- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- मकर संक्रांति पर मध्यप्रदेश में साफ आसमान, ग्वालियर-चंबल में ठिठुरन बरकरार
मकर संक्रांति पर मध्यप्रदेश में साफ आसमान, ग्वालियर-चंबल में ठिठुरन बरकरार
Bhopal, MP
मकर संक्रांति के मौके पर मध्यप्रदेश के अधिकतर जिलों में मौसम शुष्क और साफ रहने वाला है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में दिन में तेज धूप खिलने की संभावना है, जिससे पर्व पर पतंगबाजी और धार्मिक आयोजनों में मौसम बाधा नहीं बनेगा। हालांकि रात और सुबह के समय सर्दी का असर कायम रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में मध्यम स्तर का कोहरा देखा गया। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, देवास और सीहोर समेत कई जिलों में दृश्यता 2 से 4 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई।
उत्तर मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड
प्रदेश के उत्तरी इलाके फिलहाल सबसे ज्यादा ठंड की चपेट में हैं। यहां उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण तापमान लगातार नीचे बना हुआ है। हाल ही में ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, नौगांव में 5.5, चित्रकूट में 5.3 और कटनी के करौंदी में 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी, खजुराहो, दतिया और रीवा में भी पारा 6 से 7 डिग्री के आसपास रहा।
कोहरे से रेल यातायात प्रभावित
लगातार पड़ रहे घने कोहरे का असर ट्रेनों पर भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली की ओर से आने वाली मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल, जनशताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं।
15 जनवरी के बाद बदल सकता है मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 2–3 दिन बाद मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बादल और हल्की बारिश (मावठा) की संभावना बन सकती है।
जनवरी क्यों होती है सबसे ठंडी?
मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर और जनवरी में उत्तर भारत से ठंडी हवाएं सबसे ज्यादा सक्रिय रहती हैं। इसी वजह से इन महीनों में तापमान तेजी से गिरता है, घना कोहरा छाता है और कई बार पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश भी होती है।
