न्यूज

बिलासपुर नगर निगम में 14 लाख का टैक्स घोटाला, जोन-2 के RI रामनारायण देवांगन निलंबित

आंतरिक ऑडिट में खुलासा, निगम आयुक्त के आदेश पर कार्रवाई; बकाया वसूली नहीं होने पर FIR के निर्देश
छत्तीसगढ़ 
बिलासपुर नगर निगम में 14 लाख का टैक्स घोटाला, जोन-2 के RI रामनारायण देवांगन निलंबित

जबलपुर में न्यू ईयर पर शराब के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन: बोतलें तोड़ीं, सड़क पर बहाई शराब

सिहोरा क्षेत्र के तीन गांवों में अवैध शराब के विरोध में सड़क पर उतरीं महिलाएं, पुलिस-प्रशासन को बड़े आंदोलन की...
मध्य प्रदेश 
जबलपुर में न्यू ईयर पर शराब के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन: बोतलें तोड़ीं, सड़क पर बहाई शराब

नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट आंशिक रूप से लागू: 50 साल बाद खेल प्रशासन सुधार की बड़ी शुरुआत

नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड और ट्रिब्यूनल के गठन की प्रक्रिया शुरू, खेल संघों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकस
स्पोर्ट्स 
नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट आंशिक रूप से लागू: 50 साल बाद खेल प्रशासन सुधार की बड़ी शुरुआत

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 63 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, आज से लागू नई समय-सारिणी

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का दावा—एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों में 5 से 25 मिनट तक की समय बचत
छत्तीसगढ़  टॉप न्यूज़ 
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 63 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, आज से लागू नई समय-सारिणी

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software