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बालाघाट में पूर्व मंत्री से जुड़ी कंस्ट्रक्शन फर्मों पर GST का शिकंजा, एंटी इवेजन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई
Jabalpur, MP
जबलपुर से आई दो टीमों ने हर्ष कंस्ट्रक्शन और वैनगंगा कंस्ट्रक्शन में देर रात तक खंगाले दस्तावेज, टैक्स चोरी की आशंका
मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में गुरुवार देर रात जीएसटी विभाग की एंटी इवेजन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कंस्ट्रक्शन फर्मों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई जबलपुर से आई एंटी इवेजन ब्यूरो की दो अलग-अलग टीमों ने की। जिन फर्मों पर जांच हुई, उनमें हर्ष कंस्ट्रक्शन और वैनगंगा कंस्ट्रक्शन शामिल हैं। हर्ष कंस्ट्रक्शन का संबंध पूर्व मंत्री और वर्तमान भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे से बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एंटी इवेजन ब्यूरो की टीमों ने बालाघाट शहर स्थित दोनों फर्मों के कार्यालयों में देर रात तक डेरा डाले रखा। अधिकारियों ने जीएसटी से संबंधित बिल, रजिस्टर, खरीद-बिक्री के दस्तावेज, बैंक लेन-देन और टैक्स रिटर्न की गहन जांच की। कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी गई और अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी।
इस पूरी जांच का नेतृत्व जबलपुर एंटी इवेजन ब्यूरो के कर अधिकारी रविंद्र सनोडिया और ब्रजेंद्र सिंह ने किया। दोनों टीमों में एक दर्जन से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे, जिन्होंने अलग-अलग दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी टैक्स चोरी से जुड़े ठोस इनपुट मिलने के बाद की गई है।
अधिकारियों ने अनौपचारिक बातचीत में इतना स्पष्ट किया कि जांच का दायरा पूरी तरह जीएसटी अनुपालन और टैक्स भुगतान से जुड़ा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितनी राशि की टैक्स चोरी या अनियमितता सामने आई है। विभागीय नियमों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
जानकारों का कहना है कि एंटी इवेजन ब्यूरो आमतौर पर तभी इस तरह की समन्वित कार्रवाई करता है, जब किसी फर्म के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं या फर्जी बिलिंग की आशंका होती है। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में इनपुट टैक्स क्रेडिट और कार्य लागत को लेकर पहले भी कई मामलों में गड़बड़ियां सामने आती रही हैं।
मामला सत्ताधारी दल के एक प्रभावशाली नेता से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दल पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल यही कहा जा रहा है कि जांच प्रक्रिया नियमों के तहत जारी है और किसी को भी दोषी ठहराने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि की जाएगी।
फिलहाल दोनों फर्मों पर जांच जारी है। दस्तावेजों के विश्लेषण और मिलान के बाद आने वाले दिनों में इस मामले में आगे की कार्रवाई या संभावित नोटिस जारी किए जा सकते हैं। जांच के नतीजे यह तय करेंगे कि मामला सामान्य कर अनियमितताओं का है या किसी बड़े टैक्स घोटाले की ओर इशारा करता है।
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