गुरुवार के उपाय: हर सप्ताह अपनाएं ये साधारण तरीके, आर्थिक स्थिति और भाग्य में आ सकता है सकारात्मक बदलाव

धर्म डेस्क।

On

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार को किए गए कुछ नियमित उपाय मानसिक शांति, स्थिरता और आर्थिक संतुलन में सहायक माने जाते हैं

हिंदू धार्मिक परंपराओं में गुरुवार का दिन विशेष स्थान रखता है। यह दिन ज्ञान, धर्म और संतुलन का प्रतीक माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार गुरुवार को किए गए कुछ नियमित और सरल उपाय व्यक्ति के जीवन में स्थिरता, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। खासतौर पर आर्थिक दबाव, कार्यों में रुकावट और मानसिक असंतुलन से जूझ रहे लोगों के लिए यह दिन आत्ममंथन और अनुशासन का अवसर माना जाता है।

धार्मिक दृष्टि से गुरुवार को संयम और सात्विकता अपनाने पर जोर दिया जाता है। इस दिन सुबह स्वच्छता के बाद हल्के रंग के वस्त्र पहनना और दिन की शुरुआत शांत मन से करना शुभ माना जाता है। कई परंपराओं में दूध से जुड़े उपायों का उल्लेख मिलता है। जैसे, इस दिन दूध में केसर या हल्दी मिलाकर सेवन करना मन और शरीर दोनों के लिए लाभकारी माना जाता है। यह आदत अनुशासन और सकारात्मक दिनचर्या को बढ़ावा देती है।

घर के वातावरण को लेकर भी गुरुवार को कुछ परंपरागत उपाय बताए जाते हैं। मान्यता है कि जल में हल्दी या गंगाजल मिलाकर घर के मुख्य द्वार पर हल्का छिड़काव करने से वातावरण में स्वच्छता और सकारात्मकता बनी रहती है। यह प्रक्रिया प्रतीकात्मक रूप से नकारात्मक विचारों को दूर रखने और घर में शांति बनाए रखने से जुड़ी मानी जाती है।

ध्यान और मंत्र जाप को भी गुरुवार के दिन विशेष महत्व दिया जाता है। शांत स्थान पर बैठकर किसी एक मंत्र का नियमित जप करना एकाग्रता बढ़ाने में सहायक हो सकता है। यह अभ्यास न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी उपयोगी माना जाता है। नियमित मंत्र जाप से व्यक्ति में धैर्य और आत्मविश्वास विकसित होता है, जो निर्णय लेने में मदद करता है।

सेवा और दान को गुरुवार के साथ जोड़कर देखा जाता है। इस दिन जरूरतमंदों या पशुओं को भोजन कराना करुणा और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। विशेष रूप से गाय को अन्न या गुड़ खिलाने की परंपरा कई क्षेत्रों में प्रचलित है, जिसे संतुलन और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है।

वहीं, कुछ बातों से परहेज करने की सलाह भी दी जाती है। मान्यताओं के अनुसार गुरुवार को उधार लेन-देन, विशेष रूप से धन या पीली वस्तुओं का लेन-देन, टालना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा इस दिन घर में भारी सफाई या पोछा लगाने से बचने की परंपरा भी कई जगह देखने को मिलती है।

कुल मिलाकर, गुरुवार से जुड़े ये उपाय आस्था और अनुशासन पर आधारित हैं। इन्हें अपनाने का उद्देश्य जीवन में संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मनियंत्रण को बढ़ावा देना माना जाता है।

--------------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

खबरें और भी हैं

बिलासपुर नगर निगम में 14 लाख का टैक्स घोटाला, जोन-2 के RI रामनारायण देवांगन निलंबित

टाप न्यूज

बिलासपुर नगर निगम में 14 लाख का टैक्स घोटाला, जोन-2 के RI रामनारायण देवांगन निलंबित

आंतरिक ऑडिट में खुलासा, निगम आयुक्त के आदेश पर कार्रवाई; बकाया वसूली नहीं होने पर FIR के निर्देश
छत्तीसगढ़ 
बिलासपुर नगर निगम में 14 लाख का टैक्स घोटाला, जोन-2 के RI रामनारायण देवांगन निलंबित

जबलपुर में न्यू ईयर पर शराब के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन: बोतलें तोड़ीं, सड़क पर बहाई शराब

सिहोरा क्षेत्र के तीन गांवों में अवैध शराब के विरोध में सड़क पर उतरीं महिलाएं, पुलिस-प्रशासन को बड़े आंदोलन की...
मध्य प्रदेश 
जबलपुर में न्यू ईयर पर शराब के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन: बोतलें तोड़ीं, सड़क पर बहाई शराब

नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट आंशिक रूप से लागू: 50 साल बाद खेल प्रशासन सुधार की बड़ी शुरुआत

नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड और ट्रिब्यूनल के गठन की प्रक्रिया शुरू, खेल संघों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकस
स्पोर्ट्स 
नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट आंशिक रूप से लागू: 50 साल बाद खेल प्रशासन सुधार की बड़ी शुरुआत

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 63 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, आज से लागू नई समय-सारिणी

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का दावा—एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों में 5 से 25 मिनट तक की समय बचत
छत्तीसगढ़  टॉप न्यूज़ 
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 63 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, आज से लागू नई समय-सारिणी

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software