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बिजनौर: मामी के इश्क में अंधे भांजे ने कर दी मामा की निर्मम हत्या
Satyakatha
सऊदी अरब में मेहनत-मशक्कत कर परिवार के सपनों को संजोने निकला एक शौहर शायद ही जानता था कि उसकी गैरमौजूदगी में उसकी पत्नी किसी और की बाहों में सुकून ढूंढ़ रही है—और वो भी अपने ही भांजे की। मोहब्बत के इस घिनौने खेल ने एक निर्दोष की जान ले ली और पूरा मोहल्ला सनसनी से कांप उठा।
शाम की सनसनी: जंगल में गूंजी गोलियों की आवाज
किरतपुर थाना क्षेत्र के असगरपुर जंगल से सटे खेतों में शाम के समय किसान घर लौटने की तैयारी में थे कि तभी तीन गोली चलने की आवाज ने सबको चौंका दिया। कुछ ही देर बाद जंगल से दो युवक मोटरसाइकिल पर तेज़ी से निकलते देखे गए। खास बात यह रही कि आते समय तीन युवक जंगल की ओर गए थे, लौटे सिर्फ दो।
किसानों ने मामला संदिग्ध देख तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जंगल में एक युवक की लाश बरामद की, जिसे दो गोलियां मारी गई थीं और चेहरा पत्थर से बुरी तरह कुचला गया था।

पहचान खुली तो उड़े होश
मृतक की पहचान मोहल्ला ढोलकियान निवासी 35 वर्षीय फारूख के रूप में हुई, जो कुछ साल पहले तक सऊदी अरब में नौकरी करता था और हाल ही में भारत लौटा था। पूछताछ में सामने आया कि हत्या से पहले फारूख को उसके ही भांजे मेहरबान और उसके दोस्त उमर अपने साथ बाइक पर लेकर निकले थे।
गिरफ्तारी के बाद खुला राज
पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की तो मेहरबान और उमर ने पुलिस पर ही गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में मेहरबान के पैर में गोली लगी, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ—इस हत्या की साजिश खुद मृतक की पत्नी शबनम ने रची थी।
शौहर की गैरहाजिरी में रिश्तों की हदें पार
शबनम और फारूख की शादी 7 साल पहले हुई थी, दो बच्चे भी हैं। फारूख रोज़गार के लिए सऊदी चला गया तो शबनम अकेली पड़ गई। पड़ोस में रहने वाला भांजा मेहरबान धीरे-धीरे उसके नजदीक आ गया। दोनों के बीच नाजायज़ संबंध बन गए जो मोहल्ले में चर्चा का विषय बनने लगे।
जब यह बात फारूख के कानों तक पहुंची, तो उसने शबनम को सऊदी बुलाने की कोशिश की, लेकिन वह जाने को तैयार नहीं हुई। अंततः फारूख खुद भारत लौट आया और यहीं काम पर लग गया।
अवैध रिश्ते का जुनून बना जानलेवा
शबनम को यह रास नहीं आया कि अब उसका पति हर वक़्त घर पर है। जब छुप-छुपकर मिलना मुश्किल हो गया और बेटे ने मेहरबान को घर में देख लिया, तो फारूख ने पत्नी की जमकर पिटाई की और मेहरबान को घर आने से मना कर दिया। इसके बाद शबनम ने फैसला किया कि अब फारूख को हमेशा के लिए रास्ते से हटा देना है।
मामी ने दी सोने की अंगूठी, भांजे ने खरीदा तमंचा
पुलिस पूछताछ में मेहरबान ने बताया कि मामी ने खुद ही उसे तमंचा खरीदने के लिए अपनी सोने की अंगूठी दी थी। 28 अप्रैल को दोनों आरोपियों ने फारूख को असगरपुर जंगल में शराब के बहाने बुलाया और वहीं उसे गोली मार दी। पहचान न हो, इसलिए चेहरा पत्थरों से कुचल दिया।
सीसीटीवी बना गवाह, पकड़ में आए हत्यारे
किसानों द्वारा दी गई जानकारी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने मामले को सुलझा लिया। कैमरे में तीन लोगों को जंगल जाते और दो को वापस आते देखा गया था, जिससे संदेह की दिशा पुख्ता हुई।
मामी का इरादा: शौहर की जगह भांजे को बनाना था हमसफ़र
जांच में खुलासा हुआ कि शबनम अब भांजे मेहरबान के साथ ही रहना चाहती थी। इसी जुनून में उसने पति की हत्या की योजना बनाई और अंजाम तक पहुंचाया। लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं और मोहब्बत के नाम पर की गई यह खौफनाक साजिश बेनकाब हो गई।
नोट: इस स्टोरी में सभी नाम बदले गए हैं।
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बिजनौर: मामी के इश्क में अंधे भांजे ने कर दी मामा की निर्मम हत्या
Satyakatha
शाम की सनसनी: जंगल में गूंजी गोलियों की आवाज
किरतपुर थाना क्षेत्र के असगरपुर जंगल से सटे खेतों में शाम के समय किसान घर लौटने की तैयारी में थे कि तभी तीन गोली चलने की आवाज ने सबको चौंका दिया। कुछ ही देर बाद जंगल से दो युवक मोटरसाइकिल पर तेज़ी से निकलते देखे गए। खास बात यह रही कि आते समय तीन युवक जंगल की ओर गए थे, लौटे सिर्फ दो।
किसानों ने मामला संदिग्ध देख तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जंगल में एक युवक की लाश बरामद की, जिसे दो गोलियां मारी गई थीं और चेहरा पत्थर से बुरी तरह कुचला गया था।

पहचान खुली तो उड़े होश
मृतक की पहचान मोहल्ला ढोलकियान निवासी 35 वर्षीय फारूख के रूप में हुई, जो कुछ साल पहले तक सऊदी अरब में नौकरी करता था और हाल ही में भारत लौटा था। पूछताछ में सामने आया कि हत्या से पहले फारूख को उसके ही भांजे मेहरबान और उसके दोस्त उमर अपने साथ बाइक पर लेकर निकले थे।
गिरफ्तारी के बाद खुला राज
पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की तो मेहरबान और उमर ने पुलिस पर ही गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में मेहरबान के पैर में गोली लगी, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ—इस हत्या की साजिश खुद मृतक की पत्नी शबनम ने रची थी।
शौहर की गैरहाजिरी में रिश्तों की हदें पार
शबनम और फारूख की शादी 7 साल पहले हुई थी, दो बच्चे भी हैं। फारूख रोज़गार के लिए सऊदी चला गया तो शबनम अकेली पड़ गई। पड़ोस में रहने वाला भांजा मेहरबान धीरे-धीरे उसके नजदीक आ गया। दोनों के बीच नाजायज़ संबंध बन गए जो मोहल्ले में चर्चा का विषय बनने लगे।
जब यह बात फारूख के कानों तक पहुंची, तो उसने शबनम को सऊदी बुलाने की कोशिश की, लेकिन वह जाने को तैयार नहीं हुई। अंततः फारूख खुद भारत लौट आया और यहीं काम पर लग गया।
अवैध रिश्ते का जुनून बना जानलेवा
शबनम को यह रास नहीं आया कि अब उसका पति हर वक़्त घर पर है। जब छुप-छुपकर मिलना मुश्किल हो गया और बेटे ने मेहरबान को घर में देख लिया, तो फारूख ने पत्नी की जमकर पिटाई की और मेहरबान को घर आने से मना कर दिया। इसके बाद शबनम ने फैसला किया कि अब फारूख को हमेशा के लिए रास्ते से हटा देना है।
मामी ने दी सोने की अंगूठी, भांजे ने खरीदा तमंचा
पुलिस पूछताछ में मेहरबान ने बताया कि मामी ने खुद ही उसे तमंचा खरीदने के लिए अपनी सोने की अंगूठी दी थी। 28 अप्रैल को दोनों आरोपियों ने फारूख को असगरपुर जंगल में शराब के बहाने बुलाया और वहीं उसे गोली मार दी। पहचान न हो, इसलिए चेहरा पत्थरों से कुचल दिया।
सीसीटीवी बना गवाह, पकड़ में आए हत्यारे
किसानों द्वारा दी गई जानकारी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने मामले को सुलझा लिया। कैमरे में तीन लोगों को जंगल जाते और दो को वापस आते देखा गया था, जिससे संदेह की दिशा पुख्ता हुई।
मामी का इरादा: शौहर की जगह भांजे को बनाना था हमसफ़र
जांच में खुलासा हुआ कि शबनम अब भांजे मेहरबान के साथ ही रहना चाहती थी। इसी जुनून में उसने पति की हत्या की योजना बनाई और अंजाम तक पहुंचाया। लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं और मोहब्बत के नाम पर की गई यह खौफनाक साजिश बेनकाब हो गई।
नोट: इस स्टोरी में सभी नाम बदले गए हैं।
