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उमरिया टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार कांड: शव के टुकड़े कर बोर में छिपाए, दो और आरोपी गिरफ्तार
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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार के सनसनीखेज मामले में गुरुवार रात दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अब तक कुल सात लोगों को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने धरदबोचा है।
आरोपियों से बाघ के नाखून, दांत और अन्य अवशेष बरामद किए गए हैं, जिससे शिकार की पुष्टि हो चुकी है।
वन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बाघ का शिकार करने के बाद उसके शव को काटकर टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में स्थित एक बोर में छिपा दिया गया था। वहां से बाघ के कई अंगों के अवशेष बरामद कर लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
हरदुल बैगा के घर से मिले नाखून और दांत
मामले की शुरुआत 26 जुलाई को हुई जब टाइगर रिजर्व टीम को रोहनिया गांव में बाघ के अवैध अंगों की मौजूदगी की सूचना मिली। छापेमारी में हरदुल बैगा के घर से 13 नाखून, दो केनाइन दांत और छह सामान्य दांत जब्त किए गए। पूछताछ में हरदुल ने शिकार में अन्य लोगों की संलिप्तता की जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपियों में स्थानीय निवासी भी शामिल
इसके बाद कार्रवाई तेज करते हुए उमरिया वन अमले ने ओमप्रकाश सिंह, रामकृपाल सिंह, दशरथ वैदिक और रामभवन सिंह को गिरफ्तार किया। ताजा कार्रवाई में धमोखर परिक्षेत्र की टीम ने चेतराम अगरिया (27) और प्रभु बैगा (34) को पकड़ा है। दोनों आरोपी रोहनिया गांव के ही निवासी बताए गए हैं।
टीमें अब भी जांच में जुटी
धमोखर बफर परिक्षेत्र के अधिकारी सचिन सिंह ने बताया कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और आरोपियों के अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। टाइगर रिजर्व के मगधी और धमोखर परिक्षेत्र की टीमें संयुक्त रूप से पूरे मामले की छानबीन कर रही हैं।
वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से यह मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि बाघों की संख्या पहले से ही सीमित है और इस तरह की घटनाएं संरक्षण प्रयासों को सीधा नुकसान पहुंचाती हैं।