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फर्जी इनवॉइस से 14 करोड़ की GST चोरी: रायपुर में DGGI की बड़ी कार्रवाई, कारोबारी संतोष वाधवानी गिरफ्तार
रायपुर (छ.ग.)
DGGI रायपुर जोन ने 80 करोड़ के फर्जी बिलों के जरिए अवैध ITC लेने का किया खुलासा; CGST एक्ट की धारा 69 के तहत गिरफ्तारी, आरोपी जेल भेजा गया
वस्तु एवं सेवा कर (GST) चोरी के एक बड़े मामले में DGGI (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस) रायपुर जोनल यूनिट ने सख्त कार्रवाई करते हुए कारोबारी संतोष वाधवानी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी ने फर्जी इनवॉइस के जरिए करीब ₹14 करोड़ की GST चोरी की। यह गिरफ्तारी 29 जनवरी की रात करीब 9 बजे रायपुर से की गई।
80 करोड़ के फर्जी इनवॉइस का नेटवर्क
DGGI की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संतोष वाधवानी ने अपने बेटे के नाम पर पंजीकृत फर्म मेसर्स विजय लक्ष्मी ट्रेड कंपनी के जरिए बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग की। बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति किए करीब ₹80 करोड़ के इनवॉइस जारी किए गए, जिनके आधार पर गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया गया। इससे सरकारी राजस्व को लगभग ₹14 करोड़ का नुकसान हुआ।
डेटा एनालिटिक्स से खुली पोल
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई खुफिया इनपुट और एडवांस डेटा एनालिटिक्स के आधार पर की गई। जांच के दौरान बैंक खातों के स्टेटमेंट, ई-वे बिल डेटा और वित्तीय लेन-देन का गहन विश्लेषण किया गया। इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट हो गया कि बिलिंग केवल कागजों तक सीमित थी और किसी तरह की वास्तविक कारोबारी गतिविधि नहीं हुई थी।
CGST एक्ट के तहत गिरफ्तारी
आरोपी को CGST अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया गया है। यह अपराध धारा 132 के अंतर्गत दंडनीय है, जिसमें जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। गिरफ्तारी के बाद संतोष वाधवानी को रायपुर जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में रायपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
DGGI का सख्त संदेश
DGGI रायपुर जोनल यूनिट ने स्पष्ट किया है कि GST चोरी और फर्जी इनवॉइस के मामलों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। विभाग ने व्यापारियों से GST कानूनों का ईमानदारी से पालन करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि फर्जी बिलिंग या अवैध ITC लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
फर्जी इनवॉइस क्या है और सजा क्या?
फर्जी इनवॉइस वह बिल होता है, जिसमें बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के केवल टैक्स लाभ लेने के उद्देश्य से कागजी लेन-देन दिखाया जाता है। GST कानून के तहत यह गंभीर अपराध है। यदि टैक्स चोरी की राशि ₹5 करोड़ से अधिक हो, तो आरोपी को 5 साल तक की जेल, गैर-जमानती गिरफ्तारी और चोरी की गई रकम के बराबर या उससे अधिक जुर्माने का प्रावधान है।
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