नए साल की शुरुआत के साथ ही भोपाल रेल मंडल से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। रेलवे ने 1 जनवरी से भोपाल, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्टेशनों से आने-जाने वाली कुल 26 ट्रेनों की समय-सारणी में आंशिक परिवर्तन किया है। इस बदलाव के तहत कुछ ट्रेनों के प्रस्थान और आगमन समय में 5 से 15 मिनट तक का अंतर होगा। भोपाल-इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस अब अपने तय समय से 10 मिनट देरी से रवाना होगी।
पश्चिम मध्य रेलवे ने नई समय-सारणी जारी करते हुए बताया कि यह बदलाव ट्रेनों की औसत गति बढ़ाने और परिचालन को अधिक सुचारू बनाने के उद्देश्य से किया गया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के अनुसार, नए शेड्यूल से कई गाड़ियों में “स्पीडिंग अप” किया गया है, जिससे कुल यात्रा समय में बचत होगी। रेलवे का दावा है कि इससे समय पालन में सुधार आएगा और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
यह नई समय-सारणी 1 जनवरी से प्रभावी होगी। इसका असर भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति स्टेशन और संत हिरदाराम नगर स्टेशन से चलने व गुजरने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा। जयपुर, जोधपुर, रीवा, अगरतला, ग्वालियर, बिलासपुर, बीना, कोटा, मैसूर, दरभंगा, दिल्ली, कन्याकुमारी, पटना और प्रयागराज जैसे प्रमुख रूट इससे प्रभावित होंगे।
रेलवे के अनुसार, भोपाल-रीवा एक्सप्रेस अब रात 11:05 के बजाय 11:00 बजे रवाना होगी। भोपाल-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस शाम 5:00 के स्थान पर 5:10 बजे चलेगी। रानी कमलापति-पुणे एक्सप्रेस का प्रस्थान समय 10 मिनट पहले किया गया है। वहीं, बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस अब शाम 5:18 के बजाय 5:00 बजे भोपाल पहुंचेगी। कई ट्रेनों के मध्यवर्ती स्टेशनों, खासकर इटारसी और बीना, पर आगमन-प्रस्थान समय में भी संशोधन किया गया है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपडेटेड समय-सारणी अवश्य जांच लें। नई टाइमिंग की जानकारी स्टेशन पूछताछ केंद्र, अधिकृत रेलवे वेबसाइट, मोबाइल ऐप या रेल मदद हेल्पलाइन 139 के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। इससे असुविधा और भ्रम से बचा जा सकेगा।
इसी के साथ 1 जनवरी से एक और महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू होगी। भोपाल मंडल में अब ट्रेनों का पहला आरक्षण चार्ट प्रस्थान समय से 10 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाली ट्रेनों का चार्ट एक दिन पहले रात 8 बजे तक जारी हो जाएगा। रेलवे का कहना है कि इससे प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को समय रहते वैकल्पिक निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव से यात्रियों को बार-बार स्टेशन आने की जरूरत कम होगी और लंबी दूरी की यात्राओं में अनिश्चितता घटेगी। आने वाले दिनों में यात्री फीडबैक के आधार पर समय-सारणी में और सुधार भी किए जा सकते हैं।
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