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सोमवती अमावस्या 2025 कब है? जानिए स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और खास महत्व
Dharm desk
सोमवती अमावस्या वह पावन दिन होता है जब अमावस्या की तिथि सोमवार के दिन पड़ती है। यह दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है क्योंकि ऐसा दुर्लभ अवसर बहुत कम ही आता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि, पितरों की शांति तथा सभी ग्रह दोषों का निवारण होता है।
इस बार सोमवती अमावस्या 2025 ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर पड़ रही है, जो 26 मई 2025 को प्रारंभ होकर 27 मई की शाम तक रहेगी। इस शुभ अवसर पर श्रद्धालु विशेष स्नान, पूजा और दान करने के लिए तैयार रहते हैं।
सोमवती अमावस्या का शुभ स्नान-दान मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त हैं:
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प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:03 बजे से लेकर 4:44 बजे तक
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दूसरा मुहूर्त: सुबह 4:24 बजे से लेकर 5:25 बजे तक
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अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक
इन मुहूर्तों में स्नान और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
सोमवती अमावस्या पर क्या दान करें?
इस पावन दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए वस्त्र, मिठाई, भोजन, चावल, दूध, मिश्री, चीनी या सफेद रंग की वस्तुएं दान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन या अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करना पुण्य और शुभ फलदायक होता है।
सोमवती अमावस्या का आध्यात्मिक महत्व
सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है और जब वह दिन अमावस्या से भी मेल खाता है, तो इसका आध्यात्मिक प्रभाव दोगुना हो जाता है। इस दिन किए गए उपाय और दान से न केवल पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि मनुष्य के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव और उन्नति होती है।
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सोमवती अमावस्या 2025 कब है? जानिए स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और खास महत्व
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इस बार सोमवती अमावस्या 2025 ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर पड़ रही है, जो 26 मई 2025 को प्रारंभ होकर 27 मई की शाम तक रहेगी। इस शुभ अवसर पर श्रद्धालु विशेष स्नान, पूजा और दान करने के लिए तैयार रहते हैं।
सोमवती अमावस्या का शुभ स्नान-दान मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त हैं:
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प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:03 बजे से लेकर 4:44 बजे तक
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दूसरा मुहूर्त: सुबह 4:24 बजे से लेकर 5:25 बजे तक
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अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक
इन मुहूर्तों में स्नान और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
सोमवती अमावस्या पर क्या दान करें?
इस पावन दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए वस्त्र, मिठाई, भोजन, चावल, दूध, मिश्री, चीनी या सफेद रंग की वस्तुएं दान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन या अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करना पुण्य और शुभ फलदायक होता है।
सोमवती अमावस्या का आध्यात्मिक महत्व
सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है और जब वह दिन अमावस्या से भी मेल खाता है, तो इसका आध्यात्मिक प्रभाव दोगुना हो जाता है। इस दिन किए गए उपाय और दान से न केवल पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि मनुष्य के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव और उन्नति होती है।
