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शहडोल में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 70 जोड़ों का विवाह, सरकार बनी घराती और जनप्रतिनिधि बने बाराती
Shahdol
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के जयसिंहनगर में आज एक अद्वितीय और भावनात्मक विवाह समारोह का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत 70 जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हनुमान मंदिर प्रांगण में सात फेरे लिए। इस भव्य आयोजन में सरकारी अधिकारियों ने घराती की भूमिका निभाई, जबकि जनप्रतिनिधियों ने बाराती के रूप में सहभागिता की।
धूमधाम और परंपरा का संगम
सुबह से ही मंदिर प्रांगण में उत्सव जैसा माहौल था, जहां पारंपरिक वेशभूषा में सजे दूल्हे बैंड-बाजे के साथ बारात लेकर निकले। शहर की गलियां मंगल ध्वनियों से गूंज उठीं। इस बारात की अगुवाई की कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, जिला पंचायत के प्रभारी सीईओ नरेंद्र सिंह धुर्वे, एसडीएम प्रगति वर्मा, और तहसीलदार सुषमा धुर्वे ने। कार्यक्रम ने न सिर्फ पारंपरिक विवाह संस्कार की गरिमा को ऊंचाई दी, बल्कि सामाजिक समरसता और सरकारी संवेदनशीलता का बेहतरीन उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
सात फेरे और गृहस्थी उपहार
विवाह संस्कार के बाद मंच पर नवदम्पत्तियों को राज्य सरकार की ओर से 49,000 रुपये का गृहस्थी उपहार चेक सौंपे गए। इस अवसर पर माता-पिता की आंखों में कृतज्ञता और राहत के भाव स्पष्ट रूप से दिखे। यह विवाह सिर्फ एक परिवार का आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदना का उत्सव था।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: एक उम्मीद की किरण
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रदेश की उन हजारों बेटियों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बन चुकी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी बेटियों की शादी को गरिमा और सम्मान के साथ संपन्न करना चाहते हैं। इस योजना के तहत, सरकार ने अब तक कई बेटियों को उनका सम्मानजनक और समृद्ध भविष्य देने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
विधायक का भावुक संबोधन
कार्यक्रम में जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह ने भावुक होते हुए कहा, "प्रदेश सरकार अब बेटियों की शादी की जिम्मेदारी उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। अब किसी को कर्ज नहीं लेना पड़ेगा, न ही जमीन गिरवी रखनी पड़ेगी। वर पक्ष से बस ऑनलाइन आवेदन कीजिए, बाकी सब जिम्मेदारी हमारी।"
उपस्थित जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन
इस भव्य आयोजन में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभा मिश्रा, जनपद अध्यक्ष मालती सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष सुशीला शुक्ला, उपाध्यक्ष रक्षा शिबू सिंह, और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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Shahdol
धूमधाम और परंपरा का संगम
सुबह से ही मंदिर प्रांगण में उत्सव जैसा माहौल था, जहां पारंपरिक वेशभूषा में सजे दूल्हे बैंड-बाजे के साथ बारात लेकर निकले। शहर की गलियां मंगल ध्वनियों से गूंज उठीं। इस बारात की अगुवाई की कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, जिला पंचायत के प्रभारी सीईओ नरेंद्र सिंह धुर्वे, एसडीएम प्रगति वर्मा, और तहसीलदार सुषमा धुर्वे ने। कार्यक्रम ने न सिर्फ पारंपरिक विवाह संस्कार की गरिमा को ऊंचाई दी, बल्कि सामाजिक समरसता और सरकारी संवेदनशीलता का बेहतरीन उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
सात फेरे और गृहस्थी उपहार
विवाह संस्कार के बाद मंच पर नवदम्पत्तियों को राज्य सरकार की ओर से 49,000 रुपये का गृहस्थी उपहार चेक सौंपे गए। इस अवसर पर माता-पिता की आंखों में कृतज्ञता और राहत के भाव स्पष्ट रूप से दिखे। यह विवाह सिर्फ एक परिवार का आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदना का उत्सव था।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: एक उम्मीद की किरण
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रदेश की उन हजारों बेटियों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बन चुकी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी बेटियों की शादी को गरिमा और सम्मान के साथ संपन्न करना चाहते हैं। इस योजना के तहत, सरकार ने अब तक कई बेटियों को उनका सम्मानजनक और समृद्ध भविष्य देने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
विधायक का भावुक संबोधन
कार्यक्रम में जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह ने भावुक होते हुए कहा, "प्रदेश सरकार अब बेटियों की शादी की जिम्मेदारी उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। अब किसी को कर्ज नहीं लेना पड़ेगा, न ही जमीन गिरवी रखनी पड़ेगी। वर पक्ष से बस ऑनलाइन आवेदन कीजिए, बाकी सब जिम्मेदारी हमारी।"
उपस्थित जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन
इस भव्य आयोजन में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभा मिश्रा, जनपद अध्यक्ष मालती सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष सुशीला शुक्ला, उपाध्यक्ष रक्षा शिबू सिंह, और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
