- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- रायपुर डबल मर्डर केस: करोड़पति कारोबारी ने भाई की गोली मारकर हत्या की, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
रायपुर डबल मर्डर केस: करोड़पति कारोबारी ने भाई की गोली मारकर हत्या की, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
रायपुर (छ.ग.)
दो साल पुराने सनसनीखेज हत्याकांड में बड़ा भाई दोषी करार, अवैध पिस्टल रखने का आरोप भी साबित
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दो साल पहले हुए चर्चित भाई-भाई हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करोड़पति कारोबारी पीयूष झा द्वारा अपने छोटे भाई पराग झा की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, अवैध हथियार रखने के आरोप भी न्यायालय में सिद्ध हो गए। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक बसंत गोड़ ने मामले की पैरवी की।
यह मामला 25 फरवरी 2024 की रात का है। पुलिस को देर रात सूचना मिली थी कि सफायर ग्रीन फेज-2 कॉलोनी स्थित एक घर में कारोबारी ने अपने ही भाई की गोली मारकर हत्या कर दी है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को घर के एक कमरे में पराग झा का खून से सना शव मिला था। सिर में गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी पीयूष झा अपने छोटे भाई पराग के साथ ही रहता था और दोनों मिलकर ड्रोन निर्माण से जुड़ी कंपनी चला रहे थे। घटना की रात दोनों भाइयों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। अभियोजन के अनुसार, विवाद के दौरान पीयूष ने अलमारी में रखी पिस्टल निकाली और पराग पर तीन गोलियां चला दीं।
हत्या के बाद आरोपी ने अपनी मां को वीडियो कॉल कर घटना की जानकारी दी और शव दिखाया। इसके बाद वह पिस्टल लेकर कार से शहर में घूमता रहा। मां की सूचना पर पुलिस ने तुरंत नाकेबंदी की और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को डीडीनगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। मौके से हत्या में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल भी बरामद की गई, जिसका कोई लाइसेंस नहीं था।
पुलिस पूछताछ में पीयूष ने हत्या की बात कबूल की थी। उसने बताया कि वह निजी जीवन में तनाव से गुजर रहा था। उसकी शादी टूट चुकी थी और कारोबार में भी दबाव बढ़ रहा था। शराब की लत के कारण आए दिन भाई से विवाद होता था। घटना की रात भी शराब के नशे में बहस बढ़ी और गुस्से में उसने यह कदम उठा लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि पीयूष झा एक पढ़ा-लिखा कारोबारी था। उसने एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और कुछ ही सालों में ड्रोन स्टार्टअप को करोड़ों के कारोबार तक पहुंचाया था। उसकी कंपनी को रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों से भी काम मिला हुआ था।
अदालत ने सभी साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला केवल पारिवारिक विवाद का नहीं, बल्कि अवैध हथियार और क्रूरता का भी है। इसी आधार पर पीयूष झा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
यह फैसला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि पारिवारिक तनाव, नशा और गुस्से पर नियंत्रण न होने से कैसे रिश्ते और जिंदगी दोनों तबाह हो सकते हैं।
-----------------------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
